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ससुर से ज्यादा सास के साथ क्यों होते हैं बहू के झगड़े

ससुर से ज्यादा सास के साथ क्यों होते हैं बहू के झगड़े
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नई दिल्ली. सास और बहू का रिश्ता ऐसा होता है, जो अच्छे से जम गया, तो घर में शांति और सुकून बना रहता है, लेकिन इसमें जरा सी भी खींचतान हुई तो घर में झगड़े शुरू हो जाते हैं। वहीं ससुर की बात की जाए, तो उनके साथ बहुओं को ट्यूनिंग बैठाना सास के मुकाबले आसान लगता है। क्यों चलिए जानते हैं।

सास-ससुर के साथ रहने वाली बहुओं में से कई को आपने अपनी सास की बुराई करते या शिकायत करते सुना होगा। ऐसा तब होता है जब उनकी अपनी सास से बिल्कुल नहीं बनती। वहीं इसी स्थिति में यही महिलाएं कभी अपने ससुर का नाम नहीं लेतीं, बल्कि वह तो उनका पक्ष लेती नजर आती हैं। तो आखिर क्या वजह है कि शादी के बाद कुछ महिलाओं को अपने इन लॉज में से ससुर से ज्यादा सास से ट्यूनिंग जमाने में दिक्कत आती है और उनके साथ सबसे ज्यादा प्रॉब्लम्स होती है?

बेटे का ध्यान न देना

इस मामले में बहू की नहीं बल्कि बेटे की गलती होती है। शादी के बाद पत्नी के साथ पति ज्यादा से ज्यादा टाइम स्पेंड करना चाहता है, जो शायद एक हद तक सही भी है। लेकिन इसके कारण अपनी मां और पिता को इग्नोर कर देना बड़ी गलती है। जो बेटा हर समय अपनी मां को आवाज लगाता रहता था और उनके साथ टाइम स्पेंड करता था, वह अचानक से पूरा ध्यान पत्नी पर देना शुरू कर दे, तो किसे अच्छा लगेगा? लगाव और प्यार के कारण इस स्थिति में महिलाएं अपने बेटे को जिम्मेदार नहीं ठहरातीं, बल्कि यह सोचती हैं कि यह सब उनकी बहू के कारण हो रहा है, जो उनके मन में कड़वाहट ले आता है।

पहले से बनाई गई इमेज

'सास से संभलकर रहना', 'बहू को ज्यादा उड़ने मत देना'। शादी से पहले ही इस तरह की सलाह कई महिलाओं को उनके आसपास मौजूद ही महिलाएं देती हैं। इससे होता यह है कि जो महिला खुले विचारों की भी हो, उसके दिमाग में भी कहीं न कहीं ये नेगेटिव थॉट्स आने लग जाते हैं। वह चीजों को उसी तरह से देखना शुरू कर देती है। इस स्थिति में सास और बहू का रिश्ता कभी भी नॉर्मल नहीं रह पाता है।

तो ससुर के साथ क्यों नहीं होती ये परेशानी

महिलाओं के मुकाबले पुरुषों का घर और गृहस्थी के प्रति इमोशनल अटैचमेंट कम होता है, जिससे उनके मन में यह फीलिंग नहीं आती कि बहू की चीजों के प्रति अप्रोच उनकी लाइफ में किसी तरह से दखल दे रही है। दूसरी वजह यह भी है कि आमतौर पर महिलाओं के झगड़ों से पुरुष दूरी बनाए रखना पसंद करते हैं और अगर इस स्थिति में पड़ने की नौबत भी आए, तो वे शांत रहना या फिर वहां से चले जाना बेहतर समझते हैं। इस वजह से उन्हें पत्नी की नाराजगी मिलती है, तो वहीं कुछ न बोलने के कारण बहू के मन में उनके प्रति छवि अच्छी बनी रहती है और वे सास से झगड़ा होने के बाद भी उनका जरूर ख्याल रखती हैं।

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