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केंद्र सरकार ने राज्यों से कहा- कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा कम रखने पर दें ध्यान

सरकारी अधिकारियों ने कहा कि कोविड मामलों पर नजर रखने के लिए अधिक परीक्षण, डोर-टू-डोर परीक्षण और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के प्रयास जारी रहेंगे।

केंद्र सरकार ने राज्यों से कहा- कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा कम रखने पर दें ध्यान
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नई दिल्ली, केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों से कहा है कि वो इस बात पर ध्यान दें कि कोरोना से मरने वाले लोगों की दर कम रहे। केंद्र सरकार चाहती है कि बड़ी संख्या में कोविड -19 मामलों वाले राज्य मामले की मृत्यु दर कम बनाए रखने के मुख्य उद्देश्य से न हटें। सरकारी अधिकारियों ने कहा कि कोविड मामलों पर नजर रखने के लिए अधिक परीक्षण, डोर-टू-डोर परीक्षण और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के प्रयास जारी रहेंगे। साथ ही मृत्यु दर को कम रखने पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा, इस उद्देश्य के लिए एक विस्तृत कार्य योजना पहले ही तैयार की जा चुकी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार और बुधवार को मुख्यमंत्रियों के साथ अपनी बैठक में इस मुद्दे को उठा सकते हैं। भारत की औसत मृत्यु दर 2.9 बनी हुई है लेकिन वैश्विक औसत 5.4 फीसदी है। अधिकारियों ने कहा, देश में कुल मौतों में से 80 फीसदी से अधिक सिर्फ पांच राज्यों में हैं। इसमें महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात, पश्चिम बंगाल और मध्यप्रदेश शामिल हैं। उन्होंने कहा, हमने इस बात पर भी ध्यान दिया है कि भारत के 65 जिलों में पांच फीसदी से अधिक मृत्यु दर है और 19 जिलों में से सबसे बड़ा हिस्सा मध्यप्रदेश में है। इसके बाद गुजरात, महाराष्ट्र और यूपी हैं। मध्यप्रदेश में, मंडला, सीहोर, उमरिया और छिंदवाड़ा हैं। यूपी में ललितपुर, झांसी, मेरठ और आगरा हैं। महाराष्ट्र में नंदुरबार, जलगांव, धुले और औरंगाबाद हैं। गुजरात में पोरबंदर, आणंद और अहमदाबाद हैं। पंजाब का कपूरथला और हरियाणा का जींद भी कम से कम 5 फीसदी सीएफआर वाले जिलों में शामिल हैं। अधिकारी ने कहा कि सीएफआर मुद्दे पर शनिवार को पीएम द्वारा बुलाई गई बैठक में चर्चा की गई। बैठक में गृहमंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और प्रमुख अधिकारी शामिल थे।

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