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पाक की ना-पाक सियासत, 5 फरवरी को कश्‍मीर एकजुटता दिवस मनाने का ऐलान

5 फरवरी को कश्‍मीर एकजुटता दिवस मनाने का पाकिस्‍तान का ऐलान किया है, भारत सरकार की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है

पाक की ना-पाक सियासत, 5 फरवरी को कश्‍मीर एकजुटता दिवस मनाने का ऐलान
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इस्‍लामाबाद. कश्‍मीर मुद्दे पर पूरी दुनिया में भद पिटने के बावजूद पाकिस्‍तान बाज नहीं आ रहा है। उसने एक बार फ‍िर से भारत के खिलाफ ना-पाक हरकत की है। पाकिस्‍तान हुकूमत ने 5 फरवरी को कश्‍मीर एकजुटता दिवस मनाने का ऐलान किया है। हालांकि, भारत सरकार की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। बता दें कि एक बार फ‍िर से पाकिस्‍तान सरकार ने कश्‍मीरियों के मुद्दे पर सियासत शुरू कर दी है। पाकिस्तान ने बुधवार यानी 5 फरवरी को कश्मीर एकजुटता दिवस मनाने का ऐलान किया है। पाकिस्‍तान के शीर्ष नेताओं ने कश्मीरी लोगों को अपने मुद्दों का उचित और शांतिपूर्ण समाधान निकालने के लिए अपना समर्थन दिया।

धारा 370 का निरस्त होना सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का सीधे उल्लंघन

इस मौके पर पाकिस्‍तान ने भारत के आंतरिक मामले में दखल देते हुए राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने अपने संदेश में कहा कि धारा 370 को निरस्त करके भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का सीधे उल्लंघन किया है। राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने अपने संदेश में कहा कि धारा 370 को निरस्त करके भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का सीधे उल्लंघन किया है।

अगस्‍त 2019 में केंद्र शासित प्रदेश बना था जम्मू-कश्मीर

अगस्‍त 2019 में केंद्र सरकार ने इस प्रावधान को खत्‍म कर दिया। जम्मू-कश्मीर में पूरे भारत की तरह हर कानून लागू होगा और भारत की जनता को वहां भी वही अधिकार मिलेंगे जो दूसरे राज्यों में लागू हैं। जम्मू-कश्मीर में लागू रनवीर पैनल कोड समाप्त हो जाएगा और आइपीसी और सीआरपीसी कानून लागू हो जाएंगे। पंचायतों और स्थानीय निकायों को अधिकार देने वाला संविधान का 73वां और 74वां संशोधन अभी तक जम्मू-कश्मीर में लागू नहीं है, ये लागू हो जाएंगे। जम्मू-कश्मीर का विशेष झंडा भी खत्म हो जाएगा। जम्मू-कश्मीर कैडर के आइपीएस और आइएएस अधिकारी केंद्रशासित प्रदेश कैडर के अधिकारी बन जाएंगे।

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