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भोपाल में मरकज से आई विदेशी जमातों ने चिंता बढ़ाई

ग्वालियर, भिंड में टोटल लॉकडाउन मंगलवार रात से लागू, दोनों शहरों में सिर्फ दूध की ही सप्लाई होगी

भोपाल में मरकज से आई विदेशी जमातों ने चिंता बढ़ाई
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भोपाल. 21 दिन के लॉकडाउन का आज आठवां दिन है। अब प्रशासन ने सख्ती दिखाना शुरू कर दिया है। मध्य प्रदेश का इंदौर कोरोना संक्रमित की सूची में देश में चौथे नंबर पर आ गया है। 6 दिन पहले यानी 24 मार्च तक यह शहर कोरोना मुक्त था। बुधवार सुबह तक यहां 69 (+उज्जैन 6) संक्रमित भर्ती हैं। इंदौर में 3, उज्जैन में 2 और खरगोन के 62 साल के संक्रमित की मौत हो चुकी है। फिलहाल, शहर हाईअलर्ट पर है। सभी तरह के प्रतिबंध लगाए गए हैं। राहत की खबर ये है कि शुरुआत में भर्ती किए गए 20 संक्रमित तेजी से स्वस्थ्य हो रहे हैं। प्रदेश में अब तक 85 संक्रमित पाए गए हैं। भोपाल को 7 जोन में बांट दिया गया है। एक से दूसरे जोन में जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। ग्वालियर, भिंड में 48 घंटे का टोटल लॉकडाउन मंगलवार रात से लागू कर दिया गया।

इंदौर: 7 दिन सख्ती रहेगी

कोरोनावायरस के बढ़ते संक्रमण के चलते इंदौर अब देश के 16 कोरोना हॉटस्पॉट में शामिल हो गया। इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि हो सकता है कि शहर में मरीजों का आंकड़ा 100 से 200 तक जाए, लेकिन हम मानसिक तौर पर तैयार हैं। इंदौर में 625 से ज्यादा लोगों को क्वारैंटाइन किया गया है। संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी के मुताबिक, अभी आंकड़े और बढ़ेंगे, क्योंकि अब वे सैंपल जांच में आ रहे हैं, जो कोरोना संक्रमितों के संपर्क में थे। जिन 17 मरीजों की रिपोर्ट आई है, वे पहले ही असरावद खुर्द में क्वारैंटाइन हैं।

भोपाल: विदेशी जमातों से संक्रमण फैलने का डर

दिल्ली में निजामुद्दीन स्थित मरकज का मामला सामने आने के बाद सरकार की चिंता और बढ़ गई है। मजहबी जलसे में मध्य प्रदेश से भी 107 लोग गए थे। इनमें पुराने भोपाल के 36 लोग भी शामिल थे। सभी 36 लोगों को दिल्ली में क्वारैंटाइन हैं। जानकारी के अनुसार, 5 से 14 मार्च के बीच मुस्लिम धर्म का प्रचार करने के लिए 63 विदेशी अलग-अलग जमातों में भोपाल आए थे। ये लोग विभिन्न मस्जिदों में रुके। 63 विदेशियों के अलावा 189 लोगों के सैंपल भी लिए गए हैं।

भिंड: मरकज से लौटे लोग क्वारैंटाइन

भिंड में मरकज से लौटे लोग मस्जिद में ही क्वारैंटाइन हैं। गोहद में भी लक्ष्मण तलैया इलाके की मस्जिद में जमात के रुके 14 लोगों का मेडिकल परीक्षण कर मस्जिद में ही 14 दिनों के लिए क्वारैंटाइन किया गया। जांच के लिए सभी के सैंपल लिए गए। इधर, बुरहानपुर में भी मरकज से लौटे 5 लोगों को अस्पताल के आइसोलेट वार्ड में भर्ती किया गया।

ग्वालियर: 48 घंटे का लॉकडाउन

कोरोना से इंदौर के हालत बिगड़ने के बाद ग्वालियर और भिंड में 48 घंटे का टोटल लॉकडाउन कर दिया गया। मंगलवार रात 12 बजे गुरुवार रात 12 बजे तक ये लागू रहेगा। बुधवार सुबह से शहर में इसका सख्ती से पालन कराया जा रहा है। दूध की सप्लाई के बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए लोगों को घर से नहीं निकलने को कहा है। पुलिस ने लोगों को समझाइश दी कि अगर लॉकडाउन का उल्लंघन किया तो जेल भेजा जाएगा। लॉकडाउन के दौरान किराना दुकानें नहीं खुलेंगी और सब्जी की सप्लाई भी नहीं होगी।

शिवपुरी: संदिग्धों की जांच कर रहे डॉक्टरों के सैंपल लिए

10 दिन पहले कोरोना पॉजिटिव पाए गए युवक की इस बार रिपोर्ट निगेटिव आई। इसी बीच जिले से 2 दिन में करीब 16 और सैंपल लिए गए। इनमें 2 संदिग्ध और 14 अन्य में डॉक्टर और स्टाफ के लोग शामिल हैं। इन सभी के सैंपल सुरक्षा के लिहाज से लिए गए। हाल ही में हैदराबाद से लौटे दूसरे कोरोना पॉजिटिव युवक का डॉक्टर और स्टाफ द्वारा इलाज किया जा रहा था। इलाज के लिए पूरी सुरक्षा बरती जा रही है।

