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इयु की संसद में सीएए पर प्रस्ताव, आईये जानते है कैसे हुआ था गठन, कैसे करती है काम

यूरोपीय संसद मुख्य रूप से यूरोपीय संघ का बजट पास करता है. यूरोपीय संसद, दूसरे यूरोपीय संघ की संस्थाओं की निगरानी भी करता है. यानी कुल मिलाकर देखा जाए तो विश्व की अर्थव्यवस्था पर इस संघ का विशेष प्रभाव है. अभी हाल ही में इयु सांसदों के एक दल ने कश्मीर का दौरा कर आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद के हालातों का जायजा लिया था.

इयु की संसद में सीएए पर प्रस्ताव, आईये जानते है कैसे हुआ था गठन, कैसे करती है काम
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क्या है यूरोपीय संघ

हाल ही में इयु सांसदों के एक दल ने कश्मीर का किया था दौरा विश्व की अर्थव्यवस्था पर यूरोपीय संघ का है विशेष प्रभाव शीतकालीन सत्र में नागरिकता संशोधन कानून के पास होने के बाद से ही पूरे देश में विरोध प्रदर्शन जोरों पर हैं. वहीं कुछ यूरोपीय संसदों ने इस मुद्दे को लेकर यूरोपीय संघ (इयु) की संसद में प्रस्ताव पेश किया है. जिसपर वहां बहस और मतदान होना है. हालांकि भारत ने इयु से कहा है कि यह हमारा आंतरिक मामला है और इसे संसद में सार्वजनिक बहस के बाद उचित प्रक्रिया और लोकतांत्रिक माध्यमों द्वारा अपनाया गया है. इसलिए सीएए को लेकर आगे बढ़ने से पहले सही मूल्यांकन करेंगे और हमारे संपर्क में रहेंगे.

आईये जानते कि - क्या है यूरोपीय संघ

यूरोपीय संघ 28 देशों का एक समूह है. यूरोपीय संघ के अंतर्गत आने वाले सभी देशों के लिए एक जैसी नीतियां और कानून निर्धारित की जाती है. इस संघ का मुख्य उद्देश्य आर्थिक तरक्की था. लेकिन हाल के दिनों में ब्रिटेन ने इस संघ से निकलने का फैसला किया है. उनका तर्क है कि संघ में रहने की वजह से उनका आर्थिक नुकसान हो रहा है, इतना ही नहीं वहां के युवाओं को रोजगार के लिए भी काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. साल 1957 में इस संघ का गठन किया गया था. इस संघ के होने की वजह से 28 देशों के बाजार पर एक जैसे नियम लागू होते हैं. इन संघ के नागरिकों को सभी 28 देशों में एक ही मुद्रा का इस्तेमाल करना होता है. जिससे सभी के बाजार स्थिर रहते हैं.

यूरोपीय संघ कैसे करता है काम

यह यूनियन मुख्य रूप से मंत्रियों की परिषद, यूरोपीय आयोग और यूरोपीय सांसद पर निर्भर करता है.

1. यूरोपीय मंत्रियों की परिषद- सभी महत्वपूर्ण मंत्री इस परिषद के अंतर्गत आते हैं. इनका काम संघ के हित में फैसला लेना होता है. इसके गठन की जिम्मेदारी सभी देशों के शासनाध्यक्ष (राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री) पर होती है. इस परिषद में आम तौर पर उद्योग, परिवहन और कृषि से जुड़े मामलों को लेकर चर्चा होती है. ब्रेसेल्स में नियमित रूप से बैठकों का आयोजन किया जाता है. आमतौर पर साल में चार बैठकें होती हैं. यह जो भी कानून बनाती है उसे सभी देशों को मानना पड़ता है.

2. यूरोपीय आयोग- यूरोपीय संघ द्वारा निर्धारित किए गए सभी काम-काज को लागू करने की जिम्मेदारी यूरोपीय आयोग की होती है. इसे संघ की नौकरशाही व्यवस्था भी कह सकते हैं. इनका काम मुख्य रूप से यूरोपीय संघ के हितों की रक्षा करना है.

3. यूरोपीय संसद- यह इस संघ का इकलौता ऐसा हिस्सा है जिसमें चुनाव के जरिए सदस्य तय होते हैं. यूरोपीय संसद के लिए प्रत्येक पांच साल में चुनाव होता है. इसकी इमारत ब्रसेल्स और स्ट्रासबर्ग में है. इसमें कुल 751 सदस्य होते हैं जिनमें से 73 ब्रिटेन के होतें हैं.

यूरोपीय संघ का काम कानून बनाना होता है, जो सभी देशों पर लागू होते हैं.

यूरोपीय संसद के सदस्य, स्वास्थ्य , नौकरी और पर्यावरण से जुड़े सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर फैसले लेता है. हालांकि मंत्री परिषद या यूरोपीय संसद द्वारा बनाए गए किसी भी कानून पारित करने के लिए दोनों की सहमति जरूरी होती है. यूरोपीय संसद मुख्य रूप से यूरोपीय संघ का बजट पास करता है. यूरोपीय संसद, दूसरे यूरोपीय संघ की संस्थाओं की निगरानी भी करता है. यानी कुल मिलाकर देखा जाए तो विश्व की अर्थव्यवस्था पर इस संघ का विशेष प्रभाव है. अभी हाल ही में EU सांसदों के एक दल ने कश्मीर का दौरा कर आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद के हालातों का जायजा लिया था.

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