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उपचुनाव को लेकर बीजेपी की नई नीति, क्या कोरोना के नाम पर करेगी प्रचार

उपचुनाव को लेकर बीजेपी की नई नीति, क्या कोरोना के नाम पर करेगी प्रचार
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भोपाल। मध्य प्रदेश में जहां इस समय कोरोना संक्रमण का दौर चरम पर है,वहीं यहां की राजनीतिक गतिविधियां खूब सुर्खियां बटोर रही है। राज्य में 27 सीटों पर उपचुनाव होना है जिसको लेकर लगातार सभी राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे को जोड़ने तोड़ने पर आमद है। पिछले दिनों मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित कई वीआईपी नेताओ,अधिकारियों और बड़े लोगों के आपसी संपर्क से कोरोना का भी खूब प्रचार प्रसार हुआ है। कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अस्पताल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा की और सख्त निर्देश दिए। जिसके बाद मध्य प्रदेश भाजपा कार्यालय और भोपाल शहर के कई वीआईपी एरिया को भी बफर और कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है। कई मंत्रियों समेत भाजपा नेता और अधिकारियों के बंगले भी सील किए गए हैं।

इसी कड़ी में जहां स्कूल कॉलेज 31 अगस्त तक बंद रखने का फैसला हुआ है, वहीं जनता के स्वास्थ्य लाभ को देखते हुए अन्य मामलों के बजट में कटौती कर कोरोना उपचार में बजट बढ़ाने की भी बात सामने आ रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल हमीदिया अस्पताल की अव्यवस्था पर भी नाराजगी जताते हुए "लॉकडाउन माइनस" करने पर भी जोर दिया है। भोपाल पर विशेष ध्यान देने के लिए अधिकारी भी निर्देशित हुए हैं। अधिकारियों ने ऐसी रणनीति बनाने पर जोर दिया है जिससे बिना लॉकडाउन किए कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। मुख्यमंत्री का साफ कहना है कि "हमें हमारी अर्थव्यवस्था को गतिमान भी करना है और उसके लिए हमें पूरी तरह जनता को कोविड-19 के संबंध में जागरूक भी करना होगा" वहीं सर्वोत्तम उपचार व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। जनता जानती है कि सीएम शिवराज जबसे कोरोना संक्रमण के बाद अस्पताल में भर्ती हुए हैं, हर दिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्य कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं।

मध्य प्रदेश भाजपा संगठन की बात करें तो तमाम पार्टियों के साथ भारतीय जनता पार्टी भी प्रदेश में उप चुनावों को ध्यान में रखकर मिशन 27 अभियान में जुटी नजर आएगी। पूर्व में भाजपा ने कई वर्चुअल रैलियां भी हुई है। जिसमें युवा प्रौढ़ और वरिष्ठ नेताओं ने सोशल डिस्टेंसिंग बनाते हुए पूर्व और वर्तमान विधायकों पार्टी पदाधिकारियों और स्थानीय नेताओं के साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा, प्रदेश संगठन मंत्री सुभाष भगत की बैठकों का लंबा दौर चला। कार्यकर्ताओं में चुनावी जोश भरा गया। लेकिन ऐसे सभी भाजपा नेताओं के कोरोना संक्रमित होने से जनता का जोश थोड़ा ठंडा पड़ता दिख रहा है। ऐसे में प्रदेश भाजपा नेतृत्व के पूर्व में तय किए सारे क्राइटेरिया फेल होते नजर आ रहे हैं।

सवाल यह है कि कार्यकर्ताओं के वर्तमान जोश को कैसे स्थिर रखा जाए। जो करोना संक्रमण के कारण कहीं कम पड़ता दिख रहा है। नेताओं में यह भी सवाल है कि इसको लेकर अब भाजपा की हर विधानसभा वार क्या रूपरेखा होगी। राजनीतिक सूत्रों की माने तो पूर्व में दिशा निर्देशों के साथ नए क्राइटेरिया पर काम किया जाएगा। जिसमें कमजोर माने जाने वाली सभी सीटों पर नेताओं की प्रत्यक्ष उपस्थिति होगी, इस पर जोर दिया जाएगा। जिसकी शुरुआत 15 अगस्त के बाद किए जाने की तैयारी लगभग तय कर दी गई है। भाजपा चुनाव प्रबंध समिति ने उप चुनावों में इस नए क्राइटेरिया के तहत मीडिया की भी अहम जिम्मेदारी तय की है चुनाव प्रबंध समिति ने इस बार चुनावी सभाओं में मीडिया सेंटर होना भी प्रस्तावित किया है ताकि हर प्रकार के संशोधन के लिए मुख्यमंत्री मीडिया से चर्चा कर सकें। अब यह तो आने वाला समय ही बताएगा की भारतीय जनता पार्टी जनता के किस कसौटी पर खरा उतरती है।

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