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15 व्यक्ति को स्वास्थ परीक्षण कर अपने घर रवाना किया

प्रशासनिक अधिकारियों के निरीक्षण में स्वास्थ विभाग दुवारा परीक्षण जाँच कर उन परिवारों को अपने घर की ओर बस दुवारा सुरक्षित उनके स्थान पर छोड़ा गया।

नागदा, नागदा में जो परिवार संदिग्ध में थे उन्हें कॉरोन्टटाइन किया गया था नियम अनुसार रखकर उनका स्वास्थ परीक्षण कर उनकी सभी दिन चर्या की आवश्यकताओं की पूर्ति कर सुविधा में रखा जाता है।उनकी समय सीमा अनुसार उनको प्रशासनिक अधिकारियों के निरीक्षण में स्वास्थ विभाग दुवारा परीक्षण जाँच कर उन परिवारों को अपने घर की ओर बस दुवारा सुरक्षित उनके स्थान पर छोड़ा गया।ताकि किसी पॉजिटिव संदिग्ध के चपेट में ना आए।जिन 15 लोगो को परीक्षण कर अपने घर रवाना किया।न नागदा में जो परिवार संदिग्ध में थे उन्हें कॉरोन्टटाइन किया गया था नियम अनुसार रखकर उनका स्वास्थ परीक्षण कर उनकी सभी दिन चर्या की आवश्यकताओं की पूर्ति कर सुविधा में रखा जाता है। उनकी समय सीमा अनुसार उनको प्रशासनिक अधिकारियों के निरीक्षण में स्वास्थ विभाग दुवारा परीक्षण जाँच कर उन परिवारों को अपने घर की ओर बस दुवारा सुरक्षित उनके स्थान पर छोड़ा गया। ताकि किसी पॉजिटिव संदिग्ध के चपेट में ना आए।जिन 15 लोगो को परीक्षण कर अपने घर रवाना किया जगदीश पिता भागीरथ सेठिया उम्र 34 निवासी जी ब्लॉक,अनिता पति जगदीश उम्र 26 निवासी जी ब्लॉक,साक्षी पिता जगदीश उम्र 10 निवासी जी ब्लॉक, प्रियांश पिता जगदीश उम्र 1 जी ब्लॉक ,आरुपि जगदीश उम्र 6 निवासी जी ब्लॉक,रमेश सोनी उम्र 53 निवासी नई दिल्ली,रेखा सोनी उम्र 48 निवासी नई दिल्ली,चन्दर बाई धानक उम्र48 निवासी नई दिल्ली,मदनलाल धानक उम्र 50 निवासी नई दिल्ली,भंवर बाई मकवाना उम्र42 निवासी नई दिल्ली,सत्यनारायण मकवाना उम्र 45 निवासी नई दिल्ली,जयेश मकवाना उम्र 16 निवासी नई दिल्ली ,आत्माराम धानक उम्र 42 निवासी नई दिल्ली,अनिता धानक उम्र 37 निवासी नई दिल्ली, अभिषेक धानक उम्र 19 निवासी नई दिल्ली यह सभी निवासी नागदा शहर में निवास करते है।

