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सीमाएं सील, 23 हजार से ज्यादा मजदूर अटके; बाहर से आए लोगों की स्क्रीनिंग हुई

मप्र आ रहे 23 हजार से ज्यादा मजदूरों को बॉर्डर पर ही रोक दिया गया, 10 हजार डॉक्टर, पुलिस ने जांच की

सीमाएं सील, 23 हजार से ज्यादा मजदूर अटके; बाहर से आए लोगों की स्क्रीनिंग हुई
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भोपाल. राज्यों की सीमाएं सील करने के निर्देश मिलने के बाद सोमवार सुबह गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र की ओर से मप्र आ रहे 23 हजार से ज्यादा मजदूरों को बॉर्डर पर ही रोक दिया गया। करीब 10 जिलों की सीमाओं पर डॉक्टरों, नर्साें और पुलिस की टीम ने इनकी जांच की, जो संदिग्ध मिले, उन्हें बॉर्डर पर ही बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटरों में 14 दिन के लिए रख दिया गया। खाने-पीने की व्यवस्था के लिए कई सामाजिक संगठन प्रशासन की मदद को आगे आए हैं।

8 माह की गर्भवती हूं, 500 किमी दूर से आ रही हूं, मुझे जाने दें

सोमवार सुबह 11 बजे उप्र सीमा में चिरूला के पास बैरिकेड्स लगा दिए गए थे। इससे ग्वालियर-दतिया की ओर से झांसी की ओर जाने वाले एक किमी के रूट पर कई वाहन फंस गए। यहां फंसे लोगों में हरियाणा के रेवाड़ी से पैदल मऊरानीपुर आ रही गर्भवती महिला पूजा भी शामिल थी। वह दो दिन पहले रेवाड़ी से पैदल ही चली थी। महिला ने पुलिस से विनती की कि वह आठ से गर्फवती हूं। मैं 500 किमी दूर पैदल आ रही हूं। मुझे जाने दें।

3710 लोगों को सीमा पर रोका, सभी क्वारेंटाइन

सोमवार को सीमावर्ती जिले की सीमाएं सील कर दी गईं। यहां आए 3710 यात्रियों को जांच के बाद क्वारेंटाइन कर दिया गया। इनके रुकने, खाने-पीने की व्यवस्था की गई है। बाहरी यात्रियों के रुकने के लिए शहर के खानपुरा स्थित गंगा गार्डन और मल्हारगढ़ के मख हन ढाबे, जागृति विद्यालय, कन्या मिडिल स्कूल सहित अन्य संस्थानों को अधिग्रहित किया गया। यात्रियों के ठहरने से पहले सभी परिसरों को सैनिटरी किया गया।

सीमा पर 500 लोग फंसे, चार घंटे बाद प्रशासन ने पैदल भेजा

मप्र और राजस्थान की सीमा के बीच 500 लोग सोमवार को फंस गए। दिल्ली, फरीदाबाद और हरियाणा से लौट रहे मजदूरों को राजस्थान की सागर पाड़ा चौकी पुलिस ने मुरैना की सीमा की ओर जाने दिया, लेकिन मुरैना की सीमा में भी पुलिस ने उन्हें घुसने नहीं दिया। करीब चार घंटे बाद मुरैना प्रशासन ने इन्हें पैदल निकाला। किसी को भी क्वारेंटाइन नहीं किया गया।

सौंसर की सीमा सुबह सील, एक मजदूर आया, उसे भी प्रवेश नहीं

जिले में सौंसर से लगी मप्र की सीमा सुबह 6 बजे सील कर दी गई। सुबह 9:18 बजे महाराष्ट्र की ओर से एक कामगार भूपेंद्र डेहरिया आया, जिसे मप्र में प्रवेश नहीं दिया गया। सुबह से शाम 4 बजे तक मात्र एक एम्बुलेंस व 5 लोडेड वाहनों को ही प्रवेश दिया गया। इस दौरान अनलोड वाहनों को सीमा पर ही रोक दिया गया।

कोई रोक-टोक नहीं; न किसी की जांच, न कोई क्वारेंटाइन

भिंड-इटावा सीमा सोमवार को सील नहीं की गई। यहां आने-जाने पर कोई रोक नहीं है। सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक 200 से ज्यादा लोग यहां से गुजरे। एक को भी क्वारेंटाइन नहीं किया गया। कुछ लोगों की औपचारिकता के लिए जांच की गई तो वह भी खतरे से खाली नहीं थी। फूप के पंचायत भवन में क्वारेंटाइन सेंटर बनाया है।

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