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सत्र बुलाने के लिए गहलोत के तीसरे प्रस्ताव पर राज्यपाल के जवाब का इंतजार

गोविंद सिंह डोटासरा आज राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालेंगे

सत्र बुलाने के लिए गहलोत के तीसरे प्रस्ताव पर राज्यपाल के जवाब का इंतजार
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जयपुर, राजस्थान में सियासी घमासान के बीच विधानसभा का सत्र बुलाने को लेकर सरकार और राज्यपाल के बीच खींचतान जारी है। पहले दो प्रस्ताव खारिज होने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को तीसरी अर्जी राजभवन भेजी। अब राज्यपाल के जवाब का इंतजार है। दूसरी तरफ बसपा ने अपने 6 विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने के खिलाफ हाईकोर्ट में पिटीशन फाइल कर दी है। पार्टी के महासचिव सतीश मिश्रा की ओर कोर्ट में अर्जी लगाई गई।

बसपा विधायकों के मामले में भाजपा की 2 पिटीशन

अदालत में कांग्रेस के खिलाफ भाजपा और बसपा के दांवपेंच चल रहे हैं। यह मामला 9 महीने पहले बसपा के सभी 6 विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने से जुड़ा है। भाजपा विधायक मदन दिलावर ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी है। सोमवार को दिलावर की पिटीशन खारिज हो गई थी, लेकिन मंगलवार को उन्होंने नए सिरे से 2 अर्जी लगा दीं। एक अर्जी बसपा विधायकों के कांग्रेस में जाने के खिलाफ है। दूसरी दलबदल के खिलाफ स्पीकर से शिकायत करने के बावजूद कार्यवाही नहीं होने और बिना वजह बताए शिकायत खारिज करने को लेकर है। दोनों पर आज सुनवाई की उम्मीद है। दूसरी तरफ बसपा खुद भी हाईकोर्ट पहुंची है। पार्टी प्रमुख मायावती ने मंगलवार को कहा था कि हमने राजस्थान में कांग्रेस को बिना शर्त समर्थन दिया, लेकिन अशोक गहलोत ने बसपा को नुकसान पहुंचाने के लिए हमारे विधायकों को असंवैधानिक तरीके से कांग्रेस में शामिल करवा दिया। अब उन्हें सबक सिखाने का वक्त आ गया है।

बसपा के ये 6 विधायक कांग्रेस में शामिल हुए थे

लखन सिंह (करौली), राजेन्द्र सिंह गुढ़ा (उदयपुरवाटी), दीपचंद खेड़िया (किशनगढ़ बास), जोगेन्दर सिंह अवाना (नदबई), संदीप कुमार (तिजारा) और वाजिब अली (नगर भरतपुर)।

पायलट गुट भी हाईकोर्ट पहुंचा, एसओजी जांच रद्द करने की मांग

सचिन पायलट खेमे के विधायक भंवरलाल शर्मा ने मंगलवार को हाईकोर्ट में अर्जी लगाई। उन्होंने अपील की है कि विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले की जांच राजस्थान सरकार की एसओजी की जगह केंद्र की जांच एजेंसी एनआईए से करवाई जाए। एसओजी ने सोशल मीडिया पर वायरल हुई ऑडियो क्लिप के आधार पर एफआईआर दर्ज की है, इसलिए जांच रद्द होनी चाहिए। भंवरलाल ने केंद्र और राज्य सरकार के साथ जांच अधिकारी को भी पक्षकार बनाया है।

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