Top
undefined

सेंसेक्स 1020 अंक नीचे और निफ्टी 292 पॉइंट नीचे कारोबार कर रहे

संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि दुनिया की अर्थव्यवस्था को इस साल मंदी झेलनी पड़ेगी

सेंसेक्स 1020 अंक नीचे और निफ्टी 292 पॉइंट नीचे कारोबार कर रहे
X

मुंबई. बुधवार को भारतीय बाजार एक बार फिर गिरावट के साथ खुले। सेंसेक्स 36 अंक नीचे और निफ्टी 13 पॉइंट की गिरावट के साथ खुले। अभी सेंसेक्स 1020.94 अंक नीचे 28,447.55 पर और निफ्टी 292.50 पॉइंट नीचे 8,305.25 पर कारोबार कर रहे हैं। इससे पहले मंगलवार को बाजारों में भारी बढ़त देखने को मिली थी। सेंसेक्स ने 1028.17 अंक या 3.62% ऊपर 29,468.49 पर और निफ्टी 316.65 पॉइंट या 3.82% ऊपर 8,597.75 पर कारोबार खत्म किया था। मंगलवार को अमेरिकी बाजार के साथ दुनियाभर के कई बाजारों में गिवारट देखने को मिली। डाउ जोंस 1.84 फीसदी की गिरावट के साथ 410.32 अंक नीचे 21,917.20 पर बंद हुआ। वहीं, अमेरिका के दूसरे बाजार नैस्डैक 0.95 फीसदी गिरावट के साथ 74.05 अंक नीचे 7,700.10 पर बंद हुआ। दूसरी तरफ, एसएंडपी 1.60 फीसदी गिरावट के साथ 42.06 पॉइंट नीचे गिरकर 2,584.59 पर बंद हुए। हालांकि, फ्रांस के CAC 40 0.40 फीसदी बढ़त के साथ 4,396.12 अंको पर बंद हुआ। वहीं, चीन का शंघाई कम्पोजिट 19.74 अंको की तेजी के साथ 2,770.04 अंको पर बंद हुआ। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने कहा है कि दुनिया की अर्थव्यवस्था को इस साल मंदी झेलनी पड़ेगी। क्योंकि, कोरोनावायरस की वजह से बड़े आर्थिक नुकसान की आशंका है। इससे विकासशील देशों को ज्यादा मुश्किलें होंगी। हालांकि, यूएन ने कहा है कि इससे भारत और चीन पर पर असर न पड़ने की उम्मीद है। संयुक्त राष्ट्र की ट्रेड रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया की दो तिहाई आबादी विकासशील देशों में रहती है। इन देशों को कोरोनावायरस के संकट की वजह से बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इनके लिए 187.50 लाख करोड़ रुपए के रेस्क्यू पैकेज की जरूरत है।

अमेरिका में 24 घंटे में 770 लोगों की जान गई

दुनियाभर में कोरोनावायरस से आठ लाख 58 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हैं। अब तक 42 हजार 140 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, एक लाख 77 हजार 141 व्यक्ति स्वस्थ भी हुए हैं। उधर, अमेरिका में एक दिन में 770 लोगों की जान गई है। यहां अब तक तीन हजार 889 लोगों की मौत हो चुकी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को कहा कि अमेरिकियों के लिए अगले दो हफ्ते बेहद दर्दभरे रहने वाले हैं। इसके बाद यहां स्थिति बेहतर होगी।

Next Story
Share it
Top