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मध्यप्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगने के आसार क्योंकि फ्लोर टेस्ट नहीं कराना चाहती कांग्रेस

मध्यप्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगने के आसार क्योंकि फ्लोर टेस्ट नहीं कराना चाहती कांग्रेस
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भोपाल. कांग्रेस के 86 में से 85 विधायक रविवार को भोपाल लौट आए। देर रात भाजपा के 105 विधायकों के हरियाणा के मानेसर से भोपाल आने की संभावना है। कांग्रेस विधायकों को भोपाल आने पर सबसे पहले होटल मैरियट लाया गया। इस बीच, फ्लोर टेस्ट पर सस्पेंस बरकरार है। विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने कहा कि इस बारे में सभी को सोमवार को ही जानकारी मिलेगी। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस ने फ्लोर टेस्ट नहीं कराने कि रणनीति बनाई . इससे राजनीतिक संकट गहरा सकता है और राज्यपाल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू कर सकते हैं।

स्पीकर एनपी प्रजापति ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस की। फ्लोर टेस्ट के सवाल पर उन्होंने कहा कि ये काल्पनिक बात है। जब उनसे इस बारे में मीडिया ने लगातार सवाल किए तो उन्होंने कहा, 'आपको कल ही इस बारे में पता चलेगा। फैसला लेने से पहले मैं आप लोगों को नहीं बताऊंगा।' हालांकि, कोरोनावायरस के बारे में उन्होंने कहा कि किसी भी चीज से ज्यादा जरूरी है सेहत। सभी को इसकी चिंता है। कल विधानसभा में भी हम इसके इंतजाम दिखेंगे। सेहत से ज्यादा जरूरी कोई दूसरी चीज नहीं है।

स्पीकर ने कहा- विधायक मुझसे सीधे संपर्क नहीं कर रहे

प्रजापति ने कहा- मैं लोकतंत्र का संरक्षक हूं। ये आप तय कीजिए कि क्या चल रहा है। और जो लोग लोकतंत्र के संरक्षक हैं, उन्हें भी चिंता करनी चाहिए। कहा- ''मैं विधायकों को लेकर चिंतित हूं। विभिन्न माध्यमों से उनके बारे में जानकारी मिल रही है। लेकिन वे मुझसे सीधे संपर्क नहीं कर रहे।'' शनिवार को विधानसभा अध्यक्ष प्रजापति ने सिंधिया समर्थक 6 विधायकों के इस्तीफे मंजूर कर लिए थे। 16 पर फैसला बाकी है। अगर इनके इस्तीफे भी मंजूर होते हैं तो कांग्रेस के पास कुल 99 विधायक रह जाएंगे। विधानसभा में कुल विधायकों की संख्या 206 हो जाएगी। बहुमत के लिए 104 का आंकड़ा जरूरी होगा।

नेता प्रतिपक्ष भार्गव राज्यपाल से मिले

नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और नरोत्तम मिश्रा ने रविवार दोपहर राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की। बाद में भार्गव ने मीडिया से कहा- विधानसभा में मतदान के लिए इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम खराब है। इसलिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया जाए। हम चाहते हैं कि हाथ उठाकर बहुमत परीक्षण कराया जाए। भाजपा अपने विधायकों को फ्लोर टेस्ट के लिए व्हिप जारी कर चुकी है।

मिश्रा बोले- फ्लोर टेस्ट स्पीकर नहीं तो फिर कोर्ट कराएगा

भाजपा विधायक नरोत्तम मिश्रा ने कहा, "बेंगलुरु में मौजूद विधायकों को सुरक्षा मिलनी चाहिए। सरकार को फ्लोर टेस्ट तो कराना ही होगा। अगर ये स्पीकर नहीं कराएंगे तो फिर कोर्ट कराएगा।

फ्लोर टेस्ट नहीं टालना चाहती कांग्रेस

मंत्री उमंग सिंघार ने रविवार दोपहर मीडिया से कहा, "हम बजट सत्र नहीं टालेंगे। कोरोनावायरस तो भाजपा में है।" विधायकों के साथ जयपुर से भोपाल आए उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा- हम फ्लोर टेस्ट नहीं टालना चाहते।

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