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स्कूल प्रबंधन के दबाव से नाराज अभिभावकों ने किया प्रदर्शन

स्कूल प्रबंधन के दबाव से नाराज अभिभावकों ने किया प्रदर्शन
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गोरखपुर। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के शहर गोरखपुर में शुक्रवार को एक बार फिर मनमानी फीस वसूलने वाले स्‍कूल के ऊपर अभिभावकों का गुस्‍सा फूट पड़ा। गोरखनाथ मंदिर से कुछ ही दूरी पर स्थित एक स्‍कूल के बाहर 'फीस तबसे, स्‍कूल जबसे' पोस्‍टर लेकर सोशल डिस्‍टेंसिंग के साथ अभिभावकों ने प्रदर्शन किया। उनकी मांग है कि स्‍कूल जबसे खुले, तभी से बच्‍चों से फीस भी ली जाए। बता दें कि, गुरुवार को बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीश द्विवेदी ने गोरखपुर में ही बयान दिया था कि, फीस माफी की मांग अव्यवहारिक है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा था कि, कोई अभिभावक परेशानी में हैं तो स्‍कूल फीस के लिए दबाव नहीं बना सकता है।

गोरखनाथ इलाके के सेंट जोसेफ स्‍कूल के बाहर शुक्रवार को तमाम अभिभावक जुट गए। अभिभावकों का आरोप है कि स्‍कूल की ओर से शिक्षण शुल्‍क के नाम पर रुपए जमा कराए जा रहे हैं। जिससे वे परेशान हो गए हैं। उनके हाथ में एक तख्ती थी। जिस पर 'फीस तबसे, स्‍कूल जबसे' लिखा था। अभिभावकों का कहना है कि लॉकडाउन में जब मार्च, अप्रैल और मई में स्‍कूल खुला ही नहीं, तो फीस भी न ली जाए। 3 महीने की फीस 60,000 रुपए जमा करना है। घर में एक पैसा नहीं है। ऐसी स्थिति में वे या तो बच्‍चों को घर बैठा दें, या कर्ज लेकर फीस जमा करें।

अभिभावक कुसुम बताती हैं कि उनके पति बीमार हैं। वे आंगनबाड़ी में हैं। उनका भी मानदेय नहीं आया है। ऐसे में दो-दो बच्‍चों की फीस जमा करना मुश्किल है। उनका कहना है कि स्‍कूल द्वारा जबरन फीस जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। इसलिए आज उन लोगों को यहां पर विरोध दर्ज कराना पड़ा।

अभिभावक प्रीति राय कहती हैं कि स्‍कूल की ओर से 60000 रुपए जमा करने के लिए कहा जा रहा है। उनके पति प्राइवेट नौकरी करते हैं। 22000 रुपए मिलते हैं। ऐसे में तीन महीने की एकमुश्त फीस एक साथ कैसे जमा कर सकते हैं अभिभावक कृष्‍ण कुमार का कहना है कि मार्च से ही उन्‍हें पैसे नहीं मिले हैं। लॉकडाउन के कारण एक रुपए भी नहीं कमाए हैं। ऐसे में एक साथ दो बच्‍चों की फीस कहां से जमा करेंगे। उनका कहना है कि जुलाई से वे लोग फीस देंगे। लेकिन, लॉकडाउन के समय की फीस मांगने का स्‍कूल दबाव न बनाए।

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