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यूपी में पूर्व विधायक की मॉब-लिंचिंग, लखीमपुर खीरी में जमीनी विवाद में पूर्व एमएलए को पीट-पीटकर मार डाला

यूपी में पूर्व विधायक की मॉब-लिंचिंग, लखीमपुर खीरी में जमीनी विवाद में पूर्व एमएलए को पीट-पीटकर मार डाला
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लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में दुस्साहसिक मामला सामने आया है। यहां निघासन विधान सभा सीट से दो बार निर्दलीय और एक बार समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधायक रहे निर्वेंद्र कुमार मिश्रा उर्फ मुन्ना की रविवार को दबंगों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। वे 75 साल के थे। दबंगों की पिटाई से उनके बेटे की भी गहरी चोटें आई हैं। मामला तहसील पलिया के त्रिकोलिया पढुआ की है। इस घटना से लोगों में आक्रोश है। संपूर्णा नगर चौराहे पर शव रखकर प्रदर्शन की तैयारी शुरू हो गई है। सूचना पाकर पुलिस फोर्स पहुंची है।

वहीं, एसपी सतेंद्र कुमार ने घटना के बाद सफाई देते हुए कहा कि विवाद के दौरान गिरने से पूर्व विधायक की मौत हुई है। इससे पहले पूर्व विधायक और उनके बेटे को शांतिभंग की कार्रवाई भी हो चुकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों की पुष्टि हो जाएगी।

संपूर्णानगर थाना क्षेत्र में त्रिकोलिया पढुआ बस अड्डे के पास मेन रोड पर एक जमीन है। जिस पर समीर गुप्ता पुत्र किशन कुमार गुप्ता और पूर्व विधायक निर्वेंद्र के बीच कब्जे को लेकर विवाद है। जानकारी के अनुसार मामला न्यायालय में विचाराधीन है। विवादित जमीन पर विपक्षी किशन कुमार गुप्ता रविवार को सैकड़ों लोगों के साथ कब्जा करने पहुंच गए। यह देख पूर्व विधायक भी अपने लोगों के साथ मौके पर पहुंचे। आरोप है कि कब्जा रोकने के लिए दबंगों ने पूर्व विधायक की लात-घूंसों से पिटाई कर दी। बचाव में दौड़े पूर्व विधायक के बेटे संजीव कुमार को पीटा गया। इससे दोनों की हालत बिगड़ गई।

परिवार वालों ने दोनों को वाहन पर लादकर अस्पताल पहुंचाया। लेकिन, रास्ते में पूर्व विधायक की मौत हो गई। जबकि, संजीव को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। परिवार का आरोप है कि विपक्षीगण सैकड़ों हथियार से लैस लोगों को लेकर आए थे। इस घटना को पुलिस की मिलीभगत से आरोपियों ने अंजाम दी है।

तीन बार क्षेत्र का किया नेतृत्व

10वीं से 12 विधानसभा में निर्वेंद्र मिश्र साल 1989 से 1993 तक तीन बार विधायक रहे। साल 1989 में पहली बार निर्दलीय चुनाव जीता था। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी निर्दलीय चुनाव जीता, वहीं, 1993 के चुनाव में सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी।

एएसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मौके पर शांति है। मैं खुद घटनास्थल पर जा रहा हूं। परिवार वालों से बात कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

एसपी सतेंद्र कुमार ने बताया कि, निर्वेन्द्र उर्फ मुन्ना और समीर गुप्ता पुत्र किशन लाल गुप्ता व राधेश्याम गुप्ता के बीच विवादित जमीन के कब्जे को लेकर वाद विवाद हुआ था। विवाद के दौरान निर्वेन्द्र मिश्रा गिर गए थे, उन्हें सीएचसी अस्पताल ले जाया गया। जहां उनकी मौत हो गई। विवादित जमीन समीर गुप्ता के नाम से थी, जिसके कब्जे को लेकर निर्वेन्द्र मिश्रा द्वारा विरोध किया जा रहा था। निर्वेंद्र मिश्रा व उनके पुत्र के खिलाफ पूर्व में 107/116 सीआरपीसी की कार्रवाई भी की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

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