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दिसंबर- जनवरी में यदि बर्फबारी का लेना है असली मजा तो हो आइए ये चार हिल स्टेशन

दिसंबर- जनवरी में यदि बर्फबारी का लेना है असली मजा तो हो आइए ये चार हिल स्टेशन
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सर्दियों का मौसम कई लोगों को इसलिए पसंद होता है क्योंकि दिसंबर के अंत में या जनवरी की शुरुआत में वे घूमने की योजना बनाते हैं। ऐसे में अधिकतर लोगों का मन किसी ऐसी जगह जाने का होता है जहां वे बर्फ से खेल सकें, थोड़ा ठिठूर सकें, गिरती हुई बर्फ में तस्वीरें खींचा सकें। भारत में ऐसे कई सारे हिल स्टेशन है जो बर्फबारी के दौरान किसी स्वर्ग से कम प्रतीत नहीं होते हैं। दिसंबर-जनवरी के माह में ये हिल स्टेशन सफेद चादर ओढ़ लेते हैं। अगली स्लाइड्स के माध्यम से हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसे हिल स्टेशन के बारे में जहां दिसंबर-जनवरी में जाना का निर्णय है सर्वश्रेष्ठ।

कुल्लू और मनाली: हिमाचल प्रदेश की शान है वहां के ये दो हिल स्टेशन। सर्दियों में यहां घूमने का अपना ही मजा है। कुल्लू घाटियों और मंदिरों के लिए जाना जाता है, वहीं मनाली नदी, पहाड़ और रोमांच के लिए प्रसिद्ध है। इन हिल स्टेशन्स पर अक्टूबर के बाद से मौसम बहुत ठंडा होने लगता है और दिसंबर- जनवरी में यहां खूब बर्फबारी होती है। ऐसे में इन दिनों यहां जाकर बर्फबारी का आनंद ले सकते हैं।

मसूरी: उत्तराखंड का सबसे प्रसिद्ध हिल स्टेशन सर्दियों में पर्यटकों से गुलजार ही रहता है। ऐसे में इन दिनों यहां खूब बर्फबारी होती है। रात का तापमान शून्य तक पहुंचना बहुत सामान्य बात है। ऐसा लगता है पूरा शहर बर्फ की चादर से ढंक गया हो। कई बार यहां बर्फबारी इतनी अधिक हो जाती है कि सड़क मार्ग बंद करने पड़ जाते हैं। यहां घाटी के अद्भुत दृश्य दिखाई देते हैं।

जूलुक: जूलुक सिक्किम का एक छोटा सा गांव है लेकिन सर्दियों में जिसने जूलुक नहीं देखा, उसके लिए बिल्कुल कहा जा सकता है कि उसने कुछ भी नहीं देखा है। यहां भव्य पहाड़ और सुंदर झरने हैं। जब दिसंबर- जनवरी में गांव बर्फ से ढंक जाता है तो वो किसी सुंदर सपने से कम नहीं लगता है। यहां खूबसूरती तो है ही लेकिन छोटी जगह होने के कारण सुकून भी है।

लैंसडाउन: उत्तराखंड की गढ़वाल पहाड़ियों में स्थित लैंसडाउन एक ऐसा स्थान है, जो कि कपल्स, परिवार, सोलो ट्रिप सभी के लिए उपयुक्त है। लैंसडाउन शहरी दुनिया से बिल्कुल अलग है। यहां की आबादी लगभग 20,000 के आसपास है। लैंसडाउन पर्वतों और जंगलों से घिरा हुआ है। दिसंबर के महीने में जब घास पर बर्फ पड़ने लगती है तो इसकी सुंदरता में चार चांद लग जाते हैं। बर्फ पर चलने में जो आनंद आता है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया सकता है।

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