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भोपाल में 32 नए केस मिले, राजभवन बना हॉटस्पॉट, 4 और कर्मचारी संक्रमित

भोपाल में 32 नए केस मिले, राजभवन बना हॉटस्पॉट, 4 और कर्मचारी संक्रमित
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भोपाल. गुरुवार को भोपाल में 32 नए केस मिले हैं। राजभवन परिसर कोरोना हॉटस्पॉट बन गया है। यहां 4 दिन में कोरोना के 15 मामले सामने आए। गुरुवार को फिर से 4 पॉजिटिव मिले। अब राजभवन में संक्रमितों की संख्या 29 हो गई है। इसके साथ तलैया थाने में 4, जेपी नगर में 3, भोपाल केयर अस्पताल में 2 और कोहेफिजा अस्पताल में 1 कोरोना संक्रमित मरीज मिला है।

अब भोपाल में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2598 हो गई है। संक्रमण से 94 लोगों की मौत हो चुकी है। गुरुवार को 22 कोरोना मरीज स्वस्थ होकर घरों के लिए रवाना हो जाएंगे। अब भोपाल में 488 मरीजों का इलाज अस्पतालों में, 62 का होम क्वारैंटाइन में और 110 का संस्थागत क्वारैंटाइन सेंटर में इलाज चल रहा है।

सुरक्षाकर्मी की लापरवाही से 15 अन्य संक्रमित

राजभवन में कोरोना संक्रमित मरीज मिलने का सिलसिला थम नहीं रहा है। गुरुवार को राजभवन में फिर से 4 कर्मचारी संक्रमित पाए गए। इसके साथ राजभवन परिसर में रहने वाले संक्रमितों की संख्या 13 से बढ़कर 29 हो गई है। स्वास्थ्य संचालनालय के अफसरों के अनुसार, यहां एक सुरक्षाकर्मी की लापरवाही से 15 अन्य संक्रमित हो गए। सैंपल जांच के बाद सुरक्षाकर्मी न तो क्वारेंटाइन सेंटर में शिफ्ट हुआ, न ही उसे होम आइसोलेट किया गया। वह 21 जून तक राजभवन में ड्यूटी करता रहा। 22 जून को रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसके दो अन्य साथियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इनके संपर्क में रहे 12 अन्य सुरक्षा कर्मियों ने सैंपल जांच को दिए थे, जो अब पॉजिटिव मिले हैं।

23 दिन में सर्दी-खांसी, बुखार और इनफ्लूएंजा के 13,932 मरीज

कोरोना संक्रमण के बीच राजधानी में सर्दी, खांसी, बुखार, अस्थमा (सारी- सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस) और इनफ्लूएंजा के 13 हजार 932 मरीज मिले हैं, जो पूरे प्रदेश में सर्वाधिक हैं। क्लीनिक में जांच के बाद सभी को इलाज के लिए इंस्टीट्यूशनल क्वारेंटाइन और होम आइसोलेट किया गया है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने इन मरीजों की निगरानी एप के मार्फत शुरू कर दी है। यह खुलासा एमपी कोविड- 19 मैनेजमेंट की रिपोर्ट में हुआ है।

औसतन 605 मरीज हर रोज पहुंच रहे फीवर क्लीनिक

रिपोर्ट के मुताबिक भोपाल में 1 जून को अनलॉक-1 की शुरुआत के साथ ही अलग-अलग क्षेत्रों के सरकारी अस्पतालों में 50 फीवर क्लीनिक शुरू की गई थी, ताकि सर्दी, खांसी, बुखार, सांस रोग, वायरल फीवर और इनफ्लूएंजा पेशेंट को घर के नजदीक ही जांच और इलाज की सुविधा दी जा सके। इन क्लीनिक में रोजाना औसतन 605 मरीज इनफ्लूएंजा की शिकायत लेकर पहुंचे। इन्हें कोविड- 19 का खतरा सबसे ज्यादा था, क्योंकि ये सभी जांच में सांस संबंधी बीमारी से पीड़ित पाए गए थे।

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