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आजकल क्यों कपल्स के बीच बढ़ रहा कोर्ट मैरेज या मंदिर में शादी का चलन

आजकल क्यों कपल्स के बीच बढ़ रहा कोर्ट मैरेज या मंदिर में शादी का चलन

आजकल के यंग कपल्स के बीच दो तरह के वेडिंग ट्रेंड देखने को मिल रहे हैं। एक ओर जहां कुछ जोड़े अपनी शादी के हर एक पल को यादगार बनाने के लिए लाखों रुपये खर्च करने में पीछे नहीं हट रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर ऐसे कपल्स भी हैं, जो कोर्ट मैरेज या फिर मंदिर में शादी करने को तवज्जो दे रहे हैं। आखिर इस दूसरे ऑप्शन के बढ़ते ट्रेंड के पीछे की क्या वजह है? इसे कुछ बातों से समझा जा सकता है।

प्रैक्टिकल अप्रोच

प्यार अपनी जगह है और खर्चे अपनी जगह, इस बात को आजकल के कपल्स अच्छी तरह समझते हैं। मौजूदा समय में कई कपल्स हर चीज में प्रैक्टिकल अप्रोच को ज्यादा प्रिफर करते हैं। ऐसे में उन्हें शादी पर लाखों रुपये खर्च करने से ज्यादा बेहतर कोर्ट मैरेज या फिर अपने खास लोगों के बीच मंदिर में शादी करना लगता है। शादी में पैसे खर्च करने की जगह वे उस अमाउंट को अपने भविष्य के लिए सेव करना या फिर घर जैसी चीज में इंवेस्ट करना प्रिफर करते हैं।

दिखावे में विश्वास कम

कई कपल्स ग्रैंड वेडिंग को दिखावा मानते हैं, जिस वजह से वे इस पर पैसे खर्च करने से बचते हैं। वे अनजान लोगों को शादी में न्योता देने से ज्यादा अपने खास लोगों को जिंदगी के इस बेस्ट मोमेंट में शामिल कर उसे और खुशनुमा बनाना ज्यादा पसंद करते हैं।

माता-पिता पर नहीं डालना चाहते बोझ

शादी में लड़के और लड़की दोनों के ही परिवारों पर आर्थिक बोझ आता ही है। आजकल के कई कपल्स अपने पैरंट्स पर इस तरह के मनी प्रेशर को डालने से बचते हैं। वे इस पैसे की अपने माता-पिता के लिए अहमियत को समझते हैं। आजकल के ज्यादातर कपल्स चूंकि वर्किंग होते हैं इसलिए वे अपने बजट के अनुसार ही शादी तक को प्लान करना बेहतर समझते हैं।

टाइम की कमी

लड़का और लड़की दोनों वर्किंग हों, तो उनके लिए टाइम को मैनेज करना मुश्किल हो जाता है। करियर पर फोकस करने वाले ये कपल्स शादी के लिए लंबी छुट्टी लेने से बचते हैं। इसकी जगह वे कोर्ट मैरेज या मंदिर में अपने रिश्तेदारों व क्लोज फ्रेंड्स के बीच शादी कर, वापस काम पर लौटना पसंद करते हैं।

पैरंट्स का सपोर्ट

एक ओर जहां पहले समझा जाता था कि परिवार की रजामंदी नहीं मिलने पर ही कपल कोर्ट मैरेज करते हैं, तो वहीं अब यह चलन काफी आम सा होता जा रहा है। अब पैरंट्स अपने बच्चों के रिश्तों और शादी को लेकर ज्यादा खुले विचार रखने लगे हैं, जिससे उन्हें उनके वेडिंग के मेथड को लेकर भी कोई आपत्ति नहीं होती है।

इंटरकास्ट मैरेज को मिलता सपोर्ट

आज के दौर में इंटरकास्ट मैरेज को लेकर भी विचार बदलने लगे हैं। लोग दूसरे धर्म के जमाई या बहू को स्वीकार करने लगे हैं। ऐसे कपल्स भी किसी एक धर्म के अनुसार शादी करने की जगह कोर्ट मैरेज करने को तवज्जो देते दिखते हैं।

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