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अरेंज मैरिज से जुड़ी इन बातों को सुनकर, मन में भी नहीं आएगा Love मैरिज का ख्याल

अरेंज मैरिज से जुड़ी इन बातों को सुनकर, मन में भी नहीं आएगा Love मैरिज का ख्याल
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नई दिल्ली. स्टैटिस्टिक्स ब्रेन रिसर्च इंस्टीट्यूट के मुताबिक, अरेंज मैरिज में तलाक की दर सिर्फ 6% है। यही कारण है कि दुनिया में आज भी कई लोग उस व्यक्ति से शादी करते हैं जिनका चुनाव उनके माता-पिता द्वारा किया जाता हैं। हालांकि इस बात को छोड़ भी दिया जाए तो अरेंज मैरिज करने के अपने भी कई फायदे हैं जो आज हम आपको इस रिपोर्ट में बताने जा रहे हैं।

ऑनलाइन डेटिंग और लव अफेयर्स के जमाने में अरेंज मैरिज के दिन अभी लदे नहीं हैं। यह हमारी संस्कृति का एक हिस्सा रही है जो कि अभी भी समाज में बहुत प्रचलित है। अधिकतर युवा आज भी अपने मां-बाप की पसंद से ही अपना जीवनसाथी चुनना पसंद करते हैं, तो कुछ अपने मन मुताबिक अपने पार्टनर का चयन करते हैं। भारत में अभी भी 60% युवा अरेंज मैरिज के पक्ष में हैं, क्योंकि उनका ऐसा मानना है कि अरेंज मैरिज में तलाक की दर सिर्फ 6% है। यही कारण है कि दुनिया में आज भी कई लोग इसी परंपरा से अपने जीवनसाथी का चुनाव करते हैं।

अरेंज मैरिज का सक्सेस रेट

विकिपीडिया के व्यवस्थित आंकड़ों पर एक नजर डालें तो 6.3% वह आंकड़ा है जो यह बताता है कि व्यवस्थित विवाह (अरेंज मैरिज) अन्य विवाह की तुलना में कहीं अधिक स्थिर है। अक्सर, इस बात पर बहस होती रही है कि क्या तलाक की कम दर शादी में स्थिरता का संकेत देती है या फिर सामाजिक स्वीकृति की आशंका का संकेत देती है।

खैर, देखा जाए तो आज के समय में भी अरेंज मैरिज में लोगों के बिछड़ने की बहुत अधिक संभावना नहीं है। हालांकि ऐसा कहना भी गलत होगा कि अरेंज मैरिज में तलाक नहीं होते, लेकिन वे काफी कम हैं। वास्तव में, भारत में प्रेम विवाह के तलाक की दर अरेंज मैरिज की तुलना में बहुत अधिक है। अरेंज मैरिज में ऐसा इसलिए भी है क्योंकि यहां आपको पसंद करने वाला केवल एक व्यक्ति नहीं होता, इसलिए गलत होने की संभावना कम होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि केवल तलाक की कम दर ही नहीं, बल्कि कई अन्य कारणों से भी लोग अरेंज मैरिज करने का फैसला करते हैं। ससुर से ज्यादा सास के साथ क्यों होते हैं बहू के झगड़े? ये हैं कारण

* अरेंज मैरिज में पहले से आप मुश्किल से अपने पार्टनर को जान पाते हैं, इसीलिए और अपने जीवनसाथी को बेहतर तरीके से समझने के लिए खुद का समय निकालते हैं। आप दोनों ही न्यूनतम उम्मीदों के साथ एक नए रिश्ते में प्रवेश करते हैं, और दोनों साथी मिलकर शादीशुदा जिंदगी को मिलकर बखूबी निभाते हैं। वास्तव में, आप उस पार्टनर को उसी तरह स्वीकार करते हैं जैसा वह है, न कि आपको इस बात की शिकायत रहती है कि शादी के बाद वह पूरी तरह से बदल गया।

* विवाह एक सामाजिक अनुबंध है। साझा जीवन के साथ साझा संपत्ति का लाभ भी अरेंज मैरिज में करार है। जब आपका परिवार आपकी शादी की जिम्मेदारी लेता है, तो वो आपके भविष्य की जिम्मेदारी भी संभालता है।

* जब एक शादी की व्यवस्था की जाती है, तो वित्तीय पहलू को भी ध्यान में रखकर चीजें तय की जाती हैं। माता-पिता यह देखते हैं कि उनके बच्चे शादी के बाद आर्थिक रूप से कितने सुरक्षित रहेंगे। वहीं, कभी-कभी जब लोग परिवारों के खिलाफ जाकर शादी करते हैं या अपने परिवार से सारे संबंधों को तोड़कर एक-दूसरे का हाथ थामते हैं, तो बुरे वक्त में उन्हें संभालने वाला कोई नहीं होता। बच्चा होने के बाद पति-पत्नी के रिश्ते में आती हैं ये 3 बड़ी मुश्किलें

* आज के इस भागदौड़ वाले समय में किसी के पास भी संबंधों को मजबूत बनाए रखने का समय नहीं है? पहले पढ़ाई, फिर कामकाज के चलते एक भावी जीवन-साथी के रूप में विभिन्न लोगों को स्कैन करना करने हर किसी को सही नहीं लगता है। साथ ही साथ प्यार-मोहब्ब्त में न पड़ते हुए अपना समय, दिल टूटने और चोट खाने से भी खुद को बचाते हैं। ऐसे लोग मां-बाप की पसंद से शादी करना ही सही समझते हैं।

* यह सही है कि आप सिर्फ अपने साथी से शादी नहीं करते बल्कि आप उसके पूरे परिवार से शादी करते हैं। यही वजह है कि माता-पिता अपने बच्चों के होने वाले पार्टनर की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि, शैक्षणिक योग्यता, सामाजिक स्थिति के हिसाब से रिश्ता तय करते हैं। इसके अलावा यह भी देखते हैं कि आप कितने अच्छे तरीके से दूसरे परिवार में खुद को समायोजित कर पाएंगे, जो आपके विवाहित जीवन को आसान बनाने में मदद करता है। वहीं, एक प्रेम विवाह में आपके पास सब कुछ स्वीकार करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं होता है।

* जब आपके माता-पिता आपकी शादी तय करते हैं, तो वे आपकी शादी के लिए आंशिक रूप से जिम्मेदारी और दिलचस्पी रखते हैं। लेकिन उनकी मर्जी के खिलाफ किया गया प्रेम विवाह अभिभावकों को अलग-थलग कर सकता है, लेकिन एक अरेंज मैरिज में इसकी संभावना कम से कम होती है।

चाहे लव मैरिज हो या फिर अरेंज, आपको खुशहाल वैवाहिक जीवन के लिए विश्वास और आशा की एक छलांग लगानी होगी। कहा जाता है कि विवाह एक जुआ है और इसकी सफलता का अनुमान लगाने का कोई निश्चित तरीका नहीं है।

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