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भगवान राम की शक्ति, हनुमान की भक्ति को ध्‍यान में रखकर मंदिर के ट्रस्ट का प्रतीक चिन्ह लांच

भगवान राम की शक्ति के साथ साथ हनुमान की भक्ति को भी जगह दी गई है। प्रतीक चिन्ह में प्रभु श्रीराम की तस्वीर के साथ-साथ हनुमान जी की सेवक मुद्रा की तस्वीर भी लगाई गई है।

नई दिल्ली: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बुधवार को अपना लोगो लांच किया है। ये प्रतीक चिन्ह भगवान श्रीराम की सूर्यवंशी परंपरा को ध्यान में रख कर तैयार किया गया है। प्रतीक चिन्ह में वाल्मीकि रामायण की एक चौपाई भी लिखी गई है- 'रामो विग्रहवान धमर्:Ó । इसका मतलब ये हुआ कि भगवान श्री राम धर्म के मूर्त स्वरूप है। इस प्रतीक चिन्ह को ख़ासतौर से डिजाइन किया गया है। इसमें भगवान राम की शक्ति के साथ साथ हनुमान की भक्ति को भी जगह दी गई है। प्रतीक चिन्ह में प्रभु श्रीराम की तस्वीर के साथ-साथ हनुमान जी की सेवक मुद्रा की तस्वीर भी लगाई गई है। भगवान श्री राम सूर्यवंशी राजा थे, इसलिए इस प्रतीक चिन्ह में सूर्यवंश के प्रतीक रंगों का भी इस्तेमाल किया गया है। तस्वीर में लाल और पीले रंग की लपटें दिखाई पड़ रही हैं, जिसे सूर्य का प्रतीक माना जाता है। ये रंग सूर्यवंशी राजाओं की पहचान माने जाते हैं। ट्रस्ट के प्रतीक चिन्ह में भगवान श्रीराम की तस्वीर के ठीक नीचे हनुमान जी दोनों तरफ़ बैठे हैं, क्योंकि अयोध्या में राम मंदिर बनेगा तो उसकी रक्षा हनुमान जी को ही करनी है। आज भी अयोध्या में ये माना जाता है कि रामनगरी की रक्षा बजरंग बली ही करते हैं। इसीलिए हनुमानगढ़ी में दर्शन के बाद ही राम जन्मभूमि के दर्शन करने लोग जाते हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्र ने बातचीत में कहा कि ये भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र को बताने वाला प्रतीक चिन्ह है। ये तस्वीर हमने अभी ट्रस्ट के आधिकारिक कामकाज के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। आपको बता दें कि राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक 4 अप्रैल को प्रस्तावित थी लेकिन कोरोना वायरस के चलते ट्रस्ट की बैठक को अनिश्चितकाल के लिए रद्द कर दिया गया है।

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