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पीएम नरेंद्र मोदी ने दीप जलाकर देव दीपावली का किया शुभारंभ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब काशी विश्‍वनाथ मंदिर में दर्शन के बाद पूजन कर रहे हैं। मंदिर गर्भगृह में विधि विधान से बाबा की पूजा-अर्चना की। दूध-जल से अभिषेक के साथ ही षोडशोपचार पूजन किया और आरती उतारी।

वाराणसी । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बटन दबा कर सिक्स लेन का लोकार्पण किया। 73 किलोमीटर का यह मार्ग प्रयागराज व वाराणसी को जोड़ेगा। दिसंबर 2014 से इस मार्ग का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। खुजरी की जनसभा के बाद अब प्रधानमंत्री गंगा उस पार डोमरी स्थित भगवान अवधूत राम घाट पहुंचे। इसके बाद क्रूज से विश्‍वानाथ मंदिर कारिडोर पहुंच कर बाबा विश्‍वनाथ की पूजा की और अब जल मार्ग से राजघाट पहुंच रहे हैं। यहां पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीप जलाकर देव दीपावली का शुभारंभ किया। इसके साथ ही शिव आराधना के साथ ही सांस्‍कृतिक कार्यक्रम शुरू हो गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि काशीसे गुरुनानक देव ने लोगों को मार्ग दिखाया। सुधार की प्रक्रिया शुरू की और हर बदलाव का विरोध होता रहा है। चाहे वह किसानों के लिए बना नया कृषि कानून हो या काशी में विश्‍वनाथ कारिडोर ही क्‍यों न हो कई लोगों ने विरोध किया। लोगों ने चाह लिया तो श्रीराम मंदिर का निर्माण शुरू हो गई। बनारस में विकास की गति भी तेज गति से हो रहा है। प्राचीन बनारस का बदलता आधुनिक रूप दिखाई देेने लगा है। कोरोना संक्रमण काल में काशी के लोगों ने जो सेवा किया उसके लिए मैं आपके सेवा भाव को प्रणाम करता हूं। मैं भी आपकी सेवा में कोई कमी नहीं रहने दूंगा। देव दीपावली और गुरु नानक जयंती की बधाई के साथ संबोधन समाप्‍त किया। अंत में जय काशी, जय मां भारती और हर-हर महादेव का जयघोष हुआ।

राजघाट पर मुख्यमंत्री योगी आादित्यनाथ का संबोधन

देवी अन्नपूर्णा की सौ साल पहले चोरी हुई प्रतिमा भारत को मिली। आखिर 107-108 वर्षों तक किसी सरकार की नजर उस ओर न पड़ी। हम क्यों इतने वर्षों तक मौन रहे। पीएम ने योग को वैश्विक मंच दिया। कुंभ को गंदगी व अव्यस्था का मंच बना दिया था। पीएम ने इस सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक रूप दिया। मां गंगा का अविरलता निर्मलता किसी से छिपी नहीं है। कभी इसमें डुबकी लगाने पर शरीर पर लाल चकत्ते निकल आते थे। आज गंगा स्नान ही नहीं आचमन के लायक भी हो गयी है। यह नमामि गंगे के सफल क्रियान्वयन से मूर्त रूप ले सका। मां गंगा का संबंध भगवान विश्वनाथ के साथ किस तरह है, गंगा काशी में आाईं तो भैरव ने रोकने के प्रयास किया। गंगा ने बाबा का चरण पखारने का आग्रह किया। विघ्न-बाधा न डालने का भरोसा दिलाने पर उन्हें यह मौका मिला। पीएम मोदी के कारण काशी विश्वनाथ धाम पर वह रूप एक बार फिर मूर्त रूप ले सका है। काशी आज जिस रूप में हम सबके सामने है, हमारे आपके लिए गौरव है। बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद पीएम अलकनंदा रोरो यान से राजघाट पहुंचे। घाट के विशाल प्लेटफार्म पर बनाए गए मंच पर विराजमान हुए। देव दीपावली का पहला दीप जलाया और काशी की विशाल घाट श्रृंखला पर मानो छोटे-छोटे दीपों के रूप में सितारों की बरसात हो गई। शहर के इस उत्तरी छोर पर स्थित राजघाट से ही दक्षिण ओर फैली घाट श्रृंखला के साथ ही उस पार रेती तक में उभर आई देव दीपावली की अद्भुत छटा पर नजर डाल पीएम विभोर हो उठे। पीएम ने राजघाट पर ही पर्यटन विभाग की ओर से बनाई गई पावन पथ वेबसाइट भी लांच की। पावन पथ वेबसाइट में श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर को केंद्र में रख कर सभी देवालयों के बारे में जानकारी दी गई है। इसमें नौ दुर्गा, नौ गौरी, द्वादश ज्योतिर्लिंग, छप्पन विनायक, अष्ट भैरव समेत लगभग डेढ़ सौ देवालयों का इतिहास-भूगोल सहेजा गया है। इस पर काशी से जुड़े तीज-त्योहारों के बारे में भी बताया गया है। पीएम मोदी का यह तेइसवां काशी दौरा है। हालांकि वे देव दीपावली पर पहली बार काशी आए हैं।

'हमारे लिए विरासत का मतलब देश की धरोहर'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देव दीपावली के अपने संबोधन में विपक्ष पर भी वार किया। उन्होंने कहा कि हमारे लिए विरासत का मतलब है देश की धरोहर है, जबकि कुछ लोगों के लिए विरासत का मतलब होता है, अपना परिवार और अपने परिवार का नाम। उन्होंने कहा, ''हमारे लिए विरासत का मतलब है हमारी संस्कृति, हमारी आस्था, हमारे मूल्य। उनके लिए विरासत का मतलब है अपनी प्रतिमाएं, अपने परिवार की तस्वीरें। उनका ध्यान परिवार की विरासत को बचाने में रहा। हमारा ध्यान देश की विरासत को बचाने और उसे संरक्षित करने में हैं।'' मोदी ने कहा कि आज जब काशी की विरासत लौट रही है तो ऐसा लग रहा है कि काशी माता अन्नपूर्णा के आगमन की खबर सुनकर सजी-संवरी हो।

गंगा के किनारों पर जगमगा उठे लाखों द्वीप

पीएम मोदी के दीप जलाने के बाद गंगा के दोनों किनारों पर सजे लाखों दीप जगमगा उठें। हर तरफ अलौकिक छठा बिखर गई। हर बार केवल गंगा के इस बार ही रोशनी होती थे लेकिन पीएम मोदी की अगवानी में गंगा पार रेती भी रोशन हुई। अनूठे जल प्रकाश उत्सव के रूप में विश्‍व विख्यात देव दीपावली के मौके पर उत्तरवाहिनी मां गंगा के घाटों पर खास नजारा देखने के लिए देश-दुनिया से लोगों का हुजूम दोपहर बाद ही घाटों की ओर बढ़ चला था। भीड़ देखकर नहीं लग रहा था कि कोरोना जैसी कोई महामारी भी फैली है।

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