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अच्छी क्वालिटी का ही गेहूं खरीदेगी सरकार

कोरोना की स्थिति को देखते हुए गेहूं की खरीदी के दौरान शारीरिक दूरी बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। इसके मद्देनजर प्रतिदिन उपार्जन केंद्रों पर चुनिंदा किसानों को ही एसएमएस देकर बुलाया जाएगा।

अच्छी क्वालिटी का ही गेहूं खरीदेगी सरकार
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भोपाल। मप्र प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी 15 अप्रैल से शुरू होगी। सरकार ने इसके लिए अधिकारियों का तैयारी करने का निर्देश दिया है। कोरोना की स्थिति को देखते हुए गेहूं की खरीदी के दौरान शारीरिक दूरी बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। इसके मद्देनजर प्रतिदिन उपार्जन केंद्रों पर चुनिंदा किसानों को ही एसएमएस देकर बुलाया जाएगा। इसी तरह खरीदी केंद्रों पर हम्माल, तुलावटी और समिति के कर्मचारी भी सीमित संख्या में ही बुलाए जाएंगे। जानकारी के अनुसार गेहूं की कटाई लगभग अंतिम चरण में है। जैसे ही खरीद शुरू होगी, केंद्रों में किसानों की भीड़ उमड़ सकती है। उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न इसके लिए कलेक्टरों को तैयारी करने का निर्देश दे दिया गया है। इसमें स्पष्ट कहा कि किसी भी स्थिति में एफएक्यू ग्रेड (अच्छी क्वालिटी) से निम्न स्तर की गेहूं खरीद न की जाए। इस बार बोरे में किसान कोड भी अंकित किया जाएगा। ताकि, गुणवत्ताहीन गेहूं मिलने पर संबंधित को वापस किया जा सके। ऐसी खरीदी करने वाले कर्मचारियों पर भी कार्रवाई होगी।

100 लाख टन गेहूं की खरीदी

प्रदेश में इस वर्ष पर्याप्त नमी और वातावरण अनुकूल होने के कारण लगभग 80 लाख हेक्टेयर में गेहूं बोया गया है, जबकि लक्ष्य 64 लाख हेक्टेयर रखा गया था, बोनी इससे 16 लाख हेक्टेयर अधिक क्षेत्र में हुई है जिससे उत्पादन भी 250 लाख टन से अधिक होने का अनुमान है। गत वर्ष 60.21 लाख हेक्टेयर में बोनी हुई थी तथा उत्पादन 212 लाख टन होने का अनुमान लगाया गया है। इस सीजन में राज्य में लगभग 100 लाख टन गेहूं खरीदी होने की उम्मीद है। चालू रबी सीजन 2019–20 में मप्र में बंपर गेहूं उत्पादन की संभावना के बीच किसानों को भण्डारण की समस्या से भी जूझना पड़ सकता है वहीं सरकार के सामने भी अनाज रखने का संकट खड़ा हो गया है। प्रदेश के गोदामों में भी 40 लाख टन अनाज भरा है तथा केन्द्र सरकार का सेन्ट्रल पूल भी धीमी गति से अनाज का उठाव कर रहा है और इस सीजन में राज्य में लगभग 100 लाख टन गेहूं खरीदी होने की उम्मीद है। प्रदेश में इस वर्ष पर्याप्त नमी और वातावरण अनुकूल होने के कारण लगभग 80 लाख हेक्टेयर में गेहूं बोया गया है, जबकि लक्ष्य 64 लाख हेक्टेयर रखा गया था, बोनी इससे 16 लाख हेक्टेयर अधिक क्षेत्र में हुई है जिससे उत्पादन भी 250 लाख टन से अधिक होने का अनुमान है। गत वर्ष 60.21 लाख हेक्टेयर में बोनी हुई थी तथा उत्पादन 212 लाख टन होने का अनुमान लगाया गया है।

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