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भोपाल में अब तक ठीक हुए 172 मरीज़, सबने कहा-घर पर रहें-कोरोना से बचें

कोरोना को हराकर घर लौट रहे इन लोगों को डॉक्टर्स एक ही सलाह दे रहे हैं कि फिलहाल 14 दिन होम क्वारेंटीन में रहें। उसके बाद अपना प्लाज्मा डोनेट करने की अपील अस्पताल प्रबंधन ने की है। डोनेट किए गए प्लाज्मा से दूसरे लोगों की जान बचायी जा सकती है।

भोपाल में अब तक ठीक हुए 172 मरीज़, सबने कहा-घर पर रहें-कोरोना से बचें
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भोपाल। मध्य प्रदेश में जहां कोरोना संक्रमण के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं वहीं प्रदेश से राहत की खबर ये भी है कि काफी मरीज़ ठीक होकर घर लौट रहे हैं। दृढ़ इच्छा शक्ति और साहस के बल पर मध्यप्रदेश के कोरोना योद्धाओं ने दुनिया को जीत की राह दिखाई है।

अब तक 172 योद्धाओं ने जीती कोरोना की जंग

इस महामारी में भोपाल के 14 और योद्धा अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और डॉक्टरों की मेहनत से बुधवार अपने घरों को रवाना हुए। इन्हें मिलाकर अब तक शहर के 172 कोरोना पॉजिटिव पेशेंट्स ठीक होकर घर जा चुके हैं। इन योद्धाओं ने कोरोना को परास्त कर बता दिया है कि ये सामान्य बीमारी है।अपनी आदतों में बदलाव कर नियम संयम से इस बीमारी को हराया जा सकता है।

डिस्चार्ज हुए योद्धाओं की अपील

स्वस्थ होकर अपने घर लौट रहे इन कोरोना वॉरियर्स ने रवाना होने से पहले एक अपील लोगों से की। उन्होंने कहा कोरोना से बचने का एक ही उपाय है कि सोशल डिस्टेंस बनाए रखें और सरकार जो भी उपाय बता रही है उसे अपनाएं। कोरोना एक मामूली बुखार की तरह ही है, इसका इलाज संभव है।आप सभी अपने घरों में रहें, लॉकडाउन का पालन करें और सुरक्षित रहें।

योद्धाओं को सलाह

कोरोना को हराकर घर लौट रहे इन लोगों को डॉक्टर्स एक ही सलाह दे रहे हैं कि फिलहाल 14 दिन होम क्वारेंटीन में रहें। उसके बाद अपना प्लाज्मा डोनेट करने की अपील अस्पताल प्रबंधन ने की है। डोनेट किए गए प्लाज्मा से दूसरे लोगों की जान बचायी जा सकती है।

18 महीने का कोरोना वॉरियर

जो मरीज़ बुधवार को घर लौटे उनमें एक 18 माह का नन्हा योद्धा भी शामिल है। डिस्चार्ज हुए विनोद सूरी ने बताया जब वह यहां इलाज के लिए आए थे तब बहुत तनाव में थे। इस बीमारी में सबसे ज़्यादा ज़रूरत प्रॉपर केयर और मनोबल की है। डॉक्टरों और परिवार ने उन्हें ये सपोर्ट दिया। इसलिए वो स्वस्थ होकर घर लौट रहे हैं। एक अन्य मरीज़ सुरेश चंद्र त्रिपाठी ने कहा- डॉक्टर भगवान का रूप होते हैं यह सुना था, लेकिन इलाज के दौरान उसे महसूस भी कर लिया।

होंगे कामयाब,मन में है विश्वास

स्वास्थ विभाग के अनुसार भोपाल के चिरायु अस्पताल में अभी तक लगभग 510 कोविड 19 पॉजिटिव व्यक्ति इलाज के लिए लाए गए थे। लोगों को पूरी तरह ठीक होने के बाद डिस्चार्ज किया जा रहा है।केवल गंभीर स्थिति के मरीजों को ही रोका जाएगा।जिला प्रशासन ने भोपाल वासियों से अपील की कि कोरोना एक सामान्य बीमारी की तरह ही है। इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। इसका इलाज संभव है।अच्छे खानपान और अनुशासित जीवन से शरीर का इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाकर इस बीमारी से बेहतर ढंग से लड़ा जा सकता है।

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