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उग्रवादी हमलों से दहला पाकिस्‍तान, मृतकों में सैनिक और सुरक्षाकर्मी शामिल, 21 की मौत

उग्रवादी हमलों से दहला पाकिस्‍तान, मृतकों में सैनिक और सुरक्षाकर्मी शामिल, 21 की मौत
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क्‍वेटा/इस्‍लामाबाद। दो बड़े उग्रवादी हमलों से पाकिस्‍तान दहल गया। दोनों हमलों में पाकिस्‍तानी सेना के जवानों समेत कुल 21 लोगों की मौत हो गई। एक हमला बलूचिस्‍तान के ग्‍वादर जिले जबकि दूसरा हमला अशांत उत्तर-पश्चिमी कबाइली क्षेत्र उत्‍तरी वजीरिस्‍तान में हुआ। पहला हमला बलूचिस्तान के ओरमारा में राज्य तेल एवं गैस विकास कंपनी लिमिटेड के एक काफिले पर हुआ जिसमें कम से कम सुरक्षाकर्मियों समेत 15 लोग मारे गए। दूसरे हमले में कम से कम छह सैनिकों की मौत हो गई।

समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के बलूचिस्तान में उग्रवादियों ने पाकिस्तानी अर्धसैनिक बलों की सुरक्षा में जा रहे पाकिस्तानी तेल एवं गैस कर्मचारियों के काफिले पर हमला बोल दिया जिसमें सुर‍क्षाकर्मियों समेत 15 लोग मारे गए। रिपोर्ट में कहा गया है कि शुरू में हमले का दावा बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट ने किया लेकिन बाद में एक नए उग्रवादी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी ली। पाकिस्‍तानी अधिकारियों ने बताया कि हमले में पाकिस्तान की ऑयल एंड गैस डेवलपमेंट कंपनी के सात कर्मचारियों और पाकिस्तान फ्रंटियर कोर के आठ जवानों की मौत हो गई।

वहीं पाकिस्तान के अशांत उत्तर पश्चिमी कबाइली क्षेत्र में उग्रवादियों ने गुरुवार को बम धमाके में एक सैन्य काफिले को निशाना बनाया। समाचार एजेंसी के मुताबिक, इस हमले में एक अधिकारी समेत सेना के कम से कम छह जवान मारे गए। पाकिस्‍तानी सेना ने अपने बयान में कहा है कि आतंकवादियों ने उत्तरी वजीरिस्तान के रजमाक क्षेत्र के पास आईईडी धमाका करके सैन्य काफिले को निशाना बनाया। हमले में एक कैप्टन और पांच अन्य सैनिक मारे गए। घटना के बाद हमलावरों की धरपकड़ के लिए अभियान शुरू किया गया।

समाचार एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि हमले के तुरंत बाद बलूच राजी अजोई सिंगर ने ट्वीट करके हमले की जिम्मेदारी ली। प्रधानमंत्री इमरान खान ने मारे गए जवानों के प्रति शोक संवेदना जताई। इमरान ने हमले की विस्‍तृत रिपोर्ट तलब की है। वहीं दूसरी ओर इमरान सरकार को सत्ता से हटाने की मांग को लेकर गठित विपक्षी गठबंधन पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट शुक्रवार को पहली जनसभा के साथ अपना आंदोलन शुरू करने जा रहा है। इससे घबराए इमरान खान सेना के साथ मिलकर आंदोलन को कुचलने की जुगत में लग गए हैं।

बताया जाता है कि इसी कवायद में विपक्षी पार्टियों के 450 से ज्यादा कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, विपक्षी दलों के हमलावर रुख से सेना और इमरान काफी दबाव में हैं। सिंध और गुलाम कश्मीर के बाद अब पंजाब प्रांत में भी सरकार विरोधी प्रदर्शन होने जा रहे हैं। पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) की पहली जनसभा पंजाब प्रांत के गुजरांवाला में है। इस बीच सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने किसी भी अशांति से निपटने के लिए गुजरांवाला में सैन्य बलों की तैनाती का आदेश दिया है।

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