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बैंकों के विलय के बाद ग्राहकों में कन्फ्यूजन, ये हैं आपके सवालों के जवाब

बैंकों के विलय के बाद ग्राहकों में कन्फ्यूजन, ये हैं आपके सवालों के जवाब
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नई दिल्ली . नए वित्त वर्ष में यानी 1 अप्रैल से सार्वजनिक क्षेत्र के छह बैंक- ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, सिंडिकेट बैंक, आंध्रा बैंक, कॉरपोरेशन बैंक और इलाहाबाद बैंक अब इतिहास बन गए हैं. इन बैंकों का विलय चार बड़े बैंकों में हुआ है. इस हालात में विलय होने वाले बैंक के ग्राहकों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. आज हम आपके हर सवाल का जवाब देंगे..

​किस बैंक का कहां हुआ विलय?

पंजाब नेशनल बैंक में यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स का विलय हुआ है. वहीं, सिंडिकेटबैंक का केनरा बैंक में, आंध्र बैंक और कॉरपोरेशन बैंक का यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में विलय हो गया है. इसी तरह, इलाहाबाद बैंक का इंडियन बैंक में विलय किया जा रहा है.

विलय होने वाले बैंक के ग्राहकों का क्या होगा?

सार्वजनिक क्षेत्र के छह बैंक- ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, सिंडिकेट बैंक, आंध्रा बैंक, कॉरपोरेशन बैंक और इलाहाबाद बैंक का अस्तित्व जरूर खत्म हुआ है लेकिन ग्राहकों पर फिलहाल कोई असर नहीं पड़ेगा. इनके लीडर बैंक ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि ग्राहकों को किसी तरह की दिक्कत नहीं हो, इसके मद्देनजर खाता संख्या, आईएफएससी कोड, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट-मोबाइल बैंकिंग पोर्टल और लॉग इन की व्यवस्था पहले जैसी ही रहेगी.

फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) या रेकरिंग डिपॉजिट (आरडी) पर मिलने वाले ब्याज में कोई बदलाव नहीं होगा. जिन ब्याज दरों पर व्हीकल लोन, होम लोन, पर्सनल लोन आदि लिए गए हैं, उनमें कोई बदलाव नहीं होगा. इसके साथ ही जिन ग्राहकों का लोन, एसआईपी या शेयर है, उन्हें भी चिंता करने की जरूरत नहीं है.

फिर आपको निश्चिंत रहने की जरूरत है?

विलय के बाद कुछ बदलाव जरूर हो सकते हैं. जानकारों की मानें तो आने वाले कुछ महीनों में नए चेकबुक समेत अन्य चीजें जारी हो सकती हैं. हालांकि, ये सब आज ही से लागू नहीं होगा. इसे बैंकों की ओर से धीरे—धीरे लागू किया जाएगा. ऐसे में जरूरी है कि आपके ईमेल पता और मोबाइल नंबर का बैंक के शाखा के साथ अपडेट हों. ताकि आपको बैंक की ओर से बदलाव की सूचना मिल सके.

एटीएम, कर्मचारी और ब्रांचेज का क्या होगा?

विलय हो रहे बैंकों के एटीएम, कर्मचारी और ब्रांचेज भी फिलहाल चलते रहेंगे. लेकिन अब ये लीडर बैंक के अधीन होंगे. अगर उदाहरण से समझें तो यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स के एटीएम, ब्रांचेज और कर्मचारी अब पंजाब नेशनल बैंक के लिए जिम्मेदार होंगे. बता दें कि पीएनबी में इन दोनों बैंकों का विलय हुआ है. विलय के बाद अब बैंक के पास 11,000 से अधिक शाखाएं, 13,000 से अधिक एटीएम, एक लाख कर्मचारी होंगे. वहीं कारोबार 18 लाख करोड़ रुपये का होगा.

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