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घर लाने के लिए तेलंगाना की 48 साल की महिला ने 1400 किमी स्कूटी चलाई

सड़कें खाली थीं, कुछ इलाकों में सन्नाटा था, डर भी लगा, लेकिन हिम्मत नहीं हारी

घर लाने के लिए तेलंगाना की 48 साल की महिला ने 1400 किमी स्कूटी चलाई
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हैदराबाद. देश में लॉकडाउन की वजह से हजारों लोग अलग-अलग इलाकों में फंसे हुए हैं। घर पहुंचने के लिए इंतजार कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला तेलंगाना में देखने को मिला। यहां एक मां ने अपने बेटे को घर लाने के लिए स्कूटी से 1400 किमी का सफर तय किया। वह निजामाबाद से आंध्र प्रदेश के नेल्लोर के लिए सोमवार को निकलीं और बुधवार शाम को बेटे को लेकर घर लौटीं। निजामाबाद से नेल्लोर की दूरी करीब 700 किमी है। 48 साल की महिला रजिया बेगम ने बताया कि मेरा छोटा परिवार है। दो बेटे हैं। पति की 15 साल पहले मौत हो गई थी। बड़ा बेटा इंजीनियरिंग ग्रेजुएट है और छोटा बेटा निजामुद्दीन अभी पढ़ाई कर रह है। उन्होंने बताया, 'एक महिला के लिए टू-व्हीलर पर ये सफर आसान नहीं था, लेकिन बेटे को वापस लाने की मेरी इच्छाशक्ति के आगे डर भी गायब हो गया। मैंने रोटी पैक कीं और निकल पड़ी। रात में कोई ट्रैफिक नहीं, सड़कें खाली थीं। इससे डर जरूर लगा, लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी।' रजिया हैदराबाद से करीब 200 किलोमीटर दूर निजामाबाद स्थित एक सरकारी स्कूल में हेडमास्टर हैं। रजिया बेगम ने बताया कि निजामुद्दीन 12 मार्च को अपने दोस्त को छोड़ने नेल्लोर गया था। इस बीच कोरोनावायरस की वजह से लॉकडाउन हो गया और वह लौट नहीं सका। बड़े बेटे को मैं भेज नहीं सकती थी, क्योंकि उसे लेकर कई आशंकाएं थीं। इसलिए फिर मैंने ही जाने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि मैंने अपनी स्थिति स्थानीय प्रशासन और बोधान एसीपी को बताई थी। उन्होंने मुझे यह सफर करने की परमिशन दी और पास जारी किया।

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