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4 मई से खुल जाएंगे टोल प्लाजा, कर्मचारियों को हिदायत-कोरोना से रहें सावधान

मध्यप्रदेश में नेशनल स्टेट हाईवे पर करीब 250 टोल प्लाजा हैं।लॉक डाउन के कारण इन सभी पर सन्नाटा पसरा रहा। वाहनों की आवाजाही नहीं हो रही थी और टोल टैक्स की वसूली पूरी तरह से बंद थी।

4 मई से खुल जाएंगे टोल प्लाजा, कर्मचारियों को हिदायत-कोरोना से रहें सावधान
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भोपाल। लंबे लॉकडाउन के बाद मध्यप्रदेश में 4 मई से टोल प्लाजा पर फिर काम शुरू हो जाएगा। 3 मई की रात 12 बजे से टोल प्लाजा पर वाहनों की आवाजाही और टैक्स की वसूली पहले की तरह होने लगेगा।मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट अथॉरिटी ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। प्रदेश में एक महीने से ज़्यादा समय बाद बाद टोल प्लाजा 4 मई से फिर शुरू होने वाले हैं।लॉक डाउन के कारण मध्य प्रदेश में सभी नेशनल और स्टेट टोल प्लाजा पर काम बंद कर दिया गया था। लॉक डाउन के कारण 3 मई तक टोल प्लाजा पर काम बंद रखने का आदेश था। अब 3 मई की रात 12 बजे से टोल प्लाजा पहले की तरह फिर शुरू कर दिए जाएंगे। लॉक डाउन के कारण ही मध्य प्रदेश में सभी नेशनल और स्टेट टोल प्लाजा पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद है।लेकिन अब एमपीआरडीसी ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि मध्यप्रदेश में सभी स्टेट टोल प्लाजा और ग्रामीण सड़कों से जुडऩे वाले सभी टोल बूथ शुरू हो जाएंगे।4 मई से सभी टोल प्लाजा पर पहले की तरह ही कामकाज शुरू होगा। टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों की चेकिंग के साथ टोल टैक्स की भी वसूली शुरू हो जाएगी।

कर्मचारियों को सावधानी बरतने के निर्देश

टोल प्लाजा पर वाहनों की आवाजाही शुरू होने के साथ ही कर्मचारियों को सावधानी बरतने के लिए भी कहा गया है। काम के दौरान सभी कर्मचारियों को चेहरे पर मास्क और हाथों में ग्लब्स पहनना ज़रूरी होगा। सभी कर्मचारियों हर घंटे अपने हाथ धोने या सेनेटाइज करने होंगे। टोल प्लाजा केबिन में और वाहनों की चेकिंग के दौरान कर्मचारियों को सोशल डिस्टेंस का भी ध्यान रखना होगा।

250 टोल प्लाजा बंद होने से करोड़ों का नुकसान

मध्यप्रदेश में नेशनल स्टेट हाईवे पर करीब 250 टोल प्लाजा हैं।लॉक डाउन के कारण इन सभी पर सन्नाटा पसरा रहा। वाहनों की आवाजाही नहीं हो रही थी और टोल टैक्स की वसूली पूरी तरह से बंद थी। टोल प्लाजा चलाने की जिम्मेदारी शासन एजेंसी को देता है। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम इसकी मॉनिटरिंग करता है। इसके बाद निगम टोल टैक्स की कीमत तय करता है। तमाम नियम प्रावधानों के तहत ही टोल प्लाजा एजेंसी काम करती है। लॉक डाउन के बीच टोल प्लाजा पर टैक्स वसूली पूरी तरह से बंद है इससे एजेंसी और राज्य सरकार दोनों को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है।

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