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शहीद रवि सिंह पंचतत्व में विलीन, अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

मिर्जापुर। जम्मू-कश्मीर के बारामुला में आतंकवादियों से मुठभेड़ में मिर्जापुर के शहीद जवान रवि सिंह का पार्थिव शरीर आज उनके पैतृक गांव लाया गया। यहां रामलीला मैदान में अंतिम संस्कार किया गया। पिता संजय सिंह ने अपने इकलौते बेटे की चिता को मुखाग्नि दी। इससे रवि सिंह की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। तिरंगा लहराते लोगों का करीब पांच किलोमीटर लंबा काफिला लगा रहा। पुष्पवर्षा कर नम आंखों से लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। सेना के जवानों ने अंतिम सलामी दी।

तीन दिनों से अपने इकलौते बेटे की शहादत की खबर से गमगीन और हर्षित मां-बाप का कलेजा बेटे का शव देख कर फट पड़ा। करीब दो साल पूर्व विवाह कर आयी प्रियंका की तो दुनिया ही उजड़ गई थी। पति का शव देख कर वह बिलख पड़ी। परिवार के करुण क्रंदन से सभी की आंखें नम हो उठीं। इस दौरान लोग भारत माता की जयघोष कर रहे थे। लोग जब तक सूरज चांद रहेगा, रवि सिंह का नाम रहेगा और रवि सिंह अमर रहें के नारे लगा रहे थे। शहीद के अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ के चलते गौरा गांव जाने वाली डगर छोटी पड़ गई। जो लोग भीड़ को देखते हुए उनके घर तक नहीं पहुंच पाए, उन्होंने जहां तक जाने का मौका मिला वहीं पर गौरा की पावन धरती को नमन कर लौट गए।

2013 में मिली थी नौकरी

जिगना थाना क्षेत्र के गौरा गांव के रहने वाले किसान संजय सिंह का तीन संतानों में रवि सिंह इकलौता बेटा था। संजय की तमन्ना थी कि उनका बेटा सेना में जाए। रवि ने मात्र 18 साल की उम्र में ही पिता के सपने को साकार कर दिखाया। 2013 में मध्य प्रदेश के जबलपुर में ग्रेनेडियर रेजीमेंट में रवि सिंह गांव के ही तीन अन्य साथियों के साथ भर्ती हुए थे। फिलहाल 29 आरआर 13 ग्रेनेडियर रेजीमेंट पटन श्रीनगर में ड्यूटी पर तैनात थे। सोमवार की देर रात आतंकवादियों से मुठभेड़ में बेटे के शहीद की खबर मिलते ही पूरे इलाके में मातम पसर गया।

देश सेवा की धुन थी, ईश्वर ने सुन ली

पिता संजय ने कहा कि मेरा बेटा देश के लिए शहीद हो गया। आखिरी बार दो दिन पहले बात हुई थी। कहा था कि अक्टूबर में आउंगा। दो माह की छुट्टी लेकर आऊंगा। दिवाली हम सब साथ मिलकर मनाएंगे। बेटे ने कहा था कि वह देश की सेवा में जीवन बिताएगा, ईश्वर ने उसकी सुन ली। बेटे की शहादत से गौरवान्वित हूं। लेकिन इस बात का मलाल भी है कि काश एक और बेटा होता तो उसे भी सेना में भेज देता। शासन कहे तो मैं खुद सीमा पर तैनात होने के लिए तैयार हूं।

शहीद के गांव का होगा विकास

प्रदेश के वैकल्पिक ऊर्जा राज्यमंत्री रमाशंकर सिंह पटेल ने परिवार के बीच पहुंचकर सांत्वना दी। कहा कि, मुख्यमंत्री के आदेश पर उपस्थित हुआ हूं। अमर शहीद के गांव का विकास और परिवार की मदद में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल ने बताया कि परिवार की आर्थिक मदद कर दी गई है । परिवार के एक सदस्य को नौकरी और अन्य शेष कार्यों पर काम किया जा रहा है।

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