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रमज़ान के पाक महीने में साबिर और सकीना ने की इबादत : मियां-वीबी ने मिलकर खोदा कुआं

साबिर और सकीना को कई बार मुश्किल का सामना करना पड़ा।कई बार हिम्मत ने भी जबाव दिया।ऊपर से गर्मी का सितम पारा 38- से 41 डिग्री।यकीन से ये दोनों पिछले 11 दिन से ऐसे ही काम में जुटे रहे।

रमज़ान के पाक महीने में साबिर और सकीना ने की इबादत : मियां-वीबी ने मिलकर खोदा कुआं
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शाजापुर। रमज़ान के पाक महीने में शाजापुर के दो रोज़ेदारों ने एक पाक काम किया। दोनों मियां-बीवी हैं। गांव में पानी की किल्लत हुई तो दोनों ने मिलकर कुआं खोदना शुरू किया। खुदाई करते हुए 11 दिन बीते हैं कि मिट्टी गीली होने लगी है यानि पानी निकलने को है। इस बीच प्रशासन तक खबर पहुंची तो अफसरों की टीम भी उन तक पहुंच गयी है। शाजापुर के बेरछा गांव में पिछले 11 दिन से पूरी ईमानदारी और शिद्दत के साथ ये मियां बीवी उस फर्ज को निभा रहे हैं जिसे सही मायने में खुदा की इबादत कहते हैं। वो फर्ज जिससे दर्जनों परिवारों की प्यास बुझेगी।र इंसानियत का ये बीड़ा उठाया है शाजापुर के मालखेड़ी के आदर्श कॉलोनी के रहने वाले इन मियां बीवी साबिर मंसूरी और सकीना ने।रोज खाने कमाने वाले उन मेहनतकश मियां बीवी के हौसलो की ये कहानी है।

साथी हाथ बढ़ाना

दोनों मियां बीवी मजदूर हैं।हाथों को काम नहीं ।ऊपर से पानी पीने तक के लाने पड़ गए।जिन ट्यूबवेल का सहारा था ।वहां भी इन्हें पानी नसीब नहीं हुआ ।लॉकडाउन में इनकी पानी मिलने की उम्मीदें भी कैद हो गई।लेकिन हौसला कहां हारने वाला था। हिम्मत कहां दम तोडऩे वाली थी। फिर उसी हौसले,जुनून की बदौलत वो उठ खड़े हुए।साबिर और सकीना दोनों ने फैसला किया कि पानी की इस किल्लत को अपने हौसले से मिटाएंगे।अब किसी के सामने पानी के लिए गिड़गिड़ाएंगे नहीं। दोनों ने अपने औजार उठाए और घर के सामने ही कुआं खोदने की ठान ली।

जुनून और जि़द

कहते हैं अगर जिद,जुनून बन जाए और उसे पूरी ईमानदारी के साथ निभाया जाए तो मेहनत जरूर रंग लाती है। साबिर और सकीना के पास कुआं खोदने के औजार भी नहीं थे।दुकानें बंद थीं।फिर भी ये नहीं हारे।घर में रखे छैनी हथोड़ा फावड़ा कुदाल तगाड़ी लेकर जुट गए ये मिशन पानी में।

आसान नहीं था काम

साबिर और सकीना को कई बार मुश्किल का सामना करना पड़ा।कई बार हिम्मत ने भी जबाव दिया।ऊपर से गर्मी का सितम पारा 38- से 41 डिग्री।यकीन से ये दोनों पिछले 11 दिन से ऐसे ही काम में जुटे रहे। अपने घर के बाहर ही इन साबिर और सकीना ने 8 फुट चौड़ा और 12 फीट गहरा कुआं खोद डाला।जमीन भी इनके पसीने से गीली हो गई है।।इस कुएं से मेहनत का मीठा पानी निकलने ही वाला है।ये कुआं साबिर और सकीना नहीं बल्कि पूरे 12 परिवारों की प्यास मिटाएगा।

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