मुरैना: दुबई से लौटा युवक और उसकी पत्नी सर्दी-बुखार होने से अस्पताल में भर्ती

दुबई के होटल में वेटर की नौकरी करने वाला महाराजपुरा का युवक 17 मार्च को लौटा। 4 दिन पहले उसे सर्दी-जुकाम, बुखार हुआ, तब मंगलवार को युवक और पत्नी का सैंपल लिया गया। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि युवक इतने दिनों तक खुद को छिपाता रहा। युवक ने बताया कि वह 4 दिन से वह अस्पताल के चक्कर काट रहा है, कोई सुनवाई नहीं हो रही। इधर, पोरसा में रहने वाले एक युवक का सैंपल भी जांच के लिए भेजा गया। अब तक कुल 9 सैंपल जांच के लिए भेजे गए। इनमें अब तक सिर्फ 2 की रिपोर्ट निगेटिव आई। इसी दौरान कुछ समाजसेवी भी चाय-नाश्ता, भोजन लेकर पहुंचे। इसके बाद देर शाम मौका मिलते ही यह मजदूर वहां तैनात चार-पांच पुलिसकर्मियों को धकियाते हुए अलग-अलग दिशाओं में भाग निकले।

दतिया: धौलपुर से आया मजदूर बोला- किस्मत का रोना है साहब!

''जे सरकारें हमाए वोटन से बनत हैं और हमई पे सितम ढाती हैं। अगर आज हमाए पास रोजगार होतो तो हम अपनो गांव, घरबार छोड़के परदेस नहीं गए होते। धौलपुर में 11 लोगन के साथ हुआं आलू बीनत ते। पतो चलो कि देश में कर्फ्यू लग गओ तो हमने समझी कि युद्ध छिड़ गयो... फिर हमाए संग बारेन ने बताई कि कोनऊ बीमारी फैल रही छुआछूत की, बाके बजह से कर्फ्यू लगो 21 दिना को। अब हमने सोची इतने दिना यहां का करें, जा से घरे चलो, उते से साधन नहीं मिलो तो पाएं-पाएं चल दए। चलत-चलत चप्पलें घिस गईं। पांव आगे नहीं बढ़ रए, कैसऊ करके घरे पहुंच जाएं और होंई कछू काम धंधों देखें। दो रोटी कम खाएं, पर सुकून से तो रेहें।'' यह दर्द भरी दास्तां सुनाते हुए गंगाराम केवट की आंखें भर आईं। जो भी उसकी तरफ देखता, मन भर आता। टीकमगढ़ निवासी गंगाराम 4 दिन पहले परिवार के 11 सदस्यों के साथ सिर पर सामान से भरी 20 से 30 किलो वजन की पोटली रखकर चला और करीब 165 किमी दूरी तयकर मंगलवार को दतिया पहुंचा। ये दिहाड़ी मजदूर कोटा, दिल्ली और जयपुर से घर लौट रहे थे। घर लौटने वाले ज्यादातर मजदूर टीकमगढ़ जाने वाले थे। प्रशासन ने इन्हें बैरियर से बस के द्वारा टीकमगढ़ रवाना कराया। कुछ मजदूर घर पहुंचने के लिए मौके के फायदा उठाते हुए सामान ले जा रहे ट्रकों पर भी चढ़ गए।

सीहोर: निजामुद्दीन की मरकज से लौटे 3 लोग, 2 नोएडा में

सीहोर में लोग कुछ इस तरह से नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।

निजामुद्दीन की मरकज में जिले से भी 5 लोग शामिल हुए थे। इन लोगों के नामों की सूची सरकार ने भेजी। इसके बाद पता चला कि 5 में से केवल 3 लोग ही लौटे। जबकि 2 लोग नोएडा में हैं। एसपी शशींद्र चौहान ने बताया कि सूचना मिलते ही टीमें बताए गए पते पर पहुंचीं। सभी को क्वारैंटाइन किया गया। प्रशासन ने मोहल्ले वालों से सोशल डिस्टेंशिंग बनाए रखने के निर्देश दिए।

राजगढ़: एक डॉक्टर समेत 4 लोग आइसोलेशन वार्ड में भर्ती

स्वास्थ्य विभाग के एक डॉक्टर को कोरोना संदिग्ध होने पर आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने कुछ दिनों पहले इंदौर की यात्रा की थी। उन्हें सर्दी, खांसी जैसे कुछ लक्षण दिखने के कारण आइसोलेशन वार्ड में रखा गया। अब कुल 4 लोग आइसोलेशन वार्ड में भर्ती हैं। राहत की बात है कि इन सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई। मंगलवार को एक अन्य व्यक्ति के सैंपल जांच के लिए भेजे गए, बुधवार को रिपोर्ट आएगी।

रायसेन: दुकानदारों ने दाम बढ़ाए

गांवों में भी पूरी तरह लॉकडाउन है। छोटी दुकानें बंद हैं। संपर्क भी पूरी तरह कटा है। गांवों में होम डिलीवरी जैसी सुविधा भी नहीं है, ऐसे में ग्रामीणों को राशन के लिए बाहर जाना पड़ रहा है। कई जगह पुलिस उन्हें बाहर भी नहीं जाने दे रही। प्रशासन शहरी क्षेत्र में स्थिति नियंत्रित करने में जुटा है, ऐसे में गांव के लोग अपने स्तर पर ही हालात का सामना कर रहे हैं। जिन दुकानदारों के पास सामान है वे महंगे दामों पर बेच रहे हैं।

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