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जिम्मेदारी से संभाला है सास-बहू का रिश्ता: जेनेलिया डिसूजा

जिम्मेदारी से संभाला है सास-बहू का रिश्ता: जेनेलिया डिसूजा

सास-बहू का रिश्ता तू-तू, मैं-मैं वाला, और कड़वाहट भरा हो सकता है, लेकिन इस रिश्ते को जिम्मेदारी और समझदारी के साथ निभाया जाए तो दुनिया में इससे खूबसूरत संबंध कोई दूसरा नहीं है। चूंकि सास पहले से इस रिश्ते को लेकर अधिक परिपक्व होती है, इसलिए अपनी बहू के साथ इस रिश्ते को प्यार के सांचे में समेटने की उसकी जिम्मेदारी भी अधिक हो जाती है। भले ही बहू इस रिश्ते में अपने विचारों के साथ प्रवेश करें, लेकिन एक बुद्धिमान सास उसके साथ दोस्ती, स्नेह और दुलार के तरीकों को खोज ही लेती है।

हम सभी इस बात को अच्छे से जानते हैं कि सास-बहू के रिश्ते में आने वाली दरार परिवारों के टूटने का एक कारण बनती है। बदलते समय में संयुक्त परिवार से एकल परिवार की तरफ बढ़ते रिश्तों में ऐसा कम ही देखने को मिलता है जहां सास और बहू के बीच का प्यार एक मां-बेटी की तरह हो। हालांकि, सास-बहू के रिश्ते में खटास आना एक मामूली- सी बात है, लेकिन कब यह रिश्ता दूसरे रिश्तों के लिए फांस बन जाए पता ही नहीं चलता। , लेकिन बॉलीवुड में सास-बहू की एक जोड़ी ऐसी भी है जिसने इस तथ्य को पूरी तरह गलत साबित कर दिया।

जी हां, जेनेलिया डिसूजा और उनकी सास वैशाली देशमुख एक-दूसरे के साथ एक खास बांड शेयर करती हैं। दोनों का यह रिश्ता सास-बहू का कम, मां-बेटी का ज्यादा लगता है। यही नहीं, अपने ससुर विलासराव देशमुख के निधन के बाद जेनेलिया ने जिस तरह अपनी सास को हिम्मत दी, वह हर बहू के सीखने लायक है।

हम आपको बता रहे हैं सास-बहू के रिश्ते को निभाने के कुछ टिप्स

* कोई भी रिश्ता तभी ढंग से चलता है जब उस रिश्ते को पूरा समय और स्पेस दिया जाए। अगर आपकी बहू वर्किंग है, तो सास को भी उनके साथ वक्त बिताने की कोशिश करनी चाहिए।

* पति ही नहीं, सास को भी दें खूबसूरत नाम। जी हां जेनेलिया अपनी सास को मराठी में 'आई' यानी मां कहकर बुलाती हैं। आप भी अपनी सास को मां या किसी दूसरे नाम से संबोधित करें।

* हो सकता है आपकी बहू घर के कामकाज में बेहद कच्ची हो। ऐसे में उसकी बुराई या उसको भला बुरा बोलकर काम नहीं चलने वाला। जी हां, एक सास चाहे तो अपनी बेटी की तरह अपनी बहू को भी घर के कामकाज के बारे में बहुत कुछ सिखा सकती है।

* 'बात करने से बात बनेगी' अगर सास-बहू के रिश्ते में यह मूल मंत्र को तो इस रिश्ते को खूबसूरती के साथ निभाया जा सकता है। छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा होना लाजमी है, लेकिन कभी भी इस झगड़े को रिश्ते को फांस न बनने दें।

* गिव एंड टेक वाला फंडा हर रिश्ते को बेहतर बनाने के लिए सबसे आगे है। ऐसे में बहू की भी जिम्मेदारी बनती हैं कि वह अपनी सास से कुछ भी छोटी-छोटी बातों को सीखने से पीछे न रहें।

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