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पूर्णिमा की रात्रि कल लगेगा चंद्र ग्रहण .... जानें ग्रहण का समय पंचांग

पूर्णिमा की रात्रि कल लगेगा चंद्र ग्रहण .... जानें ग्रहण का समय पंचांग
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भोपाल . शुक्रवार 5 जून ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा है। इस दिन चंद्र ग्रहण भी होगा। जानकारों का कहना है कि ग्रहण का धार्मिक असर नहीं होगा। ग्रहण का सूतक नहीं रहेगा, इस वजह से पूर्णिमा से जुड़े सभी पूजन कर्म किए जा सकेंगे। जानिए पूर्णिमा पर कौन-कौन से शुभ काम किए जा सकते हैं...

सत्यनारायण भगवान की कथा का पाठ करें

हर माह पूर्णिमा तिथि पर भगवान सत्यनारायण की कथा करने की परंपरा पुराने समय से चली आ रही है। भगवान सत्यनारायण विष्णुजी का ही एक स्वरूप है। इस स्वरूप का संदेश यह है कि हमें कभी भी झूठ नहीं बोलना चाहिए, हमेश सत्य बोलें। जो लोग असत्य बोलते हैं, उनके जीवन में परेशानियां आती हैं।

विष्णुजी और महालक्ष्मी का अभिषेक करें

पूर्णिमा पर भगवान विष्णु के साथ ही देवी लक्ष्मी का अभिषेक करें। इसके लिए दक्षिणावर्ती शंख में केसर मिश्रित दूध भरें और ये दूध भगवान को अर्पित करें।

मंत्रों का जाप करें

पूर्णिमा पर अपने इष्टदेव के मंत्रों का जाप करना चाहिए। विष्णुजी मंत्र ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय, शिव मंत्र ऊँ नम: शिवाय, गणेश मंत्र श्री गणेशाय नम:, सूर्य मंत्र ऊँ सूर्याय नम:, देवी मंत्र दुं दुर्गाय नम:, हनुमान मंत्र ऊँ रामदूताय नम:, श्रीकृष्ण के मंत्र कृं कृष्णाय नम: मंत्र का जाप कर सकते हैं।

जरूरतमंद लोगों को दान करें

इस दिन अपने सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंद लोगों को दान करें। दान में धन और अनाज दे सकते हैं।

चंद्र ग्रहण का समय.

विक्रमी संवत्: 2077

मास अमांत: ज्येष्ठ

मास पूर्णिमांत: ज्येष्ठ

पक्ष: शुक्ल

वार: शुक्रवार

आज का व्रत और पर्व: ज्येष्ठ पूर्णिमा, वट पूर्णिमा व्रत, चन्द्र ग्रहण, पूर्णिमा उपवास, कबीरदास जयन्ती

तिथि: पूर्णिमा - 24:44:05 तक

चन्द्र ग्रहण का समय-

उपच्छाया से पहला स्पर्श: 23 बजकर 16 मिनट 22 सेकण्ड्स

परमग्रास चन्द्र ग्रहण: 12 बजकर 56 मिनट 16 सेकण्ड्स

उपच्छाया से अन्तिम स्पर्श: 2 बजकर 32 मिनट 10 सेकण्ड्स

उपच्छाया की अवधि: 3 घण्टे 15 मिनट 47 सेकण्ड्स

उपच्छाया चन्द्र ग्रहण का परिमाण: 0. 56

नक्षत्र: अनुराधा - 16:44:20 तक

करण: विष्टि - 13:58:21 तक, बव - 24:44:05 तक

योग: सिद्ध - 20:12:38 तक

सूर्योदय: 05:22:48 AM

सूर्यास्त: 19:16:37 PM

चन्द्रमा: वृश्चिक

ऋतु: ग्रीष्म

राहुकाल: 10:35:29 से 12:19:43 तक (इस काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है)

शुभ मुहूर्त का समय - अभिजित मुहूर्त: 11:51:55 से 12:47:30 तक

दिशा शूल: पश्चिम

अशुभ मुहूर्त का समय -

दुष्टमुहूर्त: 08:09:34 से 09:05:09 तक, 12:47:30 से 13:43:05 तक

कुलिक: 08:09:34 से 09:05:09 तक

कालवेला / अर्द्धयाम: 15:34:16 से 16:29:51 तक

यमघण्ट: 17:25:26 से 18:21:01 तक

कंटक: 13:43:05 से 14:38:40 तक

यमगण्ड: 15:48:10 से 17:32:23 तक

गुलिक काल: 07:07:02 से 08:51:16 तक

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