Top
undefined

शांति के नाम पर सभी भ्रांति पाते हैं, जो नैसर्गिक है : मुनि अजित सागर महाराज

शांति के नाम पर सभी भ्रांति पाते हैं, जो नैसर्गिक है : मुनि अजित सागर महाराज
X

भोपाल। 17 दिवसीय श्री शांतिनाथ महामंडल विधान के समापन मौके पर मुनि अजित सागर महाराज ने आशीष वचन दिए। मुनि अजित सागर महाराज ने कहा कि आज के समय में लोग शांति चाहते हैं, लेकिन शांति के नाम पर सभी भ्रांति पाते हैं, जो नैसर्गिक है। उसके प्रति हमारी दृष्टि नहीं है और जो कृत्रिम है उसके पीछे सभी भाग रहे हैं। उक्त विचार गुरुवार को समसगढ़ जिनालय में मुनि अजित सागर ने दिए। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में जीवन को व्यापक रूप में बताया गया है। शांति, तृप्ति, पवित्रता और आनंद से भरा हो भारतीय संस्कृति में जीवन यही है। इन चारों का समागम हो तो जीवन का साथ है नहीं तो सब बेकार है। यह आप निश्चय करो कि आप सार की ओर भाग रहे हो या बेकार की ओर। मुनिश्री ने कहा भविष्य में भी आनंद के लिए वर्तमान में आनंद पूर्वक जीवन शैली अपनाओ।

इससे पहले 17 दिवसीय श्री शांतिनाथ महामंडल विधान का समापन के मौके पर जगत में शांति व परस्पर सद्भाव की भावना को लेकर विश्व शांति महायज्ञ में श्रद्धालुओं ने आहुतियां दीं। ललितपुर के पंडित राजेंद्र के निर्देशन में धार्मिक अनुष्ठान हुए। दिगंबर जैन पंचायत कमेटी ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रमोद हिमांशु, महेंद्र अजमेरा, राजीव राज, सुनील पटेल, अशोक आर एस, दीपक दीपराज भूरा पप्पू, अमरेश अनुपम, पिंटू बांगा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। ट्रस्ट के प्रवक्ता अंशुल जैन ने बताया शुक्रवार को समझ कर महा महोत्सव के दौरान प्राचीन प्रतिमाओं के स्वर्ण कदमों से कल सौ से महा-मस्तकाभिषेक जगत में सभी के मंगलमय जीवन की कामना को लेकर विशेष अनुष्ठान होंगे।

Next Story
Share it