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निर्माण श्रमिकों के खाते में एक एक हजार रुपए डाले

निर्माण श्रमिकों का काम बंद होने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था ऐसे में प्रदेश के संदवेनशील मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा श्रमिकों के खाते में एक एक हजार रुपए की राशि दूसरी बार डाली है।

नागदा , लॉकडाउन के दौरान निर्माण श्रमिकों का काम बंद होने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था ऐसे में प्रदेश के संदवेनशील मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा श्रमिकों के खाते में एक एक हजार रुपए की राशि दूसरी बार डाली है। इस संबंध में सज्जनसिंह शेखावत ने बताया कि नगरपालिका में पंजीकृत 715 में से 650 के खाते में 1000 रुपए की राशि पूर्व में डाल चूके है। जबकि दूसरी किश्त के रुप में 1000 रुपए डालने की प्रक्रिया अभी जारी है शेखावत के अनुसार 65 हितग्राहियों के खाते में तकनीकी त्रुटि आने के कारण राशि रुक गई है इनमें से 15 को शार्टआउट कर लिया गया है शेष की समस्या हल कर उनके खाते में भी अतिशीघ्र राशि डाली दी जाएगी।


ग्रेन लोन, बोनस और रोजगार सुनिश्चित रखने की मांग पर श्रम मंत्रालय, भारत सरकार ने मप्र के लेबर कमिश्नर को भेजा निर्देश

नागदा, असंगठित मजदूर कांग्रेस के प्रदेश संयोजक अभिषेक चौरसिया द्वारा नागदा स्थित ग्रेसिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड (स्टेपल फाइबर डिवीजन) के द्वारा कोविड-19 के अंतर्गत मजदूरों के अधिकारों से किए जा रहे खिलवाड़ की शिकायत विगत दिनों केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार को की गई थी । जिसमें केंद्रीय मुख्य सहायक श्रम आयुक्त श्री रेमिस तिरू द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे उचित एवं आवश्यक कार्यवाहीं हेतु मध्यप्रदेश के लेबर कमिश्नर श्री आशुतोष अवस्थी को ईमेल के माध्यम से भेजकर की हैं । अभिषेक चौरसिया ने बताया कि उन्होंने उद्योग के मजदूरों द्वारा मिली गोपनीय शिकायत के आधार पर निम्नलिखित मांग अपनी शिकायत के माध्यम से उठाई थी -

1) सहायक श्रम आयुक्त, उज्जैन के समक्ष नागदा जिला उज्जैन, मध्यप्रदेश में स्थित ग्रेसिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड (स्टेपल फाइबर डिवीजन) के दिनांक 09/10/2019 को संपन्न हुए दीर्घावधि श्रम समझौते के अनुच्छेद-4 (कल्याणकारी सुविधा) के अंतर्गत उद्योग में कार्यरत समस्त स्थायी श्रमिकों को अनाज ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान है । जिसके अनुसार प्रत्येक श्रमिक को 8500 रुपए का ऋण दिनांक 20 अप्रैल 2020 तक उपलब्ध करवाना उद्योग की जिम्मेदारी थी लेकिन आज दिनांक किसी श्रमिक को कोई ऋण नहीं दिया गया है अतः तत्काल अनाज ऋण दिया जाना सुनिश्चित करवाया जाए ।

2) नागदा जिला उज्जैन, मध्यप्रदेश में स्थित ग्रेसिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड (स्टेपल फाइबर डिवीजन) के समस्त ठेका श्रमिकों को आज दिनांक तक बोनस राशि प्रदान नहीं की गई हैं । जबकि नियमानुसार उन्हें अबतक बोनस राशि का वितरण उद्योग प्रबंधन द्वारा कर दिया जाना चाहिए था लेकिन उक्त राशि के वितरण पर अबतक संशय बना हुआ हैं क्योंकि अबतक समस्त ठेका श्रमिकों को बोनस राशि प्राप्त नहीं हुईं हैं । अतः समस्त ठेका श्रमिकों को बोनस राशि दिलवाया जाना सुनिश्चित करवाया जाए । 3) नागदा जिला उज्जैन, मध्यप्रदेश में स्थित ग्रेसिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड (स्टेपल फाइबर डिवीजन) के समस्त ठेका श्रमिक व स्थायी श्रमिक का रोजगार सुनिश्चित करवाया जाए । क्योंकि मजदूरों में रोजगार खोने का भय व्याप्त हैं । अभिषेक चौरसिया ने बताया कि ग्रेसिम उद्योग के श्रमिकों के लिए इस मामले को लेकर अगर उद्योग प्रबंधन द्वारा कोई ठोस कार्यवाही मजदूरों के हित में नहीं की गई तो भविष्य में लॉकडॉउन खुलने के उपरांत श्रम समझौते कि अव्हेलना के मामले को न्यायालय के समक्ष लेकर जायेंगे।





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