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काशी-अयोध्या के 9 वेदाचार्य 6 घंटे तक रामार्चा पूजा कराएंगे

यूपी के दोनों उपमुख्यमंत्री अयोध्या पहुंच रहे हैं, तैयारियां देखेंगे, संतों और मेहमानों को रिसीव करने की भी जिम्मेदारी

अयोध्या, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए चल रहे तीन दिन के अनुष्ठान का आज दूसरा दिन है। अयोध्या में धार्मिक अनुष्ठान के दूसरे दिन राम जन्मभूमि में रामार्चा पूजा शुरू हो गई है। काशी, अयोध्या के 9 वेदाचार्य मंत्रोच्चार के बीच पूजा करवा रहे हैं। यह छह घंटे चलेगी। यजमान के रूप में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य राजा विमलेंद्र प्रताप मिश्र और उनकी पत्नी मौजूद हैं। बुधवार को 12:30 बजे भूमि पूजन शुरू होगा, जो 10 मिनट तक चलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल राम मंदिर की नींव रखने के लिए अयोध्या में 3 घंटे तक रहेंगे। भूमि पूजन कार्यक्रम के यजमान वीएचपी के प्रमुख रहे अशोक सिंघल के पुत्र सलिल होंगे। सुरक्षा के मद्देनजर सोमवार को अयोध्या को सील कर दिया गया है। प्रधानमंत्री 5 अगस्त को हनुमानगढ़ी में दर्शन करते हुए 12 बजे जन्मभूमि परिसर पहुंचेंगे। वे यहां पारिजात का एक पौधा लगाएंगे। भूमि पूजन समारोह के देश में लाइव कवरेज के लिए 48 से ज्यादा हाईटेक कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे दूरदर्शन और एएनआई न्यूज एजेंसी के हैं। दूरदर्शन और एएनआई के 100 से ज्यादा सदस्य परिसर में होंगे। अयोध्या में आज होने वाले दीपोत्सव और अन्य कार्यक्रमों के लिए चैनलाें की ओबी वैन राम की पौड़ी में तीन दिन से लगी हुई है।

राजनाथ और कल्याण अयोध्या नहीं आएंगे

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने देश की सभी परंपराओं के संतों और अन्य लोगों समेत 175 लोगों को भूमि पूजन समारोह के लिए आमंत्रित किया है। अतिथियों का आना शुरू हो चुका है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने अयोध्या आने का कार्यक्रम कोरोना के चलते रद्द कर दिया है। वहीं, वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी वर्चुअल तरीके से भूमि पूजन समारोह में जुड़ेंगे। जिला प्रशासन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की व्यवस्था की है।

21 सौ दीपों से आज और कल होगी महाआरती

अयोध्या में सरयू घाट पर आंजनेय सेवा संस्थान नित्य महाआरती कराती है। भूमि पूजन समारोह के अवसर पर मंगलवार और बुधवार को संस्थान की ओर से 2100 दीपों की महाआरती करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा कई मंदिरों में सोमवार से ही भूमि पूजन को लेकर दीपोत्सव शुरू हो चुका है। तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास ने 5100 दीप जलाए तो उदासीन ऋषि आश्रम में हफ्तेभर से दीप जलाकर मंदिर निर्माण की शुरुआत की खुशी मनाई। बुधवार को यह उत्सव अपने चरम पर होगा। इधर, तैयारियाें का जायजा लेने आए राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना को लेकर प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन होगा। केवल वे ही यहां आएं, जिन्हें आमंत्रित किया गया है। यह ऐतिहासिक क्षण होगा, जब प्रधानमंत्री मोदी अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण की नींव रखेंगे। उन्होंने देश की जनता से दीप जलाने का आह्वान भी किया। अभिजीत मुहूर्त होने के कारण मंदिर निर्माण में कोई बाधा नहीं आएगी। इस अवधि में रोगबाण, अग्निबाण, राजबाण, चोरबाण और मृत्युबाण नहीं हैं। इनके नहीं होने से बीमारी, आग, राजकीय संकट, चोरी और मृत्यु का संकट नहीं आएगा। राम मंदिर के भूमि पूजन का मुहूर्त निकालने वाले गणेश्वर शास्त्री ने कहा है कि अभिजीत मुहूर्त के 16 भाग में 15 अति शुद्ध होते हैं जिनमें ये 32 सेकंड अहम है। बुधवार होने से मंदिर निर्माण बिना विघ्न के यशस्वी रूप से पूरा होगा।

अयोध्या मार्ग पर रखे जाएंगे 5100 मिट्‌टी के रंग-बिरंगे घड़े, आम पत्तों से सजाया

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सांस्कृतिक इकाई संस्कार भारती मिट्टी के 5100 घड़ों को कलात्मक ढंग से सजा रही है। इन्हें रंग, कपड़े, गोटे, आम के पत्तों और दीपों से सजाया जा रहा है। यह घड़े साकेत महाविद्यालय से गुजरने वाले अयोध्या मार्ग पर रखे जाएंगे।

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