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स्कूली बच्चों के लिए भेजे गेहूं-चावल में निकले कीड़े

स्कूली बच्चों के लिए भेजे गेहूं-चावल में निकले कीड़े
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उज्जैन। सरकार द्वारा स्कूली बच्चों के लिए भेजे गेहूं-चावल में कीड़े और इल्लियां निकल रही हैं। पालकों ने इसे लेने से इनकार किया। बुधवार को ये मामला जिला पंचायत अध्यक्ष करण कुमारिया के संज्ञान में आया तो उन्होंने स्कूल जाकर पंचनामा बनाया। प्रधान अध्यापक से कहा कि बच्चों को ऐसा अनाज देकर क्या बीमार करना चाहते हो। इस अनाज को खाकर अगर बच्चों को कुछ हो जाता तो जिम्मेदारी किसकी बनती। उन्होंने एडीएम और मध्या- भोजन प्रभारी को स्थिति से अवगत कराया। मामले में विकासखंड स्रोत समन्वयक (बीआरसी) से रिपोर्ट तलब की गई है।

मामला दशहरा मैदान स्थित शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 2 का है। ये वो स्कूल है, जहां छात्रावास की 157 छात्राएं अध्ययनरत हैं, पर कोरोना के कारण स्कूल बंद होने से अपने अपने घरों पर हैं। ज्यादातर के घर दूसरे जिले में हैं। इस स्कूल में मध्या- भोजन सप्लाई के लिए जिला पंचायत से अनुबंधित शानू स्वसहायता समूह ने कुछ महीने पहले गेहूं और चावल के कट्टे भिजवाए थे। कायदे से ये सामान प्रधान अध्यापक को जांचना था और सप्ताहभर में सभी विद्यार्थियों के घर पहुंचवाना था। लेकिन ज्यादातर विद्यार्थियों के घर, अन्य शहर से बाहर होने के कारण ये आवंटित नहीं किया गया। अनाज को भी ठीक से सुरक्षित नहीं किया गया। इस बीच प्रधान अध्यापक ने पालकों को फोन कर उनके बच्चे का अनाज ले जाने को कहा और पालक जब ये अनाज लेने आए तो उन्होंने लेने से इनकार कर दिया। कहा कि ये तो बहुत खराब अनाज है। इसमें कीड़े, इल्लियां हो गई हैं। इसे नहीं ले सकते। साफ अनाज दो। इस पर प्रधान अध्यापक ने कहा कि सरकार ने यही दिया है, यही ले जाना होगा। इस पर तुमड़ावदा के संजय डाबी ने जिला पंचायत अध्यक्ष को शिकायत कर दी। वे तत्काल स्कूल पहुंचे और वाकई में अनाज खराब पाकर पंचनामा बनाकर एडीएम और मध्या- भोजन प्रभारी को शिकायत की। मामले में अब जांच बैठाई गई है। मध्या- भोजन प्रभारी ने बीआरसी से रिपोर्ट मांगी है।

प्रधान अध्यापक को कायदे से अनाज प्राप्त करते समय जांचना था। अगर कीड़े-इल्लियां थीं तो स्वसहायता समूह को तत्काल लौटाना था। अगर अनाज अच्छा था तो छात्राओं के घर भिजवाने की व्यवस्था करना थी। अनाज को सुरक्षित रखने को मौसम अनुरूप इंतजाम करना थे। प्रधान अध्यापक की प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आई है। बीआरसी की रिपोर्ट पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।

-कीर्ति मिश्रा, मध्या- भोजन प्रभारी, जिला पंचायत

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