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भोपाल कलेक्टर ने मुनाफाखोरी पर रोक लगाने के लिए सब्जियों के दाम तय कर लिस्ट की जारी

भोपाल नगर निगम के वेंडर मुनाफाखोरी के चक्कर में सब्जियां महंगी बेच रहे हैं। प्रशासन के पास जब इसकी शिकायतें पहुंची तो प्रशासन ने सब्जियों की रेट फिक्स कर दिए और लिस्ट जारी कर दी।

भोपाल कलेक्टर ने मुनाफाखोरी पर रोक लगाने के लिए सब्जियों के दाम तय कर लिस्ट की जारी
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भोपाल। कोरोना संक्रमण से बचाव के बतौर लॉकडाउन के बीच लोगों को घरों में रहने के लिए कहा गया है। यही कारण है कि प्रशासन ने लोगों के घरों तक राशन और सब्जी पहुंचाने की व्यवस्था की है। तीन दिनों से सब्जियां लोगों के घर भी पहुंचाई रही हैं। लेकिन नगर निगम के वेंडर मुनाफाखोरी के चक्कर में सब्जियों को महंगी बेच रहे हैं। यही कारण है कि जब तमाम शिकायतें प्रशासन के पास पहुंची तो प्रशासन ने लोगों को राहत देते हुए मुनाफाखोरी पर शिकंजा कसा है। प्रशासन ने तमाम सब्जियों के रेट तय कर दिए हैं। कलेक्टर ने सब्जियों की रेट लिस्ट जारी भी कर दी है। यदि कोई भी नगर निगम का वेंडर सब्जी को मंहगे दाम में बेचेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान भी किया गया है।

ये हैं रेट लिस्ट

जिला प्रशासन ने सब्जियों के दाम फिक्स कर दिए हैं। प्रशासन की रेट लिस्ट के अनुसार आलू 30 प्याज 25 लहसुन 70 टमाटर 20 बैंगन 25 भिंडी 40 ककड़ी 20 हरा धनिया 40 शिमला मिर्च 40 हरी मिर्च 60 गिलकी 55 लोकी 30 कद्दू 25 करेला 50 फूलगोभी 25 पालक 25 पत्ता गोभी 20 में 30 मूल्य 20 अदरक 60 से 38 गाजर 50 प्रति किलो बेचे जाएंगे।

ऐसे हो रही थी कालाबाजारी

नगर निगम के वेंडर शहर में बनी अस्थाई सब्जी मंडियों से सब्जी खरीदने के बाद वार्ड स्तर पर सब्जी को बेचने का काम करते हैं। लेकिन कई बार यह वेंडर सीधे सब्जी को फुटकर व्यापारियों को भेज देते थे। ऐसे में लोगों को सब्जी महंगी मिल रही थी। इसके अलावा भी वेंडर घर-घर जाकर सब्जी को मनमाने दाम मर दाम पर बेच रहे थे। आलू को 60 से 80 किलो बेचा जा रहा था। प्याज भी 40 से ज्यादा दाम में बेची जा रही थी। इसी तरीके से टमाटर के साथ दूसरी सब्जी भी 40 से लेकर 80 तक बेची जा रही थी। सब्जी की शिकायतें मिलने के बाद कलेक्टर ने अब सब्जियों के दाम तय कर दिए।

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