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स्पेशल इंटरव्यू : भाजपा अध्यक्ष विष्णदत्त शर्मा बोले - इस माह गठित हो जाएगी नई कार्यकारिणी, युवाओं के साथ अनुभव को तरजीह

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रवि अवस्थी

भोपाल। प्रदेश भारतीय जनता पार्टी की नई कार्यकारिणी का गठन इस माह के अंत तक होने के आसार हैं। इसमें युवा चेहरों के साथ ही पार्टी के अनुभवी नेताओं को भी स्थान मिल सकता है। यही नहीं, करीब डेढ़ दशक बाद विपक्ष में आई भाजपा अपनी नई भूमिका को भी सशक्त तरीके से निवाहने की तैयारी में है। इस प्रकार के संकेत प्रदेश भाजपा के नव नियुक्त युवा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने स्वदेश से विशेष बातचीत में दिए। उन्होंने अपने इस नए दायित्व के लिए पार्टी के शीर्ष एवं सभी वरिष्ठ नेताओं का आभार जताते हुए कहा,कि यह उनका सौभाग्य है,कि मुझ जैसे छोटे कार्यकर्ता को प्रदेशाध्यक्ष जैसा अहम दायित्व सौंपा गया। उन्होंने गर्व से कहा,कि यह केवल भारतीय जनता पार्टी में ही संभव है। श्री शर्मा इसका श्रेय अपने राजनैतिक जीवन के शुरुआती दौर के संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को भी देते हैं। वह कहते हैं,आज मैं जिस मुकाम पर हूं, इसका बड़ा श्रेय विद्यार्थी परिषद को भी जाता है। इस संगठन में रहते हुए ही मुझमें जुझारूपन के साथ वैचारिक व सैद्धांतिक राजनीति का जज्बा और मजबूत हुआ। पेश हैं उनसे बातचीत के प्रमुख अंश-

प्रदेश में प्रमुख विपक्षी दल के मुखिया के तौर पर क्या चुनौतियां पाते हैं?

मप्र भारतीय जनता पार्टी संगठन की दृष्टि से आदर्श व मजबूत संगठन है। इसकी जड़ों को स्वर्गीय कुशाभाऊ ठाकरे,पंडित दीनदयाल उपाध्याय व राजमाती श्रीमती विजयाराजे सिंधिया जैसी महान हस्तियों ने सींचा है। उनके विचारों व आदर्शों को लेकर ही पार्टी आगे बढ़ी। इतनी बड़ी सोच के आधार पर खड़े इस संगठन को और अधिक मजबूती प्रदान करने का जो दायित्व शीर्ष नेतृत्व ने मुझे सौंपा है,उस पर पूरी तरह खरा उतरने का प्रयास रहेगा। एक छोटे कार्यकर्ता को इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपने जैसे फैसले केवल भारतीय जनता पार्टी में ही हो सकते हैं।

नई कार्यकारिणी गठन व प्रदेश व्यापी दौरे का क्या कार्यक्रम है?

होली के बाद संभवतया 14 मार्च से मैं संभागीय दौरे शुरु कर कार्यकर्ताओं से भेंट करूंगा। जहां तक नई कार्यकारिणी गठन की बात तो इस माह के अंत तक या यूं कहें कि बहुत जल्द इस बारे में निर्णय लिया जाएगा। युवा,वरिष्ठ व अनुभवी सभी लोगों का पूरा ख्याल व सम्मान रखते हुए ही यह कार्यकारिणी बनाई जाएगी। जिन शेष मंडलों में,जिलों में चुनाव नहीं हो सके वहां भी सर्वसम्मति से अध्यक्षों के नाम तय होंगे।

पार्टी के कोष को मजबूती प्रदान करने आजीवन सहयोग निधि जुटाने के लक्ष्य को हॉसिल करने की दिशा में किस तरह काम करेंगे ?

भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ता आधारित पार्टी है। इसके संचालन के लिए पार्टी के पितृ पुरुष स्वर्गीय ठाकरे जी ने आजीवन सहयोग निधि क ा जो कार्यक्रम शुरु किया था। वह अनवरत जारी है। पूरे प्रदेश में यह कार्य जारी है। कुछ जिला इकाईयों ने तो इस दिशा में तय लक्ष्य से अधिक बढ़कर कार्य किया है। पार्टी एक परिवार की तरह है और सभी अपनी जिम्मेदारी समझते हैं। आगे भी इस दिशा में प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।

-कांग्रेस नेता भाजपा पर प्रदेश की कमल नाथ सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगा रहे हैं,इस बारे में आप क्या कहना चाहेंगे ?

हमने पहले भी कहा,कि यह कांग्रेस की अपनी अंदरुनी लड़ाई का परिणाम है। दिग्विजय सिंह जिस प्रकार मुख्यमंत्री कमल नाथ को ब्लेकमेल करने का काम लगातार कर रहे हैं। यह उनकी राज्यसभा की टैक्टिस(कार्यनीति)है। राज्यसभा में पहुंचना है तो साबित करने के प्रयास में हैं,कि मैं तुम्हारी सरकार को बचा रहा हूं। यह सब जो हुआ,उन्हीं का खेल है। यह हम नहीं कांग्रेस के मंत्री और दूसरे नेता भी कह रहे हैं। एक मंत्री उमंग सिंघार ने तो घटनाक्रम के दूसरे दिन ही ट्वीट कर यह रहस्य उजागर कर दिया,कि यह राज्य सभा में जाने की लड़ाई है,बाकी आप सब समझदार हैं। कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा जो उनके रणनीतिकार,सलाहकार और न जाने क्या-क्या हैं,उन्होंने कहा,कि कांग्रेस का नया प्रदेश अध्यक्ष बने तो इस समस्या का समाधान हो जाएगा। एक ही आदमी सारे पद ओढ़े बैठा है। जिन विधायकों को पकड़कर लाया जाना बताया जा रहा है,वही कह रहे हैं ,कि कांग्रेस के लोग होश में बात करें। इसलिए मैं फि र कहता हूं,यह सब छल,फ रेब की मानसिकता से लगाए गए झूठे आरोप हंै। गुटबंदी,अंतद्र्वंद व आंतरिक क्लेश से जूझती सरकार टिकाऊ नहीं होती। भाजपा एक सजग,सक्षम राजनैतिक दल है। पार्टी नेतृत्व की नजरें इस पर हैं,यदि ऐसा होता है तो उस पर हम पूरी तरह विचार करेंगे।

डेढ़ दशक की सत्ता के बाद भाजपा एक बार फि र विपक्ष में हैं। इस भूमिका का निर्वहन पार्टी आगे किस प्रकार करेगी?

प्रदेश के किसानों की भलाई का मामला हो , उनकी कर्जमाफ ी न होने का मुद्दा हो,या युवाओं को बेरोजगार भत्ता न मिलने की बात,कांग्रेस अपने वचन प़त्र के वादों को निवाहने में नाकाम रही है। कांग्रेस ने सत्ता में आते ही अनेक जनविरोधी निर्णय लिए। पूर्ववर्ती शिवराज सरकार द्वारा महिलाओं,बच्चियों व गरीबों के कल्याण के लिए शुरु की गई सभी कल्याणकारी योजनाओं को बंद कर दिया गया। कांग्रेस केवल एक काम करना चाहती है,वह घर-घर शराब पहुंचाने का काम। महिलाओं के लिए शराब की अलग दुकान खोलने का निर्णय जन विरोध को देखते हुए उसे वापस लेना पड़ा,लेकिन इस विचार ने बता दिया कि उनकी आत्मा में क्या है,कि घर-घर शराब पहुंचे, महिलाएं व बच्चे भी शराब पिएं। कांग्रेस सरकार मध्यप्रदेश को 'मद्यप्रदेशÓ बनाना चाहती है और भारतीय जनता पार्टी किसी भी कीमत पर यह नहीं होने देगी। जहां तक विपक्ष की भूमिका की बात तो अध्यक्ष कोई भी रहा हो,सभी ने पूरी क्षमता व ताकत के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। आंदोलन या हर प्रकार की क्षमता के साथ पार्टी की सतत चलने वाली इस प्रक्रिया को और तेज गति से आगे बढ़ाने का कार्य हम करेंगे।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष तक के आपके सफ र में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के योगदान व भूमिका को आप किस तरह आंकते हैं?

मैं ऐसा मानता हूं,कि मैं आज जिस स्थान पर हूं,यहां तक मेरे पहुंचने में विद्यार्थी परिषद का बहुत बड़ा योगदान है। जिन्होंने मेरे व्यक्तित्व को इस तरह तैयार किया,सिखाया,कि मैं इस योग्य बन सका। मैं ही नहीं, विद्यार्थी परिषद ने अपने आंदोलनों के द्वारा प्रदेश में अनेक अच्छे व मजबूत नेता दिए हैं। प्रदेश के कोने-कोने तक विद्यार्थी परिषद का बड़ा नेटवर्क है। इसी तरह, भाजपा का जमीनी कार्यकर्ता चाहे वह मंडल स्तर का हो,बूथ स्तर का या विचार परिवार से,देश भक्ति के साथ कार्य करने वाला एक बड़ा समूह है। जो प्रदेश के हित में काम करना चाहता है और इसमें जुटा है।प्रदेशाध्यक्ष होने के साथ आप एक सांसद भी हैं,अपने संसदीय क्षेत्र के विधायकों से किस प्रकार सामंजस्य रहा?

मैं रीवा संभाग का प्रभारी रहा। इससे पहले 8 साल तक जबलपुर मेरा केंद्र रहा। इन जिम्मेदारियों के दौरान मेरे सभी से आत्मीय संबंध रहे। रीवा संभाग का प्रभारी रहते समूचे आदिवासी क्षेत्र में मैंने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर पार्टी को मजबूत बनाने के लिए कार्य किया। इसी तरह महाकौशल,मध्य भारत, मालवा,सभी जगह सांसद,विधायक व अन्य पदाधिकारियों के साथ बेहतर सामंजस्य व एकजुटता के साथ कार्य किया है।

माना जाता है,कि आदिवासी मतदाता पार्टी से छिटक रहा है। इसके चलते जयस जैसे संगठन बने। इस वर्ग को पुन: जोडऩे किस तरह काम करेंगे?

हम तो सकारात्मक भूमिका वाले लोग हैं। हम अपने विचार को आगे बढ़ाने व लंबी लाइन खींचने का काम करते हैं। जहां तक जयस की बात तो यह ऐसा संगठन हैं, जिसने आदिवासी समाज की कमियों को उजागर कर व उन्हें अभावग्रस्त बताकर उन्हें भ्रमित करने का प्रयास किया है। जबकि भाजपा नेतृत्व ने जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिए,उनके आराध्यों के प्रति श्रद्धाभाव से सर्वाधिक कार्य किया है। इन सभी मुद्दों के साथ हम उनके बीच गए हैं। इसी तरह, बाबा साहब अंबेडकर व ,अनुसूचित जाति समाज के कल्याण व इसे विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए जितना काम भारतीय जनता पार्टी ने किया,वह कोई और दल अब तक नहीं कर सका। इस नाते भाजपा के प्रति अनुसूचित जाति व जनजातीय समाज का विश्वास जितना व्यापक है,मैं नहीं मानता कि उतना किसी और दल या संगठन के प्रति यह होगा।

सीएए कानून लागू होने के बाद पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा में भी विरोध के स्वर उभरे हैं। ऐसे में मोर्चा को मजबूत करने की दिशा में क्या कदम उठाएंगे?

कांग्रेस ने लोगों की धार्मिक भावनाएं भड़काकर ऐसे कुछ लोगो को गुमराह करने का प्रयास किया है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी अपने सिद्धांतों पर चलती है। वह धर्म के आधार पर अल्पसंख्यक,बहुसंख्यक में भेद नहीं करती। उज्जवला हो या प्रधानमंत्री आवास योजना,केंद्र सरकार की जितनी योजनाओं का सर्वाधिक लाभ अल्पसंख्यकों को ही मिला है। उनके बच्चों को पढऩे-लिखने से लेकर अन्य कल्याणकारी कार्य, जितनी चिंता मोदी सरकार व प्रदेश की पूर्ववर्ती शिवराज सरकार ने की,शायद ही किसी अन्य सरकार ने की हो। जहां-जहां भाजपा की सरकारें रहीं,कहीं कोई दंगे,फसाद नहीं हुए,क्योंकि हम उस लाइन पर नहीं जाते,हम तो सबका साथ,सबका विकास और सबका विश्वास के ध्येेय वाक्य पर भरोसा रखते हैं। इसलिए मैं यह दावे से कह सकता हूं,कि अल्पसंख्यकों में सुरक्षा को लेकर विश्वास भाजपा सरकार के दौरान ही पैदा हुआ। प्रधानमंत्री मोदी जी ने तो हमसे कहा,कि दशकों तक जो कांग्रेस अल्पसंख्यकों की भावनाएं भड़काकर,उनकी छाती पर पैर रखकर वोट पाती रही। उन्हें गुमराह करती रही। अब हमें इस उनका विश्वास जीतना है। हम तो इस भूमिका में हैं।

जहां तक सीएए का सवाल तो गृहमंत्री स्पष्ट तौर पर कह चुके हैं,कि इसका भारत के किसी भी मुसलमान से कोई संबंध नहीं है। यह पाकिस्तान,बांग्लादेश व अफगानिस्तान में धार्मिक आधार पर प्रताडि़त होकर भारत लौटे शरणार्थियों को नागरिकता देने का कानून है। इस कानून के जरिए भाजपा ने उस काम को किया है जिसके बारे में कभी महात्मा गांधी,पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी वे वामपंथी जो जीवनभर झूठ बोलकर देश के खिलाफ काम करते रहे,उनके नेता प्रकाश करात व अन्य नेताओं ने भी कहा। अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिए वे आज देश को भ्रमित करने का काम कर रहे हैं। कांग्रेस नेत्री प्रियंका वाड्रा गांधी इस कानून को गरीबों के खिलाफ बताती हंै,जबकि गरीब का इससे कोई लेना-देना नहीं। इस तरह झूठ,फरेब व छल के आधार पर जो लोग देश को जलाने का प्रयास कर रहे हैं। देश की जनता ने इन्हें पहचाना है,समझा है और वक्त आने पर वह इनको जवाब भी देगी।


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