Top
undefined

अमेरिका चुनाव प्रचार में पहली बार बनाया जायेगा भारत को थीम, जानिए कैसे?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया भारत दौरे से ट्रंप और उनकी पार्टी के लिए बड़ी उम्मीद जागी है और अमेरिकी राष्ट्रपति पद के लिए होने वाले चुनाव के लिए प्रचार में इस दौरे को भुनाने की पूरी कोशिश की शुरूआत हो चुकी है.

अमेरिका चुनाव प्रचार में पहली बार बनाया जायेगा भारत को थीम, जानिए कैसे?
X

नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अगवानी में भारत में हाल ही आयोजित किए गए 'नमस्ते ट्रंप' दौरे से दोनों देशों को क्या हासिल हुआ या होगा, इन्हीं चर्चाओं के बीच यह जानना भी दिलचस्प है कि इस दौरे से ट्रंप को व्यक्तिगत तौर पर क्या हासिल हो सकता है? अमेरिका में इसी साल राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होना है और ऐसे में ट्रंप का भारत दौरा क्या ट्रंप कार्ड साबित हो सकता है? अगर हां तो कैसे?

ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी पहली बार अमेरिकी राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव प्रचार के दौरान भारतीय अमेरिकियों को वोट बैंक के तौर पर भुनाने की कोशिश शुरू कर चुकी है. ट्रंप के चुनाव प्रचार के लिए हालिया भारत दौरे की तस्वीरों और भारत के साथ रिश्तों को डिजिटल विज्ञापन के तौर पर जारी किया जाने लगा है. पालिटिको.कॉम की एक रिपोर्ट की मानें तो भारतीय अमेरिकियों को रिझाने के लिए इस प्रचार में पहली बार रिपब्लिकन पार्टी बेतहाशा खर्च करने को तैयार है. जानिए कि क्या है ये कैंपेन और क्यों.

सोशल मीडिया पर शुरू किया कैंपेन

ट्रंप के चुनाव प्रचार की एक टीम ने पिछले बुधवार से फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब के साथ ही स्ट्रीमिंग और डिजिटल प्रकाशनों के ज़रिए यह कैंपेन शुरू ​कर दिया है, जिसके माध्यम से भारतीय अमेरिकियों के वोट रिझाने की कोशिश है.

कुछ इस प्रकार से हो रहा है कैंपेन

फेसबुक पर जारी एक एड में ट्रंप अपनी पत्नी मेलानिया के साथ ताजमहल के सामने खड़े हैं. इस एड में उल्लेख है 'भारतीय अमेरिकी बड़े कारोबारी हैं, कला के महारथी हैं और तकनीक जैसे क्षेत्रों में अग्रणी हैं. आपके योगदान से हमारी संस्कृति और अर्थव्यवस्था मज़बूत हुई है. मैं हमेशा आपके लिए लड़ूंगा.'

भारत दौरे में ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

दूसरा एड है : 'अमेरिका लव्स इंडिया'. इसमें ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर है और उल्लेख है 'हमारी अर्थव्यवस्थाएं कभी इतनी अच्छी नहीं थीं और यूएस भारत के साथ एक मज़बूत साझेदारी के लिए बेताब है.'

एक और एड में केवल मोदी की तस्वीर है इसमें ट्रंप प्रशान की शिक्षा नीतियों का उल्लेख है जिसमें धार्मिक स्कूलों के लिए स्कॉलरशिप और टैक्स ब्रेक जैसे सहयोग का ज़िक्र है.

क्या कारगर साबित होगा पायेगा ये कैंपेन ?

अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए पिछले चुनाव में भी रिपब्लिकन पार्टी ने भारतीय अमेरिकियों तक पहुंचने की कोशिश की थी लेकिन वह बड़ी सीमित कोशिश थी. रिपोर्ट कहती है कि भारतीय अमेरिकी डेमोक्रेट्स के पक्ष में वोटिंग ज़्यादा करते रहे हैं. इस बार रिपब्लिकन पार्टी ने पहली बार खास तौर से इस समुदाय के लिए एड कैंपेन शुरू किया है. अब यह दांव क्या ट्रंप के लिए इस बार कारगर होगा?

पॉलिटिको की रिपोर्ट में एक रिपब्लिकन समिति में एशियन पैसिफिक मामलों के निदेशक आदि साथी के हवाले से कहा गया है कि ट्रंप की नीतियों को लेकर भारतीय अमेरिकी पहले ही उत्साहित रहे हैं. साथ ही, टैक्सस में हाउडी मोदी और भारत में नमस्ते ट्रंप जैसे आयोजनों के बीच इस समुदाय में जितनी चर्चा ट्रंप की है, उतनी पहले कभी किसी अमेरिकी नेता की नहीं रही.

2016 में भी 'ट्रंप फॉर हिंदू अमेरिकन्स' नामक चलाया गया कैंपेन

गार्जियन की एक रिपोर्ट की मानें तो अमेरिका में भारतीय अमेरिकियों के समुदाय को तवज्जो देना बिल्कुल जायज़ हो चुका है क्योंकि यह सबसे तेज़ी से उभरता प्रवासी समुदाय है. अमेरिका में भारतीय अमेरिकियों की आबादी 13 लाख से ज़्यादा है और इस समुदाय में अमेरिका के सबसे शिक्षित और संपन्न लोग शामिल हैं. साल 2016 में भी 'ट्रंप फॉर हिंदू अमेरिकन्स' नामक कैंपेन चलाया गया था लेकिन यह आयोजनों तक ​सीमित था, विज्ञापनों तक नहीं फैला था. खबरों के अनुसार 2016 में भारतीय अमेरिकी समुदाय के 80 फीसदी वोट डेमोक्रेट पार्टी की उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन को गए थे.

मोदी की लोकप्रियता को भुनाने की पूरी कोशिश

ट्रंप के इस कैंपेन में नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता को भुनाने की पूरी कोशिश की जा रही है. एड्स में ट्रंप और मोदी की गहरी दोस्ती के साथ ही मोदी और ट्रंप की लोकप्रियता में समानता को अंतर्निहित किया गया है. इसके साथ ही भारतीय अमेरिकियों के पक्ष में रहीं ट्रंप प्रशासन की शिक्षा और आर्थिक नीतियों का ज़िक्र भी है, जिसे मोदी की तस्वीर और ट्रंप व मोदी की दोस्ती के प्रदर्शन के तड़के से सजाया गया है

Next Story
Share it