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पाक में 'गृह युद्ध' आर्मी ने किया सिंध पुलिस चीफ का अपहरण, गोलीबारी में 10 पुलिस कर्मियों की मौत

पाक में गृह युद्ध आर्मी ने किया सिंध पुलिस चीफ का अपहरण, गोलीबारी में 10 पुलिस कर्मियों की मौत
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इस्लामाबाद। पाकिस्तान में सेना और इमरान सरकार के खिलाफ बगावत उग्र होती जा रही है। सिंध प्रांत की राजधानी कराची में पूर्व प्रधानमंत्री नावाज शरीफ के दामाद मोहम्मद सफ़दर की गिरफ्तारी बाद यहां 'गृह युद्ध' छिड़ने के हालात बन गए हैं। सिंध पुलिस ने ट्वीट कर आरोप लगाया है कि सफ़दर की गिरफ़्तारी के आदेश जारी कराने के लिए पाकिस्तान रेंजर्स के जवानों ने सिंध पुलिस चीफ को किडनैप कर लिया। इस बीच ट्विटर पर द इंटरनेशल हेराल्ड ने बताया कि 'सिंध पुलिस और पाकिस्तान सेना के बीच इस दौरान गोलीबारी भी हुई, जिसमें कराची के 10 पुलिस अधिकारियों की मौत हो गई। हालांकि पाकिस्तान के प्रमुख अखबार डॉन ने ऐसी कोई खबर नहीं दी है।

सिंध पुलिस ने ट्वीट कर कहा है कि 18/19 अक्टूबर की रात को सेना के जवानों ने आईजी सिंध को जबरदस्ती घर से उठा लिया और उन्हें मोहम्मद सफ़दर की गिरफ्तारी के आदेश पर दस्तखत करने के लिए मजबूर भी किया गया। पुलिस ने ट्वीट कर कहा है कि सिंध पुलिस इन व्यवहार से काफी आहत है जबकि आईजी ने विरोध दर्ज कराने के लिए अनिश्चितकालीन के लिए छुट्टी पर जाने का फैसला लिया है। इस ट्वीट के बाद पाकिस्तान के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा ने मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के दामाद मुहम्मद सफदर की गिरफ्तारी की जांच का आदेश दिया है। सफदर को सोमवार को कराची में उनके होटल के कमरे से गिरफ्तार किया गया था। बयान में हालांकि यह नहीं स्पष्ट किया गया है कि उन्होंने किस घटना की जांच कराने को कहा है, लेकिन, इससे पहले पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो-जरदारी ने प्रशासन से सफदर की गिरफ्तारी से जुड़ी घटनाओं की जांच कराने की मांग की थी।

सफदर और उनकी पत्नी पीएमएल-नवाज की उपाध्यक्ष मरयम नवाज पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट की रैली में भाग लेने के लिए कराची आई थीं। इसी दौरान सफदर को उनके होटल के कमरे से गिरफ्तार कर लिया गया. हालांकि, जल्द ही उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया. बिलावल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि सिंध पुलिस के सभी शीर्ष अधिकारी इस बात से हैरान थे कि वे कौन लोग थे, जिन्होंने पुलिस प्रमुख के मकान को घेर रखा था और सफदर की गिरफ्तारी से पहले उन्हें अज्ञात स्थान पर ले गए। बता दें कि पाकिस्तानी अखबार इंटरनेशनल हेराल्ड ने भी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि 18/19 अक्टूबर की रात कराची में सिविल वार जैसी स्थिति बन गयी थी।

इस रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी सेना और सिंध पुलिस के बीच कई जगह फायरिंग में 20 पुलिस कर्मी मारे गए। इसके बाद सफ़दर को गिरफ्तार कर लिया गया था। गौरतलब है कि 11 विपक्षी दलों की गठबंधन पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट द्वारा पाकिस्तान सरकार विरोधी रैली करने पर पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज की उपाध्यक्ष मरयम नवाज और पार्टी के दो हजार से अधिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। 16 अक्टूबर को हुई इस रैली में मरयम ने सार्वजनिक रूप से प्रधानमंत्री इमरान खान को कायर, मनोनीत और कठपुतली कहा था।

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