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कोरोना की कसम लेने वाले 9000 कैदियों को मिली 60 दिनों की पैरोल

पैरोल पर रिहा होने वाले कैदियों को लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंस के पालन करने की शपथ दिलाई गई है।

कोरोना की कसम लेने वाले 9000 कैदियों को मिली 60 दिनों की पैरोल
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भोपाल। मध्य प्रदेश की जेलों में कोरोना की शपथ लेने के बाद करीब 9000 कैदी पैरोल पर रिहा हुए हैं। सभी कैदियों को 60 दिन के पैरोल पर छोड़ा गया है। जेल प्रशासन ने शपथ दिलाने के बाद कैदियों को पुलिस की मदद से उनको अपने-अपने जिले भेज दिया है। जेल अधिकारियों का कहना है कि यह शपथ उनको खुद को तो सुरक्षित रखेगा ही परिवार, रिश्तेदार और मोहल्ले वालों के लिए भी कारगर साबित होगी।

इन कैदियों ने ली शपथ

भोपाल सेंट्रल जेल में उम्र कैद की सजा काट रहे शंकर राय राय ने बताया कि मैं 60 दिन की पैरोल पर जा रहा हूं। माननीय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और डीजीपी संजय चौधरी का आभारी हूं कि उन्होंने 60 दिन का पैरोल का लाभ दिया। इस दौरान घर वालों के साथ रहेंगे। लॉकडाउन के नियमों का पालन करेंगे और परिजनों और रिश्तेदारों से लॉकडाउन के पालन करने का निवेदन करूंगा। हत्या के मामले में सजा काट रहे अंसार उल्लाह ने कहा कि हम नियमों के अनुसार रहेंगे, अपने परिवार को भी नियम के तहत रखेंगे।

कैदियों ने मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद

भोपाल सेंट्रल जेल में उम्रकैद के कैदी निर्णय सिंह लोधी ने कहा कि 4 साल बाद पैरोल पर जा रहा हूं। 20 दिन का पैरोल दिया गया। हम सोशल डिटेंशन का पालन करेंगे और अपने परिवार के साथ समय व्यतीत करेंगे और सभी से मैं अपील करता हूं कि वह सोशल डिस्टेंसिंग और लॉक डाउन का पालन करें। पैरोल पर गए कैदी संतोष सराठे ने बताया कि मैं रायसेन का रहने वाला हूं। आजीवन कारावास की सजा काट रहा हूं। 8 साल से पैरोल का लाभ उठा रहा हूं। मैं अपने परिवार के साथ लॉकडाउन का पालन करूंगा और आसपास के रहने वाले लोगों को भी इसका पालन कराने की कोशिश करूंगा।

ये है कैदियों की कोरोना शपथ

भोपाल सेंट्रल जेल के अधीक्षक दिनेश नरगावे ने न्यूज़ 18 को बताया कि सभी को लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंस के पालन करने की शपथ दिलाई गई है। यह कैदी बाहर खुद तो लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंस का पालन करेंगे। इसके अलावा अपने परिवार, रिश्तेदार और आसपास के लोगों से भी नियमों का पालन करने की अपील करेंगे। उन्होंने बताया कि भोपाल सेंट्रल जेल से 800 कैदी पैरोल पर रिहा किए गए हैं। इन कैदियों को शपथ भी दिलाई गई है, ताकि यह इस महामारी के दौर में नियमों का पालन करते हुए खुद भी सुरक्षित रहें, परिवार को सुरक्षित रखें और जहां वे रह रहे हैं, वहां के लोग भी सुरक्षित रहें। प्रदेश के सभी जिलों में रिहा होने वाले कैदियों को इसी तरीके की समझाइश दी गई है।

9 हजार कैदियों को छोड़ा गया

जेल के अधीक्षक दिनेश नरगावे ने बताया कि जेल मुख्यालय के निर्देश पर सेंट्रल जेल से 800 कैदियों को पैरोल दी गई है। प्रदेशभर की सभी जिलों से करीब 9000 कैदियों को इसी तरीके से पैरोल पर रिहा किया गया है। उन्हें 60 दिन की पैरोल खत्म होने के बाद दोबारा जेल में अपनी आमद दर्ज करानी होगी। दिनेश नरगावे ने बताया कि जो कैदी 5 साल की सजा पूरी कर चुके हैं और जिनका आचरण ठीक था उन कैदियों को छोड़ा गया है। साथ ही बुजुर्ग कैदियों को भी उनके घर भेजा गया है। सभी कैदियों को रिहा करने के दौरान उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई है। पुलिस के द्वारा उन्हें पुलिस बनने से अलग-अलग जिले में उनके घर भेजा गया है।

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