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बावडिय़ा ओवर ब्रिज से उतरते ही सर्विस मार्ग पर भर जाता है तालाब

बावडिय़ा ओवर ब्रिज से उतरते ही सर्विस मार्ग पर भर जाता है तालाब
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स्वदेश संवाददाता। भोपाल होशंगाबाद मार्ग को बावडिय़ा कला को जोडऩे वाला रेलवे ओवर ब्रिज पर बरसात के समय चढऩा और उतरना एक मुसीबत बना हुआ है। बावडिय़ा कला से चढ़कर विद्यानगर की तरफ ब्रिज से जैसे ही उतरते हैं वैसे ही एक ड्रेन बना हुआ है, इस ड्रेन को आसपास के रहवासियों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों ने चोक कर दिया है। इनके भवनों से सटकर निकलने वाली नालियो पर किसी ने सीढिय़ां बना ली हैं तो किसी ने चबूतरा बना लिया है, जिससे सर्विस मार्ग का पानी नालियों के माध्यम से ड्रेन तक जाने वाला बरसात का पानी इत्यादि पूरी तरह से चोक हो गया है, जिससे सर्विस मार्ग पर तालाब जैसी स्थिति निर्मित हो जाती है। आवागमन करने वालों को इस बात का एहसास नहीं हो पाता है कि कहीं सर्विस मार्ग पर गढ्डा तो नहीं है निकलते समय कोई अनहोनी घटित न हो जाए। उल्लेखनीय है कि दानापानी चौराहा से होशंगाबाद कॉरिडोर को जोडऩे वाले बावडिय़ा कला ब्रिज के निर्माण की आधार शिला तात्कालीन और वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के समय रखी गई थी। इस ब्रिज के निर्माण की मांग की जा रही थी और रहवासियों की मांग पर ब्रिज निर्माण की आधारशिला का रखकर निर्माण शुरू करवाया था। इस ब्रिज का लोकार्पण 14 फरवरी 2020 को नगर पालिका निगम भोपाल के तात्कालीन महापौर आलोक शर्मा, गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती कृष्णा गौर के विशिष्ट आतिथ्य में किया गया था।

एक नजर में ब्रिज की तस्वीर

- ब्रिज 642 मीटर लंबा और 15 मीटर चौड़ा और लागत 34 करोड़ है।

- रेलवे क्रासिंग 247 पर किया गया टू-वे ब्रिज का निर्माण।

- ब्रिज निर्माण 2016 में हुआ था शुरु, फरवरी 2020 में हुआ लोकार्पित।

- ब्रिज पर दोनों तरफ डेढ़-डेढ मीटर का फुटपाथ और 12 मीटर की बनी है सड़क।

- ब्रिज नगर निगम, सिंचाई विभाग और रेलवे की जमीन पर संयुक्त रुप से बना है।

- एक तरफ ब्रिज की भार क्षमता 77 टन, ब्रिज का 14 पिलर बनाकर किया गया निर्माण।

इन्होने बताया

ब्रिज से भोपाल की तरफ विद्यानगर सर्विस मार्ग पर जैसे ही उतरते हैं, इस मार्ग पर बने भवनों का नाली के ऊपर किए गए अतिक्रमण अगर हट जाते हैं, तो इस स्थान पर विधिवत ड्रेन का निर्माण हो सकेगा और सर्विस मार्ग पर बरसात के समय तालाब जैसी बनने वाली स्थिति से निजात मिल सकता है।

- के. सी. वर्मा, सब इंजीनियर

लोक निर्माण (सेतु) विभाग मप्र

इन्होने बताया

ब्रिज से उतरते ही विद्या नगर की तरफ सर्विस मार्ग के किनारे बने भवन मालिकों ने अगर नालियों पर पक्का निर्माण कर ड्रेन को चोक कर दिया है, तो ऐसे अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी और नालियों पर किए गए अतिक्रमण निगम प्रशासन हटवाने की कार्रवाई करेगा।

- पी. एस. शुक्ल, पीआरओ.

नगर पालिका निगम परिषद, भोपाल

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