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एक फोन पर घर पंहुचेगी मोबाइल ब्लड बैंक की वैन, गली, मुहल्ले के साथ गांवों में भी कर सकेंगे रक्तदान

एक फोन पर घर पंहुचेगी मोबाइल ब्लड बैंक की वैन, गली, मुहल्ले के साथ गांवों में भी कर सकेंगे रक्तदान
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भोपाल. कोरोना संकट के बीच दूसरी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को उपचार मुहैया कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जुटे हुए हैं। लॉकडाउन में ढील के बाद अब अस्पतालों में ब्लड़ की समस्या को दूर करने के लिए वॉलेंट्री ब्लड डोनेशन को बढावा देने के लिए सभी जिलों में मोबाइल ब्लड़ वैन शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इससे रक्तदान के इच्छुक लोगों को अस्पताल के ब्लड बैंक तक जाने की जरूरत नहीं होगी। एक फोन करने पर ब्लड बैंक आपके घर आ जाएगा। स्वास्थ्य विभाग जल्द ही हर जिला अस्पताल में मिनी मोबाइल ब्लड बैंक की सुविधा शुरू करने जा रहा है। छह महीने में इन मिनी वैन की सुविधा मिलने लगेगी।

स्वास्थ्य विभाग की स्टेट ब्लड एंड ट्रांसफ्यूजन कमेटी (एसबीटीसी) प्रदेश में रक्त की कमी को दूर करने के लिए रक्तदान को बढ़ावा के लिए प्रयास कर रही है। काफी प्रयास के बावजूद जरूरत के लिहाज से ब्लड नहीं मिल पा रहा है। विभाग प्रदेश भर में मोबाइल ब्लड वैन के जरिए रक्तदान को बढाना चाहता है। इसके लिए इन गाडिय़ों के टेंडर का काम मार्च में ही पूरा होना था लेकिन कोरोना के चलते लॉकडाउन के कारण काम रुक गया था। जानकारी के मुताबिक छह माह में इन ब्लड बैंक को जिला अस्पताल में पहुंचा दिया जाएगा।

तीन ब्लड बेंको के पास मोबाइल वैन इनमें से एक बंद

प्रदेश में अभी तीन मोबाइल ब्लड बैंक के पास तीन बसें हैं। इनमें से एक गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल और दूसरी एमजीएम मेडिकल कॉलेज इंदौर के पास है। वहीं बीएमएचआरसी में भी एक वाहन है लेकिन उसका संचालन बंद है। हालांकि यह बस बहुत बड़ी हैं और इनके संचालन में बहुत खर्च आता है। ऐसे में इन्हें बड़े शिविरों में ही ले जाया जाता है।

गांवों के साथ छोटी बसाहटों में भी जा सकेगी वैन

मिनी मोबाइल ब्लड बैंक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे बुलाने के लिए बड़े रक्तदान शिविर का आयोजन नहीं करना पड़ेगा। अगर एक परिवार में आठ दस सदस्य रक्तदान करना चाहती है तो यह वैन घर पहुंच जाएगी। इसके साथ ही इसे ग्रामीण क्षेत्रों के हाट बाजार, छोटे मोहल्ले या कॉलोनी में भी ले जाया जा सकता है।

यह है खासियत

- मिनी वैन में दो लोग ब्लड डोनेट कर सकेंगे, बड़ी में चार से छह लोगों की क्षमता होती है।

- 50 लाख में हो जाती है तैयार, जबकि बड़ी वैन की कीमत 1.5 करोड़ से भी ज्यादा है।

- छोटी जगहों पर जाने से ब्लड कलेक्शन बढ़ जाएगा, लोग जागरुक होंगे।

- ब्लड की जांच करने के साथ-साथ ब्लड को सुरक्षित रखने के आधुनिक उपकरण भी मौजूद होंगे

प्रदेश और राजधानी में ब्लड बैंक पर एक नजर

08 लाख यूनिट ब्लड की जरूरत प्रदेश में हर साल

3.5 लाख यूनिट ब्लड मिलता है रक्तदान के जरिये (एक्सचेंज में दिया जाने वाला ब्लड भी शािमल)

85 हजार यूनिट ब्लड मिलता है स्वैच्छिक रक्तदान से (शिविरों और ब्लड बैंक में रक्तदान करने वाले)

62 शासकीय ब्लड बैंक हैं प्रदेश में

78 निजी ब्लड बैंक प्रदेशभर में

06 सरकारी ब्लड बैंक हैं भोपाल में

13 निजी ब्लड बैंक हैं शहर में

7000 डोनर रजिस्टर्ड हैं ब्लड बैंकों में

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