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आपने जिस तरह भारतीय समुदाय का ध्यान रखा उसके लिए आभारी हूं, पीएम मॉरिसन ने कहा- कभी मिलेंगे तो गुजराती खिचड़ी खाएंगे

प्रधानमंत्री मोदी पहली बार किसी विदेशी नेता के साथ ‘द्विपक्षीय’ वर्चुअल समिट में हिस्सा लेंगे

आपने जिस तरह भारतीय समुदाय का ध्यान रखा उसके लिए आभारी हूं, पीएम मॉरिसन ने कहा- कभी मिलेंगे तो गुजराती खिचड़ी खाएंगे
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने गुरुवार को वर्चुअल मीटिंग की। इस दौरान दोनों नेताओं में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने को लेकर बातचीत हुई। समिट के दौरान पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री की तारीफ करते हुए कहा कि आपने भारतीय समुदाय और छात्रों का कोरोना काल में जिस तरह ध्यान रखा उसका आभारी हूं। वहीं, मॉरिसन ने कहा कि अगली बार यदि व्यक्तिगत तौर पर मुलाकात हुई तो हम गले मिलेंगे और गुजराती खिचड़ी का स्वाद लेंगे। इस पर मोदी ने कहा- मुझे आपके साथ खिचड़ी एन्जॉय करने में खुशी होगी। यह सिर्फ गुजरात नहीं बल्कि पूरे भारत में एक कॉमन वैरायटी है। ऑस्ट्रेलिया में काफी गुजराती रहते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान कहा कि हमारे नागरिकों की हमसे अपेक्षाएं बढ़ गई है। लोकतांत्रिक देश होने के कारण हमारी ड्यूटी है हम इन अपेक्षाओं में खरे उतरें। आज जब अलग-अलग प्रकार से लोकतांत्रिक वैल्यू को कमजोर किया जा रहा है। हम आपस में संबंध बढ़ाकर इसे मजबूत कर सकते हैं। यह न हमारे दोंनों देशों के लिए जरूरी है, बल्कि इंडो पैसिफिक क्षेत्र के लिए भी जरूरी है। दोनों देशों के बीच निरंतर उच्च स्तरीय एक्शन हो रहे हैं। मैं यह नहीं कहूंगा कि मैं आपसी संबंधों की विकास की गति से संतुष्ट है। अगर हमारे साथ का लीडर मित्र राष्ट्रों की अध्यक्षता कर रहा है तो हमारे संबंधों की विकास दर और तेजी बढ़नी चाहिए। विश्व को कोरोना महामारी से निकालन के लिए एक कॉर्डिनेटिव अप्रोच की आवश्यकता है। भारत ने इसे अवसर माना है। व्यापाक रिफार्म की प्रक्रिया शुरू हई। बहुत जल्द इसके परिणाम देखने मिलेंगे। इस समय में आपने भारतीय समुदाय और छात्रों का जिस तरह ध्यान रखना उसके लिए मैं आभारी हूं।

स्कॉट मॉरिशन ने नमस्ते से शुरुआत की

वर्चुअल समिट में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मारिशन ने नमस्ते से शुरुआत की। उन्होंने कहा कि पहली बार हम इस फार्मेट में बात कर रहे हैं। आज दुनिया तकनीक के माध्यम से आगे बढ़ रही है और आज की बातचीत इसका उदाहरण है। यह वाकई सभी देशों के लिए काफी कठिन समय है। साइक्लोन चक्रवात अम्फान और विजाग में गैस लीक जैसे मामले सामने आए। आपने एक बार फिर से अपने आप को साबित किया। दोनों देशों के मूल्य और लोकतंत्र एक जैसे है। आपने जो कुछ भी कहा ठीक वैसे ही हमारे संबंध मजबूत होंगे। इंडो पैसिफिक क्षेत्र को समृद्ध बनाने के लिए हम लोग एक साथ आएंगे। यह हमारे संबंधों को व्यापक और मजबूत बनाने का समय है। आज विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में दोनों देश साथ आ रहे हैं। समुद्री सहयोग भी बढ़ रहा है। दो अच्छे दोस्त साथ बढ़ रहे हैं। मौजूदा संकट के इस दौर में हमारी दोस्ती और भी मजबूत होगी। हमारी अपनी अपनी घरेलू चुनौतियां हैं। हम समायोजिक और रणनीतिक साझेदारी से अपने संबंध को अलग अगले लेवल पर ले जा सकते हैं। मैं आपको वल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन के एडवाइजरी बोर्ड का चेयर मिलने पर भी आपको बधाई देता हूं। मौजूदा समय में इसकी अध्यक्षता हासिल करना काफी अहम है। इससे पहले विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस साल ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री जनवरी और मई में भारत आने वाले थे। लेकिन, जनवरी में ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग के कारण, जबकि मई में कोरोना के चलते वे यहां नहीं आ सके। अब दोनों नेताओं के बीच 'वर्चुअल समिट' करने पर सहमति बनी। यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री मोदी ने किसी विदेशी नेता के साथ 'द्विपक्षीय' वर्चुअल समिट में हिस्सा लिया। यह ऑस्ट्रेलिया के साथ हमारे मजबूत संबंधों को दिखाता है।

दोनों नेताओं के बीच नवेश और व्यापार को लेकर चर्चा हो सकती है

सूत्रों ने बताया कि बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच निवेश और व्यापार के साथ-साथ कोरोनावायरस महामारी को लेकर भी चर्चा होगी। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई समझौतें और घोषणाएं भी किए जा सकते हैं। मोदी और मॉरिसन पिछले डेढ़ साल के दौरान चार बार मिल चुके हैं। नवंबर 2018 में सिंगापुर में ईस्ट एशिया समिट के मौके पर, 2019 में ओसाका में जी20 में, अगस्त 2019 में बियारित्ज में जी7 समिट के मौके पर और नवंबर 2019 में बैंकॉक में पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों की मुलाकात हुई है।

मॉरिसन ने मोदी के साथ समोसा शेयर करने की बात कही थी

हाल ही में मॉरिसन ने समोसे के साथ अपनी फोटो ट्वीट की थी और कहा था- मैंने इन्हें आम की चटनी के साथ तैयार किया है। ये शाकाहारी हैं। इस हफ्ते में प्रधानमंत्री मोदी के साथ वीडियो लिंक के जरिए बैठक करूंगा। अगर ऐसा नहीं होता तो मैं इसे उनके साथ शेयर करना पसंद करता। इसमें उन्होंने मोदी को भी टैग किया था।

भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच दोस्ताना संबंध

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच दोस्ताना संबंध हैं। दोनों देशों के बीच बहुत कुछ सामान्य हैं। दोनों देशों की अनेकता में एकता जैसे मूल्यों, परंपरा और लंबे समय से लोगों के बीच खेल संबंध हैं। अर्थव्यवस्था कई मायनों में एक दूसरे की पूरक हैं। इनमें द्विपक्षीय व्यापार और निवेश बढ़ाने की संभावना है।

मोदी 2014 में ऑस्ट्रेलिया गए थे

पिछले पांच साल के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध काफी मजबूत हुए हैं। सितंबर 2014 में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने भारत का दौरा किया। वहीं, नवंबर 2014 में मोदी ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर पहुंचे। इससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी मजबूत हुई। ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच रक्षा सहयोग के फ्रेमवर्क पर नवंबर 2014 में हस्ताक्षर हुए। इससे दोनों देशों के बीच विदेश, रक्षा और सुरक्षा नीतियों की अदला बदली का आधार तैयार हुआ। इसके बाद से नियमित तौर पर इनके संस्थानों के बीच बातचीत हो रही है।

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