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बाबरी मस्जिद केस में सुनवाई, भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी ने सीबीआई की विशेष कोर्ट में दर्ज कराया बयान

बाबरी मस्जिद केस में सुनवाई, भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी ने सीबीआई की विशेष कोर्ट में दर्ज कराया बयान
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 6 दिसम्बर 1992 को ढहाए गए विवादित ढांचे के मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई की कोर्ट में लगातार सुनवाई हो रही है और आरोपियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। गुरुवार को भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी दिल्ली में थे। उनका विशेष अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दर्ज किया गया। इस दौरान सीआरपीसी की धारा 313 के तहत जोशी से 1050 सवाल पूछे गए। अधिकतर सवालों के जवाब में उन्होंने खुद को निर्दोष बताया है। उन्होंने कहा कि मैं घटना में शामिल नहीं था। राजनीतिक कारणों के कारण मुझे फंसाया गया है।

ऐसे चली अदालत की कार्यवाही

विशेष जज एसके यादव के समक्ष मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि पूरी विवेचना राजनीतिक दुराग्रह से प्रेरित होकर की गई थी। गलत और झूठे साक्ष्य जुटाकर केस में आरोपित बनाया गया। पूरा मुकदमा ही राजनीतिक द्वेषवश के कारण चला। उचित समय आने पर मैं इस केस में अपनी सफाई दूंगा।

जब जज ने उन्हें बताया कि सीबीआई के गवाह ने कहा है कि 25 जून 1991 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद कल्याण सिंह अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ अयोध्या में विवादित स्थल पर गए थे और उन्होंने वहां मंदिर बनवाने की प्रतिबद्धता दोहराई थी और नारा लगाया था कि राम लला हम आएंगे, मंदिर यहीं बनाएंगे तो इस बारे में उनका क्या कहना है तो जोशी ने कहा कि कल्याण का अयोध्या जाना सत्य है। जबकि शेष कथन असत्य है।

वहीं कोर्ट ने सीबीआई के एक गवाह द्वारा पेश किए 26 जून 1991 की एक तस्वीर जो कि अयोध्या में विवादित स्थल पर खींची जानी कही है। जिसमें जोशी को तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह व अन्य के साथ खड़े होना बताया जाता है के बारे में पूछे जाने पर जोशी ने कहा कि फोटो गलत है और फोटो के साथ कोई निगेटिव दाखिल नहीं किया गया है।

कल आडवाणी के बयान दर्ज होंगे

शुक्रवार को इस केस के अहम आरोपी पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जज एसके यादव की अदालत में बयान दर्ज कराएंगे।

ढांचा ढहाने के मामले में 1992 में एफआईआर हुई थी

अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाने के मामले में 6 दिसंबर 1992 को थाना राम जन्मभूमि में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इस मामले में सीबीआई ने जांच करते हुए 49 आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। इनमें 17 आरोपियों की मौत हो चुकी है। सभी गवाहों के बयान के बाद अभियुक्तों को अपनी सफाई पेश करने का मौका दिया जा रहा है। इसके बाद सीबीआई और अभियुक्तों के वकीलों के बीच बहस होगी। उसके बाद अदालत अपना फैसला सुनाएगी।

आडवाणी समेत 13 नेताओं के खिलाफ चार्जशीट दाखिल है

6 दिसंबर 1992 को कारसेवकों ने अयोध्या में बाबरी में विवादित मस्जिद के ढांचे को गिरा दिया था। इसमें भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, उमा भारती, यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, अशोक सिंघल, डॉ. मुरली मनोहर जोशी, विनय कटियार, साध्वी ऋतंभरा समेत 13 नेताओं के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सुनवाई हो रही

सुप्रीम कोर्ट ने 8 मई को सीबीआई की विशेष अदालत को 31 अगस्त तक केस की सुनवाई पूरी करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाहों के बयान दर्ज करने का भी आदेश दिया था।

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