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जान और अपने परिवार की परवाह किए बिना निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे

डॉक्टर बिना छुट्टी लिए निरंतर कोरोना पीडि़त मरीजों का उपचार और उनकी जांच करते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में जाकर कोरोना संक्रमित व्यक्तियों की पहचान कर रहे हैं।

जान और अपने परिवार की परवाह किए बिना निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे
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भोपाल, किसी को बचाना और उसके जीवन को नया सहारा देना डॉक्टरों का काम है, लेकिन इस विषम परिस्थिति, संकटकाल में कोरोना संक्रमण से प्रदेश को मुक्त करने के लिए डॉक्टर ऐसे मरीजों का उपचार कर रहे हैं, जो कोरोना से संक्रमित हैं। वे अपनी जान और अपने परिवार की परवाह किए बिना निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस कठिन समय में भी डॉक्टर्स सुबह से रात्रि तक पूरी निष्ठा और ईमानदारी व साकारात्मक सोच के कोरोना संक्रमण से आम नागरिकों को बचाने में जुटे हुए हैं। प्रदेश में यह डॉक्टर्स अपनी सेवाओं से प्रीतिदिन नये आयाम, सुखद समाचार और इस जंग में नायाब उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। भोपाल के जयप्रकाश चिकित्सालय में भी डॉ. केके अग्रवाल, सचिन नायक, आनंद महाजन, सचिन पाटीदार और अजीत सिंह जैसे डॉक्टर बिना छुट्टी लिए निरंतर कोरोना पीडि़त मरीजों का उपचार और उनकी जांच करते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में जाकर कोरोना संक्रमित व्यक्तियों की पहचान कर रहे हैं। डॉक्टर केके अग्रवाल ने बताया कि वे कोरोना पीडि़त मरीजों की जांच से लेकर उनका उपचार करते हैं और बिना छुट्टी लिए निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अपने परिवार और बच्चों से दूर रहकर निरंतर कार्य कर रहे हैं। इसी तरह अन्य डॉक्टर्स भी अपनी जिम्मेदारी और फर्ज से इस कोरोना को हराने संकल्प लिए हुए हैं। वे बताते हैं कि हम सबने ठाना है की किसी भी परिस्थिति में भी हम कोरोना से पीडि़त अंतिम व्यक्ति तक का इलाज जारी रखेंगे। जब तक यह संक्रमण पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता। उनकी की टीम ने सभी शहरवासियों से यह अनुरोध भी किया है कि वे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन तो अनिवार्य रूप से करें साथ ही अपने घरों में रहते हुए अपने परिवार का पूरा ख्याल रखें। उन्होंने कहा कि शासन प्रशासन आपकी सहायता के लिए तत्पर तो हैं ही स्वास्थ्य दल भी निरंतर आपकी सेवा में जुटा हुआ है। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि हम 1000 से 1500 कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के टेस्ट या जांच प्रतिदिन करते हैं। यह सर्वस्व बलिदान है जो परिवार से दूर रहकर भी दूसरों के जीवन को कृतार्थ कर रहे हैं। यह नैतिक मूल्यों और अपने दायित्वों का निर्वहन है जो इस आपदा के समय निष्ठा और कार्य की पराकाष्ठा से ऊपर उठकर समाज सेवा कर रहे हैं।

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