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महाराष्ट्र में जहां भी संदिग्ध मिले, पूरे इलाके को जीपीएस की मदद से स्कैन किया

कोरोनावायरस तेजी से बढ़ा। यहां मरीजों और मौतों की संख्या देश में सबसे ज्यादा है। शुक्रवार को एक दिन में 17 नए मरीज सामने आए।

महाराष्ट्र में जहां भी संदिग्ध मिले, पूरे इलाके को जीपीएस की मदद से स्कैन किया
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मुंबई/पुणे, महाराष्ट्र में कोरोनावायरस तेजी से बढ़ा। यहां मरीजों और मौतों की संख्या देश में सबसे ज्यादा है। शुक्रवार को एक दिन में 17 नए मरीज सामने आए। इनमें सांगली के इस्लामपुर में एक ही परिवार के 12 सदस्य शामिल हैं। इसे मिलाकर राज्य में कुल रोगियों की संख्या 147 हो गई है। राहत की बात यह है कि पहला केस मिलने के 16 दिन बाद भी हालात बहुत ज्यादा नहीं बिगड़े हैं। 20 से ज्यादा लोग ठीक होकर घर लौट चुके हैं।

जीपीएस से इलाके को स्कैन किया जा रहा

पुणे में 11 मार्च को कोरोना का पहला मरीज मिला था। दुबई में छुट्टी बिताकर लौटे दंपती में कोरोना की पुष्टि हुई। इसके बाद राज्य सरकार ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की। सबसे पहले पति-पत्नी को भर्ती किया। फिर बेटी में भी कोरोना की पुष्टि हुई। भारत लौटने के बाद उनके संपर्क में जो-जो आया, सबको क्वारेंटाइन किया। जांच की गई। जो पॉजिटिव निकले, उनके संपर्क में आए लोग ढूंढ़े गए। पता चला कि ड्राइवर के संपर्क में आई 65 वर्षीय महिला को भी संक्रमण है। हालांकि, डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। लेकिन, पुणे की दंपती के साथ दुबई गई 40 लोगों की टीम के प्रत्येक सदस्य की शिनाख्त कर जांच की गई। जीपीएस की मदद से पूरे इलाके को स्कैन किया गया। घर-घर सर्वे किया गया। मरीजों की पहचान कर क्वारेंटाइन किया गया।

कर्फ्यू लगाने के बाद सफलता मिली

स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि सही समय पर कर्फ्यू लगाने के बाद कुछ हद तक सफलता मिली है। लेकिन, इसका मतलब कतई नहीं है कि खतरा टल गया। इसी तरह औरंगाबाद में एक महिला प्रोफेसर में कोरोना की पुष्टि हुई थी। उसने भारत लौटने के बाद कॉलेज अटेंड किया। कार्यक्रम में भी भाग लिया। जैसे ही प्रोफेसर में कोरोना की पुष्टि हुई, उसके संपर्क में आए लोगों को निगरानी में लिया गया। साथी प्रोफेसरों और छात्राओं की भी जांच की गई। राहत की बात यह है कि किसी में भी कोरोना की पुष्टि नहीं हुई। मंत्रालय में कोरोना की स्थिति पर नजर रखने के लिए विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है। उसकी जवाबदारी 11 आईएएस अधिकारियों पर है। पुणे की जुन्नर तहसील में 20 हजार लोग क्वारंटाइन किए गए। यहां के लोगों का मुंबई-पुणे काफी आना-जाना है। पुणे की एक आंगनवाड़ी वर्कर पॉजिटिव मिलने पर 28 गांव क्वारेंटाइन कर दिए गए। उसकी बस 28 गांवों से गुजरी थी।

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