Top
undefined

4 मई से लॉकडाउन में मिल सकती है बड़ी राहत, भोपाल एम्स में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवा का कोरोना संक्रमितों पर ट्रायल शुरू

भोपाल एम्स में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवा का कोरोना संक्रमितों पर ट्रायल शुरू हो गया है। तीन मरीजों को दवा का पहला डोज दिया गया है। प्रदेश में अलग-अलग जिलों से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, संक्रमितों की संख्या 2619 हो गई है। 514 मरीज ठीक हो चुके हैं।

4 मई से लॉकडाउन में मिल सकती है बड़ी राहत, भोपाल एम्स में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवा का कोरोना संक्रमितों पर ट्रायल शुरू
X


भोपाल। लॉकडाउन का दूसरा चरण खत्म होने में महज 4 दिन बचे हैं। इससे पहले गुरुवार से कामकाज शुरू हो गया। उधर, भोपाल एम्स में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवा का कोरोना संक्रमितों पर ट्रायल शुरू हो गया है। तीन मरीजों को दवा का पहला डोज दिया गया है। प्रदेश में अलग-अलग जिलों से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, संक्रमितों की संख्या 2619 हो गई है। 514 मरीज ठीक हो चुके हैं। 133 लोगों की जान गई। इंदौर में 1485, भोपाल में 511 लोग कोरोना पॉजिटिव हैं। 133 लोगों की मौत हो चुकी है।

उधर, केंद्र सरकार ने बुधवार को लॉकडाउन में लगी पाबंदियों में बड़ी ढील का ऐलान किया। 36 दिन से देशभर में फंसे मजदूरों, छात्रों, श्रद्धालुओं, पर्यटकों और अन्य लोगों को घर लौटने की छूट मिल गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 4 मई से लॉकडाउन में बड़ी राहत देने की घोषणा की है।

राज्य सरकार ने भी तैयारी शुरू की

राज्य सरकार ने भी लॉकडाउन से बाहर आने की योजना बनानी शुरू कर दी है। इंदौर, उज्जैन में लॉकडाउन बढ़ाया जा सकता है, जबकि भोपाल, धार, खरगोन और होशंगाबाद के कंटेनमेंट क्षेत्र को छोड़कर बाकी जगह कामकाज में ढील दी जाएगी। ग्रीन जोन के 25 जिलों में ग्रामीण क्षेत्रों के साथ शहरी इलाकों में भी गतिविधियां बढ़ाई जाएंगी। यहां ऑफिस और फैक्ट्रियों में मेनपॉवर 33 से बढ़ाकर 50 फीसदी करने की तैयारी है। स्कूल, कॉलेज, कोचिंग्स, धार्मिक स्थल, मैरिज हॉल, सिनेमा, शॉपिंग मॉल, बस अड्‌डे, शराब दुकानें और बड़े बाजार खोलने पर 3 मई के बाद ही फैसला होगा।

मंत्रालय में केंद्र की गाइडलाइन का पालन हो रहा

लॉकडाउन के कारण बंद रहे मंत्रालय, सतपुड़ा भवन और विंध्याचल भवन में 38 दिन बाद गुरुवार से कामकाज शुरू हो गया। हालांकि कार्यालयों में रोस्टर के हिसाब से सिर्फ 30% अधिकारी और कर्मचारियों को बुलाया गया है। बाकी कर्मचारी घर से ही काम करेंगे। 23 मार्च से प्रदेश में सभी सरकारी कर्मचारी घर से ही काम कर रहे हैं। सिर्फ जरूरी सेवाओं से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी ही दफ्तर पहुंच रहे हैं। सभी कार्यालयों को केंद्र की गाइडलाइन का पालन करने, ऑफिस को नियमित रूप से सैनिटाइज करने और कर्मचारियों के लिए सैनिटाइजर और हैंडवॉश उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्रालय में वाहन चालकों का प्रवेश भी प्रतिबंधित रहेगा।

ऑफिस में कामकाज के लिए ये है गाइडलाइन

सोशल डिस्टेंसिंग का पालन।

कर्मचारियों को मास्क पहनना होगा।

सैनिटाइजर और हैंडवॉश की व्यवस्था।

ऑफिस आते-जाते समय सभी की थर्मल स्कैनिंग होगी।

बाहरी लोगों का आना प्रतिबंधित रहेगा।

कार्यालय में गुटखा, तंबाकू लाना और खाना प्रतिबंधित रहेगा।

मीटिंग में अधिकारी एक-दूसरे से कम से कम 6 फीट की दूरी पर बैठेंगे।

लिफ्ट में क्षमता के हिसाब से दो या चार लोग ही जाएंगे।

एम्स में कोरोना मरीजों पर नई दवा का ट्रायल शुरू हुआ

एम्स भोपाल में कोरोना संक्रमितों पर माइक्रोबैक्टीरियम-डब्ल्यू (एमडब्ल्यू) दवा के ट्रायल की प्रक्रिया शुरू हो गई है। गुरुवार सुबह एम्स के आईसीयू में भर्ती तीन गंभीर मरीजों को पहला डोज दिया गया। हर मरीज को इंजेक्शन के रूप में एमडब्ल्यू दवा के 3 डोज दिए जाएंगे। इस दवा का वैक्सीन के रूप में पहले भी ट्रायल हो चुका है। लंग कैंसर, कुष्ठ, टीबी और निमोनिया जैसी बीमारियों के इलाज में इसके परिणाम सकारात्मक रहे थे। इस दवा का इंसानों पर कोई साइड इफेक्ट सामने नहीं आया है। यह दवा रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है और मरीज ठीक हो जाता है।

Next Story
Share it