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भोपाल में कम्युनिटी स्प्रेड की दस्तक, कोरोना वायरस का आकंड़ा हुआ 1000 के पार

कलेक्टर ने भी कहा- जिस तरह से शहर में कोरोना संक्रमण फैल रहा है और अभी जो हालात हैं, उन्हें दस्तक कह सकते हैं.

भोपाल में कम्युनिटी स्प्रेड की दस्तक, कोरोना वायरस का आकंड़ा हुआ 1000 के पार
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भोपाल। राजधानी भोपाल में कोरोनावायरस के कम्युनिटी स्प्रेड की आशंका सच साबित होती नजर आ रही है। कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने भी कहा है कि जिस तरह से शहर में कोरोना संक्रमण फैल रहा है और अभी जो हालात हैं उन्हें दस्तक कह सकते हैं। अभी स्थिति हमारे नियंत्रण में है। इधर, शहर के जहांगीराबाद, कोहेफिजा और मंगलवारा इलाके में जिस तेजी से मरीज सामने आए हैं उससे इस बात को बल भी मिलता है। हालांकि राजधानी में कम्युनिटी सप्रेड की आशंका मार्च के दूसरे सप्ताह से ही जताई जा रही थी लेकिन प्रशासन मानने को तैयार नहीं था। रविवार रात तक भोपाल में 780 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। जिस तेजी से मरीज बढ़ रहे हैं उसे देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस सप्ताह में इनकी संख्या एक हजार को पार कर जाएगी।

जहांगीराबाद, मंगलवारा और कोहेफिजा में एक परिवार के 2 से लेकर 4 सदस्य तक संक्रमित हैं। शहर के 85 में से मात्र 12 वार्डों में ही संक्रमितों की संख्या सर्वाधिक है। अगर थानों के हिसाब से देखें तो सबसे ज्यादा 138 संक्रमित मरीज सिर्फ जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में ही मिले हैं। इतवारा, मंगलवारा और शाहजहांनाबाद इलाकों में भी संक्रमण कम्युनिटी में फैल रहा है। पुराने भोपाल के सघन बसाहट वाले इलाकों में संक्रमण का फैलाव ज्यादा है। पिछले एक पखवाड़े में चुनिंदा इलाकों में कोरोना के कहर से रहवासी सिहर उठे हैं। यहां संक्रमित मरीजों की संख्या जितनी तेजी से बढ़ी है, उससे साफ पता चलता है कि कोरोना का कम्युनिटी में विस्तार हो गया है।

पुराने शहर की घनी आबादी के चलते ज्यादा मरीज

जिला प्रशासन अपने स्तर पर कोरोना पर काबू पाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन, इसमें उसे पूरी तरह सफलता नहीं मिल पा रही है। इसका सबसे बड़ा कारण है पुराने शहर की वे सघन बस्तियां जहां मकान आपस में सटकर बने हैं। सकरी गलियां और एक ही मकान में कई परिवारों के रहने से भी संक्रमण को रोकने में कठिनाई आ रही है। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार कोरोना संक्रमण के अधिकांश मामले चुनिंदा वार्डों में ही निकल कर सामने आ रहे हैं। शहर के 85 मेंं से 6 वार्ड रेड जोन और 6 ऑरेंज जोन में शामिल हैं। इनमें 8 मई तक सर्वाधिक 79 पॉजिटिव केस वार्ड 34 के हैं। राहत की बात यह है कि वार्ड नंबर 1, 3, 5, 27, 28, 45, 47, 49, 50, 51, 61, 64, 70, 71, 74, 76, 80, 81 और 85 समेत 20 वार्डों में पिछले एक पखवाड़े में एक भी कोरोना का मरीज नहीं मिला है।

इन थाना क्षेत्रों में स्थिति कंट्रोल में

थाना क्षेत्रों के लिहाज से देखें तो पिछले एक पखवाड़े में गांधी नगर और अयोध्या नगर में एक भी संक्रमित नहीं मिला है। बैरागढ़, एमपी नगर, हनुमानंगज, अवधपुरी, चूना-भट्‌टी, कटारा और बैरसिया थाने खुशनसीब हैं, इनके इलाके में पिछले 14 दिनों में मात्र 1-1 मरीज संक्रमित पाए गए। गौतम नगर और श्यामला हिल्स थाना क्षेत्र में भी 2-2 कोरोना के मरीज मिले हैं। कमला नगर और शाहपुरा में 3-3, हबीबगंज, टीलाजमालपुरा और छोला थाना क्षेत्रों में 4-4 मरीज मिले हैं।

क्या शहर में कोरोना की कम्युनिटी स्प्रेडिंग हो गई है?

ऐसा तो नहीं है, लेकिन उसकी दस्तक कह सकते हैं। अभी स्थिति हमारे नियंत्रण में है।

शहर के कुछ चुनिंदा वार्ड और थानों में संक्रमण के ज्यादा केस आ रहे हैं?

यह बात सही है, हम सोर्स की पहचान कर संक्रमण की चैन तोड़ रहे हैं, ताकि यह अन्य लोगों में न फैले।

आगे के लिए आपकी क्या तैयारी है?

सैंपलिंग बढ़ाएंगे, जिससे मरीज की पहचान कर आईसोलेट कर सकें। इसके अलावा लोगों को क्वारंटाइन भी किया जा रहा है। हमारी कोशिश है कि जल्द से जल्द शहर में कोरोना को लेकर स्थिति सामान्य हो जाए।

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