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कोरोना को हराने वाले आईपीएस आदित्य मिश्रा ने किया प्लाज़्मा डोनेट

कोरोना को हराने वाले आईपीएस आदित्य मिश्रा ने किया प्लाज़्मा डोनेट
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इंदौर / भोपाल . केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद प्रदेश में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने प्लाज्मा थैरेपी के क्लिनिकल ट्रायल को शुरू किया है. इंदौर में गुरुवार को एक आइपीएस अफसर आदित्य मिश्रा ने कोरोना को हराकर स्वस्थ होने के डेढ़ हफ्ते बाद प्लाज्मा दान किया है. मिश्रा महू और मानपुर में कोरोना ड्यूटी के दौरान संक्रमण का शिकार हो गए थे। उनके प्लाज्मा का परीक्षण और एंटी बॉडी के लेबल का अध्ययन करने के बाद ही पीड़ित मरीजों का उपचार किया जाएगा। भोपाल में भी एक सब इन्स्पेक्टर सहित 5 पुलिसकर्मियों ने भी प्लाज्मा डोनेट किया. जहाँगीराबाद थाने के सब इंस्पेक्टर गिरीश त्रिपाठी, आरक्षक धर्मेंद्र बघेल, मुकेश सिंह, शादिक खान, एहसान खान समेत 5 पुलिसकर्मियों ने चिरायु हॉस्पिटल में अपना प्लाज्मा डोनेट किया.

प्रदेश में दो सरकारी मेडिकल कालेजों को मिली मंजूरी

इस थैरेपी के लिए अभी प्रदेश में एमजीएम मेडिकल कॉलेज इंदौर और गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल को ही परमिशन मिली है।

प्रदेश में प्लाज्मा थैरेपी से पहली बार ठीक हुए दो मरीज

इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) के सहायक अभियंता कपिल भल्ला और एक दूसरी मरीज प्रियल जैन प्लाज्मा थैरेपी के जरिये कोरोना संक्रमण से पूरी तरह ठीक होकर बुधवार को अस्पताल से डिस्चार्ज हुए । अरबिंदो अस्पताल में इन दोनों मरीजो को प्लाज्मा थैरेपी दी गई थी।

डॉक्टरों ने कहा था प्लाज्मा थैरेपी उपचार की प्रमाणिक विधि नहीं

प्लाज्मा थैरेपी से कोरोना को हारने वाली सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रियल जैन ने बताया कि एक्स रे में पता लगा कि मेरे फेफड़े 60% तक ख़राब हो चुके हैं . इसके लिए प्लाज्मा थैरेपी के बारे में विचार हुआ। डॉक्टरों ने कहा था कि यह प्रामाणिक इलाज नहीं है, लेकिन इसे कई शहरों में ट्रायल किया जा रहा है। पिताजी और पारिवारिक डॉक्टर से सलाह लेकर तय किया कि मैं इस थैरेपी को आजमाऊंगी। इसी प्लाज्मा थैरेपी से में स्वस्थ हुई हूँ.

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