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ज़ूम ऐप से मंडरा रहा है खतरा मंत्रालय ने कहा, यह सेफ नहीं

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए इस्तेमाल की जाने वाली ऐप्लिकेशन जूम के लिए भारत सरकार ने एडवाइजरी जारी की है. सरकार ने इस ऐप को सुरक्षा के लिहाज से सही नहीं बताया है.

ज़ूम ऐप से मंडरा रहा है खतरा मंत्रालय ने कहा, यह सेफ नहीं
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नई दिल्ली। कोरोना वायरस के महासंकट की वजह से देश में लॉकडाउन जारी है. ऐसे में एक दूसरे से जुड़ने के लिए लोग वीडियो कॉल का इस्तेमाल कर रहे हैं. वीडियो कॉलिंग/कॉन्फ्रेंसिंग ऐप ज़ूम के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से एडवाइज़री जारी की गई है, जिसमें कहा गया है कि ये ऐप सुरक्षित नहीं है, ऐसे में लोग इसका सावधानी से इस्तेमाल करें.

गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया कि सरकार ने पहले भी 6 फरवरी, 30 मार्च को इसको लेकर जानकारी दी थी, ऐसे में लोग इसपर सतर्कता बरतें.

सरकार ने कहा है कि लोग अगर इसका इस्तेमाल कर भी रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें. लगातार पासवर्ड बदलते रहें, कॉन्फ्रेंस कॉल में किसी को अनुमति देते हुए सतर्कता बरतें.

ज़ूम पर बात करने के लिए गृह मंत्रालय ने ये सुझाव दिए हैं, जिनका पालन कर सतर्कता बरती जा सकती है:

हर मीटिंग के लिए नई यूजर आईडी, पासवर्ड का इस्तेमाल करें.

• वेटिंग रूम को एनेबल करें, ताकि कोई भी यूजर तभी कॉल में शामिल हो सके जब कॉन्फ्रेंस करने वाला अनुमति दे.

• ज्वाइन ऑप्शन को डिसऐबल कर दें.

• स्क्रीन शेयरिंग का ऑप्शन सिर्फ होस्ट के पास रखें.

• किसी व्यक्ति के लिए रिज्वाइन का ऑप्शन बंद रखें.

• फाइल ट्रांसफर के ऑप्शन का कम से कम इस्तेमाल करें.

गौरतलब है कि जब से देश में लॉकडाउन लागू हुआ है, तभी से अधिकतर लोग अपने घरों में बंद हैं. अधिकतर दफ्तरों ने वर्क फ्रॉम होम का सिस्टम भी शुरू किया है, इस बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, वीडियो कॉल का चलन बढ़ा है. कई दफ्तर और लोग जूम ऐप का इस्तेमाल कर रहे थे, लेकिन समय-समय पर इसकी सुरक्षा पर सवाल भी खड़े हुए हैं.

गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी जब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रेस कॉन्फ्रेंस की, तब उन्होंने भी जूम ऐप का ही इस्तेमाल किया था.

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