Top
undefined

कोई बना रहा चित्र तो कोई लिख रहा है कविता

नन्हें-नन्हें बच्चों के विचारों में कोरोना से जंग जीतने की दिखी उमंग

भोपाल, एक ओर जहां कोरोना जैसी महामारी दुनिया में अपने पैर पसार चुकी है, वहीं बच्चे भी इस भयावह परिस्थिति से अपरिचित नहीं हैं। इसी क्रम में कोई बच्चा कविता, गीत के माध्यम से कोरोना से बचने के संदेश दे रहा है तो कोई अपने चित्रों के माध्यम से सोश्यल डिस्टेंसिंग को महत्वपूर्ण बता रहा है। राजधानी के बाल कल्याण एवं बाल साहित्य शोध केंद्र में ये गतिविधियां पिछले कई दिनों से चल रही हैं, जहां बच्चे अपने घरों में बैठकर अनेक कलाओं में मगन है कुछ बच्चे गीत गा रहे हैं तो कोई कविता एवं कहानी लिख रहे हैं तो कुछ बच्चे चित्र भी बना रहे हैं कोरोना जैसी महामारी ने बच्चों को घर पर बिठा दिया है। बच्चों के खेल के साधन एवं पार्क जाना सब बंद हो गया हैं। बच्चों ने बताया कि वह कोशिश कर रहे हैं कि मोबाइल कम से कम देखें और अनेक कलाओं में संलग्न रहे। दादी दादा से कहानी सुने एवं मम्मी पापा के कामों में हाथ बटाएं। बच्चे घरों में बैठकर एक दूसरे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात कर रहे हैं एवं अपनी बनाई हुई चीजें एक दूसरे को दिखा रहे हैं एवं एक दूसरे का प्रोत्साहन बढ़ा रहे है। केंद्र निदेशक महेश सक्सेना ने बताया कि कोरोना जैसी बीमारी जो महामारी का रूप ले चुकी है इतनी छोटी सी उम्र में ही बच्चों ने जान ली है।

रिद्धिमा की चित्रकारी में बताये कोरोना को हराने के तरीके

शहर की बालिका रिद्धिमा अग्रवाल ने भी कोरोना को हराने के लिए अपने चित्रों में अभिनव प्रयोग किए हैं। उन्होंने पहली बार 6 वर्ष की आयु में राज्य स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता जीती थी। इसके बाद उनका चित्र बनाने का सिलसिला जारी रहा। कोटारा सुल्तानाबाद निवासी इंजी. निशु अग्रवाल और श्रीमती प्रज्ञा अग्रवाल की सुपुत्री रिद्धिमा अग्रवाल अभी 13 वर्ष की है। माता जी एवं पिताजी के उत्साहवर्धन एवं आशीर्वाद से इन्होंने कई चित्रकला प्रतियोगिता में भाग लेकर 90 से अधिक पुरस्कार प्राप्त किये हैं। रिद्धिमा द्वारा बनाए गए चित्रों को कई प्रदर्शनी मैं लगाकर सम्मानित भी किया गया है। हाल ही में इन्हें ऑल इंडिया रेड आर्ट कंपटीशन में (नेशनल) गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया है। कोरोना कि इस पेंटिंग के माध्यम से उन्होंने बताया है कि हम स्वयं सावधानी रखकर इस गंभीर बीमारी से कैसे बच सकते हैं तथा उन सभी जाबाज सुपर हीरोज का आभार व्यक्त किया है जो स्वयं अपनी जान पर खेलकर हमारी जान रक्षा कर रहे हैं। रिद्धिमा पढ़ाई और चित्रकला में तो बहुत अच्छी है ही साथ ही इन्होंने रंगोली, मेहंदी, स्विमिंग आर्ट एंड क्राफ्ट के साथ खेल की गई गतिविधियों में भी बहुत सारे पुरस्कार प्राप्त किए हैं। रिधिमा अपनी इन सभी उपलब्धियों का श्रेय अपने परिवार तथा गुरुजनों को देती है।

Next Story
Share it