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शहीद पुलिसकर्मियों का राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार, नम आंखों के साथ लोगों ने दी अंतिम विदाई

शहीद पुलिसकर्मियों का राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार, नम आंखों के साथ लोगों ने दी अंतिम विदाई
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के कानपुर में गुरुवार रात को अपराधी विकास दुबे के साथ हुई मुठभेड़ में आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। इस घटना ने पूरे यूपी को हिलाकर रख दिया है। सीएम योगी ने शुक्रवार को कानपुर पहुंचकर शहीद हुए पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की थी। इसके बाद शहीद हुए आठों पुलिसकर्मियों के शवों को देर रात उनके पैतृक गावों में भेज दिया गया। इन पुलिसकर्मियों का शव उनके घरों में पहुंचते ही चारों तरफ शोक की लहर दौड़ गई। लोग पुलिसकर्मियों की शहादत को सलाम करने के लिए काफी संख्या में उनके घरों के बाहर एकत्र हो गए।

महेश यादव के 17 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि

रायबरेली: उत्तर प्रदेश के कानपुर में गुरुवार देर रात को दबिश देने गई पुलिस टीम पर बदमाशों के हमले में शहीद हुए शिवराजपुर थाना इंचार्ज महेश यादव का शनिवार को उनके पैतृक आवास जिले के सरेनी थाना क्षेत्र के बनपुरवा गांव में गंगा नदी के किनारे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बड़े बेटे जिस समय पिता को मुखाग्नि दी घाट पर मौजूद हर आंख से आंसू बह निकले। इससे पहले पुलिस के जवानों ने शहीद को गार्ड ऑफ आनर दिया। शहीद का पार्थिव शव सुबह करीब 8:30 बजे जब उठाया गया और अंतिम यात्रा चलने लगी तो मां और पत्नी रो-रो कर निढाल हो गई। वही शुक्रवार रात 9 बजे शहीद के पैतृक गांव सरेनी थाना क्षेत्र के बनपुरवा मजरे हिलौली में जब उनका पार्थिव शव पहुंचा तो डीएम-एसपी ने मौके पर पहुंचकर श्रधांजलि दी थी।

झांसी: जन्मदिन के दिन ही सुल्तान सिंह को मिली शहादत

उत्तर प्रदेश के कानपुर में शातिर अपराधी विकास दुबे और पुलिस के बीच हुई मुठभेड़ में शहीद हुए सिपाही सुल्तान सिंह का पार्थिव शरीर शुक्रवार देर रात उनके पैतृक गांव लाया गया। झांसी के भोजला गांव के रहने वाले सिपाही सुल्तान सिंह शहीद हो गए थे। शहीद सिपाही को जन्मदिन के ही दिन शहादत मिली। जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। शहीद सुल्तान सिंह के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक निवास लाए जाने के उपरांत राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि देकर उनकी वीरता को नमन किया गया। इस दौरान पुलिस महानिरीक्षक सुभाष सिंह बघेल, जिलाधिकारी आंद्रा वामसी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डी प्रदीप कुमार, पुलिस अधीक्षक नगर राहुल श्रीवास्तव और पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राहुल मिठास सहित पुलिस विभाग के तमाम बड़े अधिकारी मौजूद रहे। इस बीच गांव वाले और रिश्तेदार भी बड़ी संख्या में मौजूद थे।

प्रतापगढ़: पत्नी और बच्चों को रोते देख हर शख्स की आंखें हुईं नम

कानपुर में हुई मुठभेड़ में शहीद होने वाले सब इंस्पेक्टर अनूप सिंह का शव उनके पैतृक गांव पहुंचते ही परिवार में मातम पसर गया। इस दौरान शहीद के माता-पिता, पत्नी और बच्चों ने रोते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। इस मौके पर स्थानीय विधायक और पुलिस के आला अधिकारी मौजूद थे। प्रतापगढ़ में मान्धाता थाना क्षेत्र के बेलखरी गांव के रहने वाले दारोगा अनूप कुमार सिंह कानपुर में मंधना चौकी में बतौर चौकी इंचार्ज तैनात थे। वह गुरुवार देर रात दुर्दांत बदमाश हिस्ट्रीशीटर विकास दूबे को पकडऩे के लिए दबिश के दौरान हमले में शहीद हो गए। उनका पार्थिव शरीर शुक्रवार की रात डेढ़ बजे लाया गया। गांव के लोग पूरी रात उनके घर के प्रांगण में मौजूद रहे। उनकी पत्नी और बच्चों को रोते देख हर किसी की आंखें नम हो गईं। आज उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके गांव में पुलिस फोर्स तैनात है। उनके अंतिम दर्शन करने को आसपास के लोगों का तांता लगा हुआ है।

मथुरा: शहीद जितेंद्र के छोटे भाई ने दी मुखाग्नि

कानपुर मुठभेड़ में शहीद हुए मथुरा के सिपाही जितेंद्र पाल को शनिवार की सुबह नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। पैतृक गांव बरारी में शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। आगरा रेंज के आईजी, एसएसपी, डीएम और जिले के विधायकों ने पुष्प अर्पित कर शहीद को नमन किया। छोटे भाई सुरेंद्र उर्फ सौरभ ने चिता को मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा में आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग शामिल हुए। टाउनशिप क्षेत्र के गांव बरारी निवासी सिपाही जितेंद्र कानपुर में हुई मुठभेड़ में शहीद हो गए थे। शुक्रवार रात तकरीबन डेढ़ बजे शहीद का पार्थिव शरीर कानपुर से गांव बरारी लाया गया। यहां शहीद के अंतिम दर्शन को पहले से ही लोग एकत्र थे। जैसे शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, भारत माता की जय के नारे लगने लगे।

प्रयागराज: शहीद के पिता ने दी मुखाग्नि कहा- आरोपी का हो एनकाउंटर

कानपुर में हुई मुठभेड़ में शहीद हुए सब इंस्पेक्टर नेब्बू लाल बिन्द का भदोही जनपद के सीतामढ़ी गंगा घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद के पिता कलिका प्रसाद ने मुखाग्नि दी है। शहीद के पिता का कहना है की जो उनके लाल के साथ हुआ वैसा ही आरोपियों के साथ भी होना चाहिए। प्रयागराज के भीटी गांव के रहने वाले शहीद सब इंस्पेक्टर नींबू लाल बिंद का शव आज जैसे ही सीतामढ़ी गंगा घाट पर पहुंचा वहां मौजूद लोगों ने शहीद के सम्मान में नारे लगाने शुरू कर दिए। सभी ने नम आंखों से शहीद को विदा किया है। शहीद के पिता कालिका प्रसाद ने मुखाग्नि दी। उन्होंने कहा है कि उनके बेटे ने पूरी कर्तव्यनिष्ठा से अपनी ड्यूटी निभाई है। बेटे को जिसने मारा है उसको भी मौत मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आरोपी का एनकाउंटर होना चाहिए।

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