कलेक्टर एवं एस एस पी सचिन अतुलकर का दौरा बड़नगर में

उज्जैन। शनिवार को कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी शशांक मिश्र और एसएसपी सचिन अतुलकर बड़नगर का दौरा किया। यहां कंटेनमेंट एरिया का निरीक्षण कर बडनगर में लॉक डाउन एवं कर्फ्यू के आदेश दिए साथ बड़नगर सीमा को सील करवाया, कलेक्टर ने अधिकारियों को लोगों से लॉकडाउन एवं कर्फ्यू के आदेश का पालन कराने के सख्त निर्देश दिए। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। 24 अप्रैल को बड़नगर में अचानक 5 मरीजों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव पाये जाने के बाद आज जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा बड़नगर सीमा को सील कर दिया। और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए। बड़नगर नगर के कंटेंनमेंट एरिया का निरीक्षण किया। कंटेंनमेंट एरिया के चारों और सीसीटीवी कैमरे लगाकर पुलिस द्वारा विशेष निगरानी की जा रही है। बड़नगर और उसके आसपास पुलिस चेकिंग पॉइंट लगा दिए गए हैं। जितने भी कंटेनमेंट एरिया उन क्षेत्रों में जाकर विधायक मुरली मोरवाल, जिलाधीश शशांक मिश्र और उज्जैन एसएसपी सचिन अतुलकर द्वारा विशेष प्रकार से निरीक्षण किया गया निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन पुलिस प्रशासन की व्यवस्था संतुष्टि व्यक्त की गई स्थानीय जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर सुरक्षा के सम्बन्ध में उन्हें आश्वस्त किया। उनके साथ एएसपी ग्रामीण आकाश भूरिया, एसडीएम एकता जायसवाल, एसडीओपी घनशयाम बामनिया, तहसीलदार सुरेश नागर, थाना प्रभारी दिनेश प्रजापति, सीएमओ कुलदीप किनसुख, और क्षेत्रीय एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे जिले में कोरोना के बढ़ते हुए संक्रमण को देखते हुए एसडीएम आर पी वर्मा ने आज से किराना दूध सब्जी फल का समय बदला नागदा, नागदा नगर पालिका क्षेत्र में दूध, सब्जी, फल, किराना आदि सामग्रियों कि घर पहुंच सेवा के समय में परिवर्तन किया गया है। दिनांक 26 अप्रैल से घर पहुंच सेवा का समय सुबह 8:00 से दोपहर 1:00 बजे तक का निर्धारित किया गया। जिससे शहर में टोटल लाॅकडाउन बना रहे। इसके साथ ही शहर वासियों से कहा है कि अपने गली मोहल्ले में कोई अन्य सब्जी बेचने वाला यदि दिखाई दे तो उस से दूरी बनाकर रखें तथा सोशल डिस्टेंट का पालन करें। कोई भी व्यक्ति अनावश्यक बाहर नहीं निकले, अनावश्यक पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। एवम मेडिकल स्टोर सुबह 10:00 से शाम 4:00 बजे तक खुले रहेंगे

कोरोना से संबंधित नकारात्मक शब्दों का प्रयोग बंद हो

नीति आयोग और स्वास्थ्य मंत्रालय की वीसी में दिया सुझाव

नागदा, बौद्धिक दिव्यांगों के पुनर्वास एवं सशक्तिकरण हेतु कार्यरत लायंस ऑफ नागदा की स्थाई परियोजना स्नेह के संस्थापक एवं केन्द्रीय दिव्यांग जन सलाहकार बोर्ड के सदस्य के अध्यक्ष पंकज मारू ने नीति आयोग एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को सुझाव दिया है की कोरोना के कारण लोगों की वर्तमान मनोस्थिति को सकारात्मक करने के लिए *महामारी* शब्द का प्रयोग प्रतिबंधित करते हुए इसे वैश्विक बीमारी ही कहां जाना चाहिए , क्योंकि महामारी शब्द सुनते ही व्यक्ति को मृत्यु का भय हो जाता है जबकि वास्तविकता यह है की कोरोना से 90 प्रतिशत से अधिक मरीज ठीक होकर घर लौट रहे हैं । इसी प्रकार क्वॉरेंटाइन सेंटर को भी *आनंद घर* का नाम दिया जाना चाहिए जिससे व्यक्ति वहां जाते हुए घबराए नहीं । सोशल डिस्टेंसिंग शब्द की जगह भी *फिजिकल डिस्टेंसिंग* शब्द का प्रयोग किया जाना चाहिए । उल्लेखनीय है कि शनिवार को नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत द्वारा स्वास्थ्य मंत्रालय की सचिव प्रीती सुदान एवं संयुक्त सचिव लव अग्रवाल के साथ देश की अग्रणी स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रमुखों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोरोना के इस दौर में सुझाव एवं समस्याओं पर चर्चा की गई थी जिसमे मारू ने भी शिरकत की थी। मारू के सुझावों को स्वीकार करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा इस दिशा में शीघ्र उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया गया है।